By: Vikash, Mala Mandal
झारखंड के देवघर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर थाना की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनका उपयोग साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में साइबर थाना को सूचना मिली थी कि सारठ थाना क्षेत्र में कुछ संदिग्ध लोग ऑनलाइन ठगी की गतिविधियों में संलिप्त हैं। सूचना के आधार पर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया और छापेमारी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
फर्जी कस्टमर केयर बनकर करता था ठगी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसाता था। वह खुद को Flipkart, Amazon, PhonePe, Paytm, Airtel Payment Bank जैसी बड़ी कंपनियों का कस्टमर केयर अधिकारी बताता था। इसके लिए वह गूगल पर फर्जी मोबाइल नंबर अपलोड करता था, जिससे जरूरतमंद लोग सीधे उसके संपर्क में आ जाते थे। जब कोई व्यक्ति किसी समस्या के समाधान के लिए कॉल करता, तो आरोपी उसे भरोसे में लेकर कैशबैक, रिफंड या ऑफर का लालच देता था। इसके बाद वह उनसे OTP, बैंक डिटेल या अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर उनके खाते से पैसे निकाल लेता था।

गिफ्ट कार्ड और लिंक के जरिए ठगी
पुलिस के अनुसार आरोपी ठगी के लिए कई तरीके अपनाता था। वह खुद को PhonePe या Paytm का अधिकारी बताकर लोगों को कैशबैक देने का झांसा देता था और उनसे Gift Card खरीदवाकर उसे रिडीम करवा लेता था। इसके अलावा Airtel Thanks App के नाम पर भी लोगों को भ्रमित करता था और Airtel Payment Bank के कार्ड एक्टिवेशन के नाम पर ठगी करता था। इतना ही नहीं, आरोपी SBI Credit Card के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर भी लोगों को फंसाता था। लिंक पर क्लिक करते ही पीड़ित की जानकारी उसके पास पहुंच जाती थी और वह तुरंत खाते से पैसे निकाल लेता था।

बरामद सामान और जांच जारी
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं। इनकी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह अन्य राज्यों में भी सक्रिय हो सकता है और कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पहले भी साइबर अपराध के मामलों में संलिप्त रहा है और जेल जा चुका है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वह एक आदतन साइबर अपराधी है और लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील
देवघर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान नंबर से आए कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें। किसी भी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही प्राप्त करें।

कभी भी किसी को OTP, बैंक डिटेल या कार्ड की जानकारी साझा न करें। पुलिस ने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो वह तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करे या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराए।

साइबर अपराध पर सख्ती जारी
देवघर पुलिस द्वारा साइबर अपराध के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। हाल के दिनों में कई साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे इस तरह के अपराधों में कमी आने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि आने वाले समय में इस तरह के अभियान और तेज किए जाएंगे, ताकि साइबर अपराध पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।

