By: Mala Mandal
देवघर जिले के बुढ़ई थाना क्षेत्र अंतर्गत जगदीशपुर-धमनी मार्ग पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन का खलासी घायल हो गया। यह हादसा जगदीशपुर हटिया के समीप उस समय हुआ जब लोहे का सरिया लादकर धमनी की ओर जा रहा एक ट्रक सड़क के बीच स्थित पुराने इमली के पेड़ से जा टकराया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए।

जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त ट्रक पश्चिम बंगाल नंबर WB 37 M 5734 का बताया जा रहा है। ट्रक में लोहे का सरिया लदा हुआ था और वह निर्धारित मार्ग से होकर आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान अचानक वाहन अनियंत्रित होकर सड़क के बीच स्थित इमली के पेड़ से जा भिड़ा।
टक्कर इतनी तेज कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। जोरदार टक्कर के कारण चालक केबिन के अंदर बुरी तरह फंस गया। स्थानीय लोगों ने चालक को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हादसे में घायल हुए खलासी को स्थानीय लोगों की सहायता से तुरंत इलाज के लिए भेजा गया। उसकी स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

मृतक चालक की पहचान बिहार के श्रीकांत यादव के रूप में
पुलिस और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक चालक की पहचान बिहार के शेखपुरा निवासी श्रीकांत यादव के रूप में की गई है। हादसे की सूचना मिलते ही उनके परिजनों को भी इसकी जानकारी दे दी गई। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और संवेदनशील स्थानों पर मौजूद संभावित खतरों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलने के बाद बुढ़ई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को वाहन से बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके साथ ही दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को सड़क से हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई ताकि यातायात सामान्य किया जा सके। कुछ समय तक मार्ग पर आवागमन प्रभावित रहा।

सड़क के बीच खड़ा इमली का पेड़ बना चर्चा का विषय
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के बीच स्थित यह पुराना इमली का पेड़ लंबे समय से दुर्घटनाओं का कारण बनता रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार संबंधित विभाग को इस संबंध में जानकारी दी गई और सड़क को सुरक्षित बनाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाए गए होते तो शायद इस तरह की घटना टाली जा सकती थी।

सड़क सुरक्षा को लेकर उठे कई सवाल
इस दुर्घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि जिन सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही होती है, वहां संभावित खतरों की पहचान और उनका समाधान समय पर क्यों नहीं किया जाता।विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क के बीच या किनारे मौजूद बड़े अवरोध, खराब संकेतक, पर्याप्त रोशनी की कमी और तेज गति कई बार दुर्घटनाओं को और गंभीर बना देते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि दुर्घटना का कारण केवल सड़क की स्थिति थी या वाहन नियंत्रण, गति अथवा अन्य तकनीकी कारण भी जिम्मेदार रहे।
स्थानीय प्रशासन से लोगों ने मांग की है कि सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों को प्राथमिकता दी जाए ताकि भविष्य में किसी और परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े।

