By:Vikash, Mala Mandal
राजधानी रांची स्थित लोक भवन में आज एक महत्वपूर्ण संवैधानिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें झारखंड उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार गुप्ता ने राज्य के नए लोकायुक्त के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। इस गरिमामय समारोह में झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री Hemant Soren भी उपस्थित रहे और इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।

इस अवसर पर झारखंड के माननीय राज्यपाल Santosh Kumar Gangwar ने लोक भवन में आयोजित समारोह के दौरान न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार गुप्ता को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह आयोजन न केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि राज्य में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने लोकायुक्त के रूप में नियुक्त न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार गुप्ता को बधाई दी और उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकायुक्त जैसी संवैधानिक संस्था राज्य में सुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए लोकायुक्त राज्य के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक पारदर्शी एवं उत्तरदायी बनाने में योगदान देंगे।

समारोह के उपरांत राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने संयुक्त रूप से नव-नियुक्त लोकायुक्त को शुभकामनाएं दीं। दोनों ने विश्वास व्यक्त किया कि न्यायमूर्ति गुप्ता अपने अनुभव और न्यायिक ज्ञान के आधार पर इस जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा और निष्पक्षता के साथ करेंगे।
इस अवसर पर राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहे, जिनमें मंत्री Radha Krishna Kishore और मंत्री Deepika Pandey Singh प्रमुख रूप से शामिल थीं। इनके अलावा कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, न्यायिक क्षेत्र से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तित्व तथा गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान लोकायुक्त संस्था के महत्व पर भी चर्चा की गई। लोकायुक्त एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था होती है, जिसका मुख्य उद्देश्य सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करना और जनता के हितों की रक्षा करना है। झारखंड जैसे राज्य में, जहां प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही की आवश्यकता लगातार महसूस की जाती रही है, वहां लोकायुक्त की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।

न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार गुप्ता के पास न्यायिक क्षेत्र में वर्षों का अनुभव है। झारखंड उच्च न्यायालय में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की और न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उनके इस अनुभव को देखते हुए यह उम्मीद की जा रही है कि वे लोकायुक्त के रूप में भी राज्य में न्याय और पारदर्शिता को बढ़ावा देंगे।

इस आयोजन ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि राज्य सरकार प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता को लेकर गंभीर है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार लोकायुक्त संस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियुक्ति से राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को और गति मिलेगी।
कार्यक्रम का समापन औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित सभी अतिथियों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया गया। पूरे आयोजन में गरिमा, अनुशासन और संवैधानिक मूल्यों की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

