By: Vikash, Mala Mandal
देवघर नगर निगम क्षेत्र में लगातार बढ़ रही बिजली समस्याओं को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर सख्ती देखने को मिल रही है। नगर निगम के मेयर रवि कुमार राउत ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के प्रबंध निदेशक को एक आधिकारिक पत्र भेजकर शहरवासियों को हो रही परेशानियों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की है। इस पत्र में मेयर ने विशेष रूप से अधिक बिजली बिल, अधोसंरचना की कमी और विभागीय लापरवाही जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है।

मेयर द्वारा 16 अप्रैल 2026 को जारी इस पत्र में कहा गया है कि देवघर नगर निगम क्षेत्र में उपभोक्ताओं के बिजली बिल उपयोग के अनुपात से काफी अधिक आ रहे हैं। इसको लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं, जिससे आम जनता को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए विशेष कैंप लगाकर उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निपटारा किया जाना चाहिए।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि देवघर एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में शहर का निरंतर विस्तार हो रहा है और नए-नए आवासीय क्षेत्र विकसित हो रहे हैं। इन क्षेत्रों में अभी भी बिजली की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिससे लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
मेयर रवि कुमार राउत ने JBVNL को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में नए मकान बन रहे हैं, वहां तत्काल सर्वे कराकर नए पोल, तार और ट्रांसफार्मर लगाए जाएं। साथ ही नए उपभोक्ताओं को शीघ्र बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए, ताकि शहर का विकास बाधित न हो।

इसके अलावा पत्र में बिजली विभाग के अभियंताओं और कर्मियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया गया है। मेयर ने कहा कि विभाग के कुछ अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन सही ढंग से नहीं कर रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि अगर जल्द सुधार नहीं किया गया तो विभाग की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
इस पूरे मामले में मेयर ने JBVNL से अपेक्षा की है कि वह एक ठोस कार्ययोजना बनाकर जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि नियमित मॉनिटरिंग और शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याएं उत्पन्न न हों।

देवघर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल में बिजली व्यवस्था का सुचारू होना अत्यंत आवश्यक है। खासकर श्रावणी मेला और अन्य बड़े आयोजनों के दौरान शहर में बिजली की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में यदि पहले से ही व्यवस्था सुदृढ़ नहीं की गई, तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने भी मेयर की इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से वे बिजली बिल की गड़बड़ी और अनियमित सप्लाई से परेशान थे, लेकिन अब उन्हें उम्मीद है कि इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

बिजली समस्या केवल तकनीकी मुद्दा नहीं बल्कि यह आम लोगों के दैनिक जीवन से जुड़ा हुआ विषय है। इससे शिक्षा, व्यवसाय, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक गतिविधियां प्रभावित होती हैं। इसलिए इस पर गंभीरता से ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है।

अब देखना यह होगा कि JBVNL इस पत्र पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और देवघर के लोगों को कब तक इस समस्या से राहत मिलती है। फिलहाल, मेयर की इस पहल ने शहर में एक नई उम्मीद जरूर जगा दी है।

