By: Vikash, Mala Mandal
देवघर: झारखंड के देवघर जिले के लिए गर्व का क्षण तब देखने को मिला जब हाल ही में धनबाद में आयोजित अंडर-17 राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उपविजेता स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली पहलवानों को सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह का आयोजन बड़े ही गरिमामय वातावरण में किया गया, जहां मुख्य अतिथि के रूप में उमाशंकर सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

यह कार्यक्रम न केवल खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र में खेल भावना को बढ़ावा देने का संदेश भी दिया। समारोह में मौजूद लोगों ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके समर्पण और मेहनत को प्रेरणास्रोत बताया।
कठिन परिश्रम और अनुशासन का परिणाम
अपने संबोधन में उमाशंकर सिंह ने कहा कि इन युवा पहलवानों ने जिस तरह कठिन परिश्रम, अनुशासन और लगन के साथ यह उपलब्धि हासिल की है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इस तरह की सफलता किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होती, बल्कि इसके पीछे वर्षों की मेहनत और संघर्ष छिपा होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि देवघर के इन खिलाड़ियों ने पूरे जिले का नाम राज्य स्तर पर रोशन किया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उदाहरण है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे खेल को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और अनुशासन के साथ आगे बढ़ें।

खेल से होता है सर्वांगीण विकास
उमाशंकर सिंह ने अपने भाषण में खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक मजबूती ही नहीं देते, बल्कि मानसिक विकास, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि जो युवा खेलों से जुड़े होते हैं, वे जीवन में अधिक अनुशासित और लक्ष्य के प्रति समर्पित होते हैं।
उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएं और देश का नाम रोशन करें। उन्होंने भरोसा जताया कि अगर इसी तरह मेहनत जारी रही तो ये खिलाड़ी आने वाले समय में बड़े मंच पर सफलता हासिल करेंगे।

समाज और प्रशासन की भूमिका अहम
कार्यक्रम के दौरान उमाशंकर सिंह ने समाज और प्रशासन से भी अपील की कि ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि कई बार संसाधनों की कमी के कारण प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पातीं, इसलिए जरूरी है कि उन्हें उचित प्रशिक्षण, सुविधाएं और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि यदि सही दिशा और समर्थन मिले तो ये खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी आग्रह किया कि वे खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने में सहयोग करें।

गणमान्य लोगों की उपस्थिति
इस अवसर पर कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में संजीव कुमार झा, मुकेश सिंह, रूपेश सिंह, रविन्द्र, विक्कू सिंह, पंचानंद यादव एवं गुज्जा रमानी सहित अन्य लोगों ने भाग लिया। सभी अतिथियों ने खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

खिलाड़ियों में दिखा उत्साह
सम्मान प्राप्त करने के बाद खिलाड़ियों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि इस तरह का सम्मान उन्हें आगे और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता है। खिलाड़ियों ने अपने कोच और परिवार के सदस्यों का भी धन्यवाद किया, जिनके सहयोग से वे इस मुकाम तक पहुंच सके।

भविष्य के लिए नई उम्मीदें
कार्यक्रम के अंत में सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी गईं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। आयोजकों ने कहा कि आगे भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलता रहे।
देवघर के इन युवा पहलवानों की सफलता यह साबित करती है कि यदि सही दिशा, मेहनत और समर्थन मिले तो छोटे शहरों के खिलाड़ी भी बड़े मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं। यह उपलब्धि न केवल खिलाड़ियों के लिए, बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है।

