By: Vikash, Mala Mandal
अप्रैल का महीना अपने अंतिम चरण में है और गर्मी लगातार रिकॉर्ड तोड़ रही है। तापमान में हो रही बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ता है, खासकर उन बच्चों पर जो रोजाना स्कूल जाते हैं। तेज धूप, गर्म हवाएं और उमस भरा मौसम बच्चों के लिए लू यानी हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा देता है। ऐसे में माता-पिता की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे अपने बच्चों को सुरक्षित रखें और उन्हें इस भीषण गर्मी से बचाने के लिए जरूरी सावधानियां अपनाएं।

हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान अचानक बढ़ जाता है और शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता। छोटे बच्चों में यह खतरा ज्यादा होता है क्योंकि उनका शरीर तापमान को नियंत्रित करने में कमजोर होता है। इसलिए जरूरी है कि समय रहते सही कदम उठाए जाएं।
बच्चों को हाइड्रेटेड रखना है सबसे जरूरी
गर्मी के मौसम में बच्चों को बार-बार पानी पिलाना बेहद जरूरी है। केवल पानी ही नहीं, बल्कि नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और फलों का जूस भी उन्हें देते रहें। स्कूल जाते समय उनके बैग में पानी की बोतल जरूर रखें और उन्हें बीच-बीच में पानी पीने की आदत डालें।

हल्के और सूती कपड़े पहनाएं
बच्चों को हमेशा हल्के रंग के और ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनाएं। इससे शरीर को ठंडक मिलती है और पसीना जल्दी सूखता है, जिससे शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है। गहरे रंग के कपड़े गर्मी को ज्यादा आकर्षित करते हैं, इसलिए उनसे बचें।

धूप से बचाव के उपाय अपनाएं
स्कूल जाते समय बच्चों को टोपी, कैप या छाता जरूर दें। अगर संभव हो तो उन्हें धूप के तेज समय यानी दोपहर में बाहर निकलने से बचाएं। आंखों की सुरक्षा के लिए सनग्लासेस भी उपयोगी हो सकते हैं।

खानपान पर दें विशेष ध्यान
गर्मी में बच्चों का खानपान हल्का और पौष्टिक होना चाहिए। उन्हें ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना देने से बचें। फल जैसे तरबूज, खरबूजा, खीरा और संतरा शरीर को ठंडा रखते हैं और पानी की कमी को पूरा करते हैं।
लक्षणों को पहचानना है जरूरी
अगर बच्चे को तेज सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी या तेज बुखार जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह लू के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में तुरंत बच्चे को ठंडी जगह पर ले जाएं, शरीर को ठंडा करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

स्कूल टाइमिंग और रूटीन पर रखें नजर
गर्मी के मौसम में कई स्कूल अपने समय में बदलाव करते हैं, लेकिन फिर भी बच्चों के बाहर रहने का समय कम से कम रखने की कोशिश करें। घर लौटने के बाद बच्चे को आराम करने दें और तुरंत ठंडा पानी पीने से बचाएं।
सनस्क्रीन और स्किन केयर भी है जरूरी
बच्चों की त्वचा बहुत संवेदनशील होती है, इसलिए बाहर निकलने से पहले हल्का सनस्क्रीन लगाना फायदेमंद हो सकता है। इससे त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाया जा सकता है।

गर्मी के इस मौसम में थोड़ी सी सावधानी बच्चों को बड़ी परेशानी से बचा सकती है। सही खानपान, पर्याप्त पानी और धूप से बचाव के उपाय अपनाकर आप अपने बच्चों को लू और हीट स्ट्रोक से सुरक्षित रख सकते हैं। माता-पिता की जागरूकता ही बच्चों की सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए तैयार किया गया है। इसमें बताए गए उपाय घरेलू और सामान्य सावधानियों पर आधारित हैं। किसी भी प्रकार की गंभीर समस्या या लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

