By: Vikash, Mala Mandal
जसीडीह रेलवे स्टेशन परिसर में रविवार को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने सतर्कता और मुस्तैदी का परिचय देते हुए एक युवक को भारी मात्रा में विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई स्टेशन के मुख्य गेट पर स्थित लगेज स्कैनर मशीन के पास की गई, जहां ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कर्मियों ने संदिग्ध गतिविधि के आधार पर युवक को रोका और उसकी जांच की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार युवक की पहचान चंदन राज के रूप में हुई है, जो बिहार राज्य के लखीसराय जिले के कवेया थाना क्षेत्र अंतर्गत महात्मा गांधी रोड का निवासी बताया जा रहा है। आरपीएफ द्वारा की गई जांच में युवक के बैग से कुल 64 बोतल विदेशी शराब बरामद की गई है।
कैसे हुई गिरफ्तारी
रविवार को जसीडीह स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर आरपीएफ की महिला कर्मी गीता देवी ड्यूटी पर तैनात थीं। इसी दौरान एक युवक बैग लेकर स्टेशन में प्रवेश कर रहा था, जिसकी गतिविधि संदिग्ध प्रतीत हुई। सुरक्षा नियमों के तहत जब उसके बैग को लगेज स्कैनर मशीन से गुजारा गया, तो उसमें संदिग्ध सामग्री दिखाई दी। इसके बाद आरपीएफ कर्मियों ने युवक को रोककर बैग की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बैग से विदेशी शराब की बोतलें बरामद हुईं। मौके पर ही इसकी सूचना आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी एसआई रजनी कुमार को दी गई। सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और युवक को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की गई।

बरामद शराब की कीमत
आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, युवक के पास से बरामद 64 बोतल विदेशी शराब की अनुमानित कीमत लगभग 5400 रुपये बताई गई है। हालांकि, शराब की ब्रांड और गुणवत्ता के आधार पर इसकी वास्तविक बाजार कीमत इससे अधिक भी हो सकती है।

बिहार ले जाने की थी योजना
प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि आरोपी युवक इस शराब को ट्रेन के माध्यम से बिहार ले जाने की योजना बना रहा था। गौरतलब है कि बिहार में शराबबंदी कानून लागू है, जिसके कारण वहां शराब की तस्करी के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। ऐसे में जसीडीह जैसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन तस्करों के लिए एक ट्रांजिट पॉइंट के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
उत्पाद विभाग को सौंपने की प्रक्रिया
आरपीएफ ने आरोपी को हिरासत में लेने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। बरामद शराब के साथ युवक को उत्पाद विभाग के हवाले करने की तैयारी की जा रही है, जहां उससे पूछताछ कर नेटवर्क और अन्य संबंधित लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल और जवाब
इस घटना के बाद रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में आ गई है। हालांकि, आरपीएफ की सतर्कता के कारण यह मामला समय रहते पकड़ में आ गया, जिससे बड़ी तस्करी की संभावना पर रोक लगी है।
रेलवे सुरक्षा बल का कहना है कि स्टेशन परिसर में नियमित रूप से जांच अभियान चलाया जाता है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाती है। यात्रियों की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए स्कैनर मशीन और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती लगातार जारी है।

लगातार बढ़ रहे तस्करी के मामले
देवघर और जसीडीह रेलवे स्टेशन क्षेत्र में शराब तस्करी के मामलों में हाल के दिनों में बढ़ोतरी देखी गई है। खासकर बिहार में शराबबंदी के कारण तस्कर झारखंड से शराब ले जाने के लिए नए-नए तरीके अपनाते हैं। कभी बस, तो कभी ट्रेन के माध्यम से शराब की तस्करी की कोशिश की जाती है।
आरपीएफ और स्थानीय पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से समय-समय पर अभियान चलाकर ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जाता है। बावजूद इसके, तस्कर लगातार सक्रिय बने हुए हैं।

आगे की जांच जारी
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि आरोपी युवक से पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वह इस शराब को कहां से लेकर आया था और इसे किसे सप्लाई करने वाला था। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे मामले में कोई बड़ा गिरोह तो शामिल नहीं है।
यदि जांच में किसी संगठित तस्करी नेटवर्क का खुलासा होता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जसीडीह स्टेशन पर हुई यह कार्रवाई रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता और जिम्मेदारी का उदाहरण है। समय रहते की गई इस कार्रवाई से अवैध शराब की तस्करी को रोका गया और एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आने वाले दिनों में भी ऐसी सख्ती जारी रहने की उम्मीद है, जिससे रेलवे परिसर में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

