By: Vikash, Mala Mandal
मोहिनी एकादशी का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाता है। वर्ष 2026 में यह शुभ व्रत 27 अप्रैल को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करने से व्यक्ति के जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है। खास बात यह है कि यदि इस दिन तुलसी से जुड़े कुछ सरल उपाय किए जाएं तो भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।

तुलसी को सनातन धर्म में बेहद पवित्र पौधा माना गया है और इसे माता लक्ष्मी का स्वरूप भी कहा जाता है। भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय है, इसलिए मोहिनी एकादशी के दिन तुलसी से जुड़े उपायों का विशेष महत्व बताया गया है। यदि आप अपने जीवन में खुशहाली, धन-धान्य और मानसिक शांति चाहते हैं, तो इन आसान उपायों को जरूर अपनाएं।

तुलसी पर जल अर्पित करें
मोहिनी एकादशी के दिन सुबह स्नान के बाद तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें। जल चढ़ाते समय भगवान विष्णु का स्मरण करें और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करें। माना जाता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और सुख-समृद्धि बढ़ती है।

तुलसी के पास दीपक जलाएं
शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है। यह उपाय घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और वातावरण को पवित्र बनाता है। साथ ही इससे माता लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहती है।

भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें
मोहिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल अवश्य अर्पित करें। बिना तुलसी के भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है। यह उपाय करने से भगवान जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

तुलसी की परिक्रमा करें
इस दिन तुलसी के पौधे की 7 या 11 बार परिक्रमा करना शुभ माना जाता है। परिक्रमा करते समय भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें। इससे जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और मानसिक शांति प्राप्त होती है।

मोहिनी एकादशी का दिन आत्मिक शुद्धि और भक्ति का प्रतीक है। इस दिन किए गए छोटे-छोटे उपाय भी बड़े फल प्रदान कर सकते हैं। यदि आप सच्चे मन और श्रद्धा के साथ इन उपायों को करते हैं, तो भगवान विष्णु की कृपा से आपके जीवन में खुशियों की बरसात हो सकती है।
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य परंपराओं पर आधारित है। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले अपनी आस्था और विवेक का उपयोग करें। परिणाम व्यक्ति विशेष के अनुसार भिन्न हो सकते हैं।

