By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर जिले के कुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत चरकीपहाड़ी स्थित रिमांड होम में 19 वर्षीय श्रावणी कुमारी की संदिग्ध मौत का मामला अब गंभीर मोड़ लेता जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता और लगातार उठ रहे सवालों को देखते हुए सीआईडी ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। बुधवार को दुमका से पहुंची सीआईडी की तीन सदस्यीय टीम ने देवघर में कई महत्वपूर्ण स्थानों पर पहुंचकर गहन जांच-पड़ताल की। टीम ने रिमांड होम, सदर अस्पताल, देवघर एम्स और कुंडा थाना में अधिकारियों, डॉक्टरों तथा कर्मचारियों से पूछताछ कर घटना से जुड़े हर पहलू की जानकारी जुटाई।

हालांकि जांच कर रहे अधिकारियों ने फिलहाल मीडिया के सामने कोई आधिकारिक बयान देने से इनकार किया है। सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
रिमांड होम पहुंचकर सीआईडी ने खंगाले घटनास्थल के हालात
जानकारी के अनुसार सीआईडी टीम सबसे पहले चरकीपहाड़ी स्थित रिमांड होम पहुंची, जहां श्रावणी कुमारी रह रही थी। टीम ने वहां मौजूद अधिकारियों, सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों से विस्तार से पूछताछ की। घटना वाले दिन की परिस्थितियों, युवती की तबीयत बिगड़ने के कारणों और अस्पताल ले जाने में हुई देरी या अन्य संभावित पहलुओं पर जानकारी ली गई। सूत्रों के अनुसार टीम ने रिमांड होम के अंदर सुरक्षा व्यवस्था, रहने की स्थिति, मेडिकल सुविधा और निगरानी व्यवस्था का भी जायजा लिया। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की गई कि घटना से पहले युवती की मानसिक और शारीरिक स्थिति कैसी थी तथा क्या उसे समय पर उचित इलाज उपलब्ध कराया गया था।

सदर अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मियों से पूछताछ
रिमांड होम से निकलने के बाद सीआईडी टीम देवघर सदर अस्पताल पहुंची। यही वह अस्पताल था जहां श्रावणी कुमारी को गंभीर हालत में लाया गया था। टीम ने ऑन ड्यूटी डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों से पूछताछ कर इलाज की पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली। जांच टीम ने यह जानने का प्रयास किया कि युवती को अस्पताल पहुंचने के समय उसकी हालत कैसी थी, कौन-कौन से मेडिकल टेस्ट किए गए और इलाज के दौरान किन प्रक्रियाओं को अपनाया गया। अस्पताल के रिकॉर्ड, इमरजेंसी रजिस्टर और उपचार से जुड़े दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की गई।

एम्स में री-पोस्टमार्टम से जुड़े बिंदुओं की पड़ताल
सदर अस्पताल के बाद सीआईडी टीम देवघर स्थित एम्स पहुंची। यहां मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए री-पोस्टमार्टम को लेकर डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ से विस्तृत बातचीत की गई। टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किन तथ्यों का उल्लेख किया गया है और क्या मौत के पीछे कोई संदिग्ध परिस्थिति सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक सीआईडी टीम विशेष रूप से उन बिंदुओं पर फोकस कर रही है जिनके कारण पूरे मामले में संदेह गहराया है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है, जिससे लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

कुंडा थाना में पुलिस जांच की समीक्षा
सीआईडी टीम ने कुंडा थाना पहुंचकर थाना प्रभारी और जांच अधिकारियों से भी बातचीत की। टीम ने अब तक पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई, दर्ज बयानों, साक्ष्यों और घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली।
बताया जा रहा है कि सीआईडी यह भी जांच कर रही है कि स्थानीय स्तर पर जांच में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई। थाना में मौजूद केस डायरी और अन्य दस्तावेजों की भी समीक्षा की गई।

मौत के बाद मचा था प्रशासनिक हड़कंप
गौरतलब है कि चरकीपहाड़ी रिमांड होम में रह रही श्रावणी कुमारी की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उसे आनन-फानन में देवघर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त के निर्देश पर सिविल सर्जन द्वारा मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया और ऑन कैमरा पोस्टमार्टम कराया गया। प्रशासन ने शव को 72 घंटे तक सुरक्षित रखकर आगे की जांच प्रक्रिया को भी सुनिश्चित किया।

रिमांड होम में लगातार हो रही मौतों से बढ़ी चिंता
इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी रिमांड होम में पिछले कुछ महीनों के दौरान लगातार मौत की घटनाएं सामने आती रही हैं। जानकारी के मुताबिक 1 जनवरी 2026 से अब तक यहां पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
इनमें एक मामले में हत्या का आरोप लगाया गया था, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसे आत्महत्या बताया गया। बाकी मामलों में भी अब तक स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सके हैं। लगातार हो रही घटनाओं ने रिमांड होम की सुरक्षा व्यवस्था, मेडिकल सुविधा और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

निष्पक्ष जांच की उठ रही मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि रिमांड होम जैसी संवेदनशील जगह पर लगातार हो रही मौतें गंभीर चिंता का विषय हैं और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
सीआईडी की एंट्री के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि मामले की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी। फिलहाल पूरे जिले की नजर सीआईडी जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि श्रावणी कुमारी की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे आखिर जिम्मेदार कौन है।

