By: Vikash, Mala Mandal
रांची/पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। इस राजनीतिक घटनाक्रम पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें बधाई दी है, साथ ही बिहार की राजनीति और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी टिप्पणी की है।

दरअसल, सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल 2026 को बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। वह राज्य के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बने हैं जो सीधे तौर पर भाजपा से आते हैं। यह बदलाव उस समय हुआ जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा जाने का फैसला किया। इस राजनीतिक परिवर्तन के बाद पूरे देश में सियासी हलचल तेज हो गई है।

इसी क्रम में झारखंड सरकार में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बिहार में नई सरकार जनता के हित में काम करेगी। उन्होंने इसे लोकतंत्र की प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए कहा कि नेतृत्व परिवर्तन से विकास की दिशा में नए अवसर पैदा होते हैं।
हालांकि, बधाई देने के साथ ही इरफान अंसारी ने बिहार की राजनीति पर तीखा सवाल भी उठाया। उन्होंने कहा कि अगर कभी उनकी मुलाकात सम्राट चौधरी से होती है, तो वह जरूर पूछेंगे कि आखिर नीतीश कुमार का राजनीतिक पतन कैसे हुआ। अंसारी का यह बयान अब सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

इरफान अंसारी ने कहा कि बिहार जैसे बड़े राज्य को संभालना आसान नहीं है और मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी के सामने कई चुनौतियां होंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई सरकार बेरोजगारी, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे मुद्दों पर ध्यान देगी।
गौरतलब है कि इरफान अंसारी झारखंड के एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हैं और वर्तमान में राज्य सरकार में महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वह जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र से लगातार निर्वाचित होते रहे हैं और राज्य की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

बिहार में सत्ता परिवर्तन के इस घटनाक्रम को 2026 के लोकसभा और आगामी विधानसभा चुनावों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार बनने से राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने से भाजपा को बिहार में संगठनात्मक मजबूती मिलेगी। वहीं विपक्षी दल इस बदलाव को लेकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं और इसे राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बता रहे हैं।
इधर, झारखंड और बिहार के बीच राजनीतिक संबंधों पर भी इस घटनाक्रम का असर देखने को मिल सकता है। दोनों राज्यों के नेता एक-दूसरे के फैसलों पर नजर बनाए हुए हैं और आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह बदलाव क्षेत्रीय राजनीति को किस दिशा में ले जाता है।

सम्राट चौधरी के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य में विकास कार्यों को गति देना, कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना होगा। वहीं, विपक्ष भी उनकी हर नीति और फैसले पर पैनी नजर रखेगा।

कुल मिलाकर, बिहार में मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी का कार्यकाल कई मायनों में अहम साबित हो सकता है। झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी की प्रतिक्रिया ने इस सियासी बदलाव को और चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि नई सरकार जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाती है।

