By: Vikash, Mala Mandal
नई दिल्ली: देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक बड़ा विमान हादसा टल गया। मंगलवार को ग्राउंड मूवमेंट के दौरान दो विमानों के पंख आपस में टकरा गए। इस घटना में स्पाइसजेट और अकासा एयर के विमान शामिल थे। हालांकि इस टक्कर में किसी यात्री या क्रू मेंबर को चोट नहीं आई, लेकिन दोनों विमानों को हल्का नुकसान पहुंचा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब स्पाइसजेट का विमान टैक्सींग कर रहा था। इसी दौरान उसका विंगटिप अकासा एयर के एक खड़े विमान के विंग से टकरा गया। बताया जा रहा है कि अकासा एयर का विमान उस समय पार्किंग बे में स्थिर अवस्था में खड़ा था।
एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों ने बताया कि यह टक्कर काफी मामूली थी, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। घटना के तुरंत बाद दोनों विमानों को संचालन से हटा दिया गया और तकनीकी जांच के लिए भेज दिया गया। एयरपोर्ट संचालन पर इस घटना का कोई बड़ा असर नहीं पड़ा और अन्य उड़ानें सामान्य रूप से जारी रहीं।

DGCA ने शुरू की जांच
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। DGCA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला ग्राउंड हैंडलिंग और कोऑर्डिनेशन से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। हालांकि, विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। DGCA यह भी जांच कर रहा है कि क्या टैक्सींग के दौरान निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन किया गया था या नहीं। इसके साथ ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और ग्राउंड स्टाफ की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।

एयरलाइंस का बयान
स्पाइसजेट और अकासा एयर दोनों ने इस घटना को लेकर बयान जारी किया है। स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने कहा कि विमान टैक्सींग के दौरान मामूली संपर्क हुआ है और सभी यात्री सुरक्षित हैं। वहीं अकासा एयर ने भी पुष्टि की है कि उनके विमान को हल्का नुकसान हुआ है और तकनीकी जांच के बाद ही उसे दोबारा सेवा में लगाया जाएगा। दोनों एयरलाइंस ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

यात्रियों में दहशत, लेकिन स्थिति नियंत्रण में
हालांकि यह टक्कर रनवे पर नहीं बल्कि ग्राउंड एरिया में हुई, फिर भी इस खबर से यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया और यात्रियों को आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई है।एयरपोर्ट पर मौजूद एक यात्री ने बताया कि अचानक हल्की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद कुछ देर के लिए हलचल मच गई। हालांकि बाद में अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट कर दी और सभी को सुरक्षित बताया।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं दुर्लभ होती हैं, लेकिन पूरी तरह से असंभव नहीं हैं। बड़े और व्यस्त हवाई अड्डों पर ग्राउंड मूवमेंट के दौरान अत्यधिक सतर्कता की आवश्यकता होती है। छोटी सी चूक भी इस तरह की घटनाओं को जन्म दे सकती है। पिछले कुछ वर्षों में देश और विदेश में इस तरह की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें ग्राउंड हैंडलिंग की त्रुटियों के कारण विमानों को नुकसान पहुंचा है।

सुरक्षा मानकों पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर एयरपोर्ट सुरक्षा मानकों और ग्राउंड ऑपरेशन की प्रक्रियाओं पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए बेहतर समन्वय और तकनीकी निगरानी की आवश्यकता है। एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरलाइंस को मिलकर ऐसे प्रोटोकॉल तैयार करने होंगे, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई यह घटना भले ही मामूली रही हो, लेकिन इसने एक बड़े हादसे की संभावना को उजागर कर दिया है। समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया, जिससे किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। अब सभी की नजर DGCA की जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे इस घटना के असली कारणों का पता चल सकेगा।

