By: Vikash, Mala Mandal
27 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इस दिन पवित्र मोहिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। सनातन धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष फलदायी माना गया है, और मोहिनी एकादशी का महत्व तो और भी अधिक बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है।

ऐसे पावन दिन पर पंचांग की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। पंचांग के माध्यम से हम तिथि, नक्षत्र, योग, करण के साथ-साथ दिन के शुभ और अशुभ समय जैसे अभिजीत मुहूर्त, राहुकाल और अन्य महत्वपूर्ण कालखंडों की जानकारी प्राप्त करते हैं। सही समय पर किया गया पूजा-पाठ और शुभ कार्य जीवन में सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जाता है। इसलिए यदि आप भी आज व्रत, पूजा या कोई महत्वपूर्ण कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले इस दिन का विस्तृत पंचांग अवश्य जान लें।

27 अप्रैल 2026 का पंचांग विवरण
तिथि
आज वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जो मोहिनी एकादशी के रूप में मनाई जा रही है। यह तिथि पूरे दिन प्रभावी रहने की संभावना है, जिससे व्रत और पूजा के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध रहेगा।
नक्षत्र
आज का नक्षत्र दिनभर शुभ प्रभाव देने वाला रहेगा, जिससे आध्यात्मिक कार्यों में मन लगेगा और पूजा का विशेष फल प्राप्त होगा।
योग
आज का योग सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला है। यह योग नए कार्यों की शुरुआत और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अनुकूल माना जाता है।

करण
आज का करण भी शुभ फल देने वाला रहेगा, जिससे दिनभर किए गए कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं।
अभिजीत मुहूर्त
आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर के समय पड़ने वाला है। यह समय अत्यंत शुभ माना जाता है और किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को शुरू करने के लिए उपयुक्त होता है। यदि आप कोई नया कार्य प्रारंभ करना चाहते हैं, तो इस समय का विशेष लाभ उठा सकते हैं।
राहुकाल
आज राहुकाल का समय दिन के मध्य भाग में पड़ सकता है। इस दौरान किसी भी शुभ कार्य को करने से बचने की सलाह दी जाती है। राहुकाल में किए गए कार्यों में बाधाएं आने की संभावना रहती है।

पूजा का शुभ समय
मोहिनी एकादशी के दिन प्रातःकाल स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। सुबह का समय पूजा के लिए सबसे उत्तम होता है। इसके अलावा संध्या समय भी पूजा-अर्चना और आरती के लिए अनुकूल रहेगा। व्रत रखने वाले श्रद्धालु पूरे दिन भगवान का ध्यान और भजन-कीर्तन करते हैं, जिससे उन्हें विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

मोहिनी एकादशी का महत्व
मोहिनी एकादशी का संबंध भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार से माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन व्रत रखने और कथा सुनने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है जो मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की कामना करते हैं।

आज के दिन क्या करें और क्या न करें
आज के दिन भगवान विष्णु का स्मरण करें, व्रत रखें और जरूरतमंद लोगों को दान दें। नकारात्मक विचारों से दूर रहें और किसी के साथ विवाद करने से बचें। सात्विक भोजन का सेवन करें और नियमों का पालन करें।
यह जानकारी सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। समय और फलादेश स्थान एवं परिस्थिति के अनुसार बदल सकते हैं। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

