By: Vikash, Mala Mandal
देवघर जिले के बूढ़ेई थाना क्षेत्र अंतर्गत पिंडरा गांव से एक बेहद चिंताजनक और मानवीय संवेदना को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक व्यक्ति ने कर्ज और गंभीर बीमारी से तंग आकर विषपान कर लिया। घटना के बाद उसकी हालत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजनों ने उसे तत्काल इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिंडरा गांव निवासी मिराज (परिवर्तित नाम) लंबे समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। बीमारी के इलाज के लिए उसने भारी कर्ज ले रखा था। इलाज के सिलसिले में वह देश के बड़े अस्पतालों में भी जा चुका था, लेकिन पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो पाने के कारण मानसिक और आर्थिक रूप से वह लगातार दबाव में था।

घटना के संबंध में जानकारी देते हुए मिराज के भतीजे सज्जाद ने बताया कि उसके चाचा को कैंसर की बीमारी है और इस बीमारी के इलाज के लिए परिवार को काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इलाज के लिए पहले दिल्ली में बड़े अस्पताल में 24 अगस्त 2025 को उपचार कराया गया था। इसके बाद मार्च 2026 में मुंबई के एक कैंसर अस्पताल में भी इलाज कराया गया। इन दोनों जगहों पर इलाज के दौरान काफी अधिक खर्च हुआ, जिसके कारण परिवार को भारी कर्ज लेना पड़ा।
सज्जाद ने बताया कि इलाज के बावजूद मिराज की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा था। इससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगा था। एक तरफ बीमारी का दर्द और दूसरी तरफ कर्ज का बोझ, इन दोनों ने उसे पूरी तरह तोड़ दिया था। परिवार के लोग उसे लगातार समझाने और संभालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह अंदर ही अंदर तनाव में जी रहा था।

बताया जा रहा है कि इसी मानसिक तनाव के कारण उसने शनिवार को बाजार से जहर खरीद लिया और घर आकर उसका सेवन कर लिया। जहर खाने के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजनों ने जब उसकी हालत गंभीर देखी तो तुरंत उसे देवघर सदर अस्पताल लेकर पहुंचे।
सदर अस्पताल में ऑन ड्यूटी चिकित्सक ने तत्काल उसका प्राथमिक उपचार किया और स्थिति को देखते हुए उसे वार्ड में भर्ती कर लिया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, मरीज की हालत फिलहाल गंभीर बनी हुई है, हालांकि डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है और इलाज जारी है।

यह घटना न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी को दर्शाती है, बल्कि समाज के सामने कई बड़े सवाल भी खड़े करती है। गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च आज भी आम आदमी के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। सरकारी योजनाओं और सहायता के बावजूद कई लोग आर्थिक तंगी के कारण उचित इलाज नहीं करा पाते, जिससे उनकी स्थिति और भी खराब हो जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कैंसर जैसी बीमारियों का इलाज लंबे समय तक चलता है और इसमें लाखों रुपये खर्च होते हैं। ऐसे में यदि मरीज आर्थिक रूप से कमजोर हो, तो उस पर मानसिक दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। यही मानसिक दबाव कई बार व्यक्ति को ऐसे कदम उठाने के लिए मजबूर कर देता है।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। लोगों का कहना है कि सरकार और प्रशासन को ऐसे मरीजों के लिए विशेष सहायता योजना चलानी चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति आर्थिक तंगी के कारण अपनी जान लेने जैसा कदम न उठाए।
वहीं, सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि ऐसे मरीजों को मानसिक सहयोग देना भी बेहद जरूरी है। परिवार और समाज को मिलकर ऐसे लोगों का मनोबल बढ़ाना चाहिए, ताकि वे कठिन परिस्थितियों में भी उम्मीद न छोड़ें।

फिलहाल, अस्पताल में भर्ती मिराज का इलाज जारी है और परिवार वाले उसकी सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगले कुछ घंटे मरीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि हमें अपने समाज में स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूत बनाने की जरूरत है, साथ ही आर्थिक और मानसिक रूप से कमजोर लोगों के लिए ठोस सहायता प्रणाली तैयार करनी होगी, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

