By: Vikash, Mala Mandal
डीजी गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा एम.एस. भाटिया ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात, अग्नि सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर
रांची। राजधानी रांची स्थित कांके रोड के मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आज एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से पुलिस महानिदेशक (डीजी) गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा श्री एम.एस. भाटिया ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान ‘अग्निशमन सेवा सप्ताह’ के अवसर पर डीजी भाटिया ने मुख्यमंत्री को अग्निशमन सेवा का प्रतीक बैज लगाकर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया।

यह मुलाकात न केवल औपचारिक थी, बल्कि राज्य में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आम लोगों के बीच जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अग्निशमन विभाग की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि आग जैसी आपदाओं से निपटने में यह विभाग हमेशा तत्पर रहता है और लोगों की जान-माल की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि ‘अग्निशमन सेवा सप्ताह’ केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि यह लोगों को आग से बचाव और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस सप्ताह के दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को आग से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाए।
डीजी एम.एस. भाटिया ने मुख्यमंत्री को जानकारी देते हुए बताया कि ‘अग्निशमन सेवा सप्ताह’ के तहत पूरे राज्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें मॉक ड्रिल, जागरूकता रैली, स्कूल-कॉलेजों में प्रशिक्षण कार्यक्रम और औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा अभ्यास शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों को आग लगने की स्थिति में सही प्रतिक्रिया देने के लिए प्रशिक्षित करना है।

भाटिया ने कहा कि अक्सर छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़े हादसों का कारण बन जाती हैं, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने और सुरक्षा मानकों का पालन करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग लगातार आधुनिक उपकरणों और तकनीकों से खुद को अपडेट कर रहा है ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अग्निशमन कर्मियों के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि ये जवान अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अग्निशमन सेवा को और अधिक मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, जिसमें संसाधनों की उपलब्धता और प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अग्निशमन सेवा सप्ताह के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा भी प्रस्तुत की। इसमें विशेष रूप से स्कूलों में बच्चों को आग से बचाव के उपाय सिखाने, घरों में सुरक्षित गैस सिलेंडर उपयोग, बिजली के उपकरणों के सही इस्तेमाल और आपातकालीन नंबरों की जानकारी देने जैसे विषय शामिल हैं।

राज्य में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और औद्योगिकीकरण के बीच अग्नि सुरक्षा की आवश्यकता और भी बढ़ गई है। ऐसे में ‘अग्निशमन सेवा सप्ताह’ जैसे आयोजन लोगों को सतर्क और जागरूक बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग समय रहते सावधानी बरतें और सुरक्षा नियमों का पालन करें, तो अधिकांश आगजनी की घटनाओं को रोका जा सकता है।

अंत में मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से अपील की कि वे अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत अग्निशमन विभाग से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि जागरूक नागरिक ही सुरक्षित समाज का निर्माण कर सकते हैं।

