By: Vikash, Mala Mandal
कोलकाता/कांकीनाड़ा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर 24 परगना जिले के कांकीनाड़ा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC का राजनीतिक फॉर्मूला “झूठ बोलो और गाली दो” बन गया है। पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल की जनता अब इस राजनीति से ऊब चुकी है और परिवर्तन चाहती है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य की कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और कथित तुष्टिकरण की राजनीति को प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि राज्य में “कट मनी”, “सिंडिकेट राज” और हिंसा की राजनीति ने आम लोगों का जीवन कठिन बना दिया है। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस बार बंगाल में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।

पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने बंगाल के विकास को रोक दिया है। उन्होंने कहा, “बंगाल की पहचान संस्कृति, शिक्षा और उद्योग से रही है, लेकिन आज यहां के युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र की योजनाओं को लागू करने में बाधा डालती रही है।

प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि गरीबों के लिए चलाई गई योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत का लाभ बंगाल के लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की सरकार बनने पर इन योजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा।
रैली में बड़ी संख्या में मौजूद समर्थकों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल की जनता बदलाव का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा, “यह चुनाव सिर्फ सरकार बदलने का नहीं, बल्कि बंगाल के भविष्य को सुरक्षित करने का चुनाव है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भारी संख्या में मतदान करें और भाजपा को समर्थन दें।

पीएम मोदी ने TMC पर हिंसा की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान कई जगहों पर भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए और जनता इसका जवाब मतदान के जरिए देगी।
इसके अलावा, उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर महिलाओं के सशक्तिकरण और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में इस तरह के तीखे बयान मतदाताओं को प्रभावित करने की रणनीति का हिस्सा होते हैं। बंगाल में भाजपा और TMC के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है, जहां दोनों दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है।
वहीं, TMC ने पीएम मोदी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि भाजपा झूठे वादों और बाहरी नेताओं के सहारे चुनाव जीतना चाहती है। पार्टी नेताओं का कहना है कि बंगाल की जनता “बाहरी बनाम बंगाली अस्मिता” के मुद्दे पर TMC के साथ खड़ी है।

अब सभी की नजरें मतदान और उसके बाद आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि बंगाल की जनता किसे सत्ता की बागडोर सौंपती है।
कांकीनाड़ा की रैली में पीएम मोदी के तीखे हमले ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है। आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर में असली फैसला अब मतदाताओं के हाथ में है, जो तय करेंगे कि बंगाल की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

