By:Vikash kumar (Vicky)

झारखंड सरकार ने एक बड़े प्रशासनिक फैसले के तहत राज्य पुलिस महकमे में व्यापक फेरबदल करते हुए 46 आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। शुक्रवार देर रात जारी अधिसूचना में एडीजी से लेकर एएसपी स्तर तक के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस बड़े बदलाव के तहत राज्य के करीब 16 जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) बदले गए हैं, जिससे कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
इस फेरबदल में देवघर, हजारीबाग, बोकारो, पलामू, सरायकेला-खरसावां सहित कई जिलों में नए पुलिस कप्तानों की नियुक्ति की गई है। अधिकारियों के इस व्यापक तबादले से प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है।

देवघर में नया नेतृत्व
देवघर जिले की बात करें तो यहां के एसपी सौरभ को हटाकर विशेष शाखा में भेजा गया है, जबकि रांची ग्रामीण के एसपी प्रवीण पुष्कर को देवघर का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। यह बदलाव जिले की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।

इन जिलों में बदले गए SP
सरकार द्वारा जारी सूची के अनुसार सरायकेला-खरसावां में निधि द्विवेदी को नया एसपी बनाया गया है, जबकि गढ़वा में आशुतोष शेखर को जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा हजारीबाग में अमन कुमार, पलामू में कपिल चौधरी, बोकारो में नाथू सिंह मीणा और जामताड़ा में शंभू सिंह को नया एसपी नियुक्त किया गया है।
धनबाद ग्रामीण में मोहम्मद याकूब को एसपी बनाया गया है, वहीं रामगढ़, पाकुड़, चतरा समेत कई जिलों में भी नए पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है।

वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार
इस फेरबदल में कई वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। एडीजी सीआईडी मनोज कौशिक को एडीजी मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जबकि पंकज कंबोज को आईजी मानवाधिकार का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है।
इसके अलावा आईजी स्तर पर भी कई बदलाव किए गए हैं। नरेंद्र कुमार सिंह को पलामू जोन का आईजी बनाया गया है, जबकि माइकल राज एस को रेल आईजी की जिम्मेदारी दी गई है।

युवा अधिकारियों को भी मौका
इस बड़े प्रशासनिक बदलाव में कई युवा आईपीएस अधिकारियों को पहली बार महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। कई अधिकारियों को एसडीपीओ और एएसपी के रूप में नियुक्त किया गया है, जिससे प्रशासन में नई ऊर्जा और कार्यक्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
सरकार का उद्देश्य
राज्य सरकार का कहना है कि यह बदलाव प्रशासनिक संतुलन और बेहतर कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। हाल के दिनों में बढ़ती चुनौतियों और अपराध नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े स्तर के फेरबदल से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार आता है और अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ती है। साथ ही नए जिलों में पोस्टिंग से अधिकारी अपने अनुभव का बेहतर उपयोग कर पाते हैं।
IAS-IPS में संयुक्त फेरबदल
गौरतलब है कि इससे पहले झारखंड में 17 आईएएस अधिकारियों का भी तबादला किया गया था। इस तरह कुल मिलाकर 60 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों के ट्रांसफर से राज्य में प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
झारखंड में 46 आईपीएस अधिकारियों का यह तबादला हाल के वर्षों का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है। इससे राज्य की पुलिस व्यवस्था में नई गति आने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि नए पदस्थापित अधिकारी अपने-अपने जिलों में कानून-व्यवस्था को किस तरह मजबूत करते हैं और जनता को बेहतर सुरक्षा उपलब्ध कराते हैं।

