By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी कड़ी में Nishikant Dubey ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर तीखा हमला बोला है। देवघर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोड्डा सांसद ने ममता बनर्जी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कोर्ट जाने की बात कही थी।

निशिकांत दुबे ने कहा कि “ममता जी अंतरराष्ट्रीय कोर्ट जाएं या बंगाल में बैठकर खुद का कोर्ट बना लें, अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी कुछ भी कर सकते हैं। ये लोग अपना संविधान भी लिख सकते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और राज्य अवैध गतिविधियों का केंद्र बन चुका है।

“सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या कानून व्यवस्था पर सवाल”
गोड्डा सांसद ने कहा कि हाल ही में Suvendu Adhikari के पीए की हत्या यह साबित करती है कि पश्चिम बंगाल में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि बंगाल “अंतरराष्ट्रीय अपराधियों, बांग्लादेशी घुसपैठियों और अवैध गतिविधियों का अड्डा” बन चुका है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल भौगोलिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण राज्य है। यहां समुद्र भी है और प्राकृतिक संसाधन भी उपलब्ध हैं। कोलकाता जैसे बड़े शहर का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि “कोलकाता से बेहतर जगह कोई नहीं हो सकती, लेकिन वहां की स्थिति चिंताजनक बन चुकी है।”
“सभी अपराधी जाएंगे सलाखों के पीछे”
निशिकांत दुबे ने कहा कि जो भी अपराधी इस तरह की घटनाओं में शामिल हैं, उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि “यदि अपराधी भागने की कोशिश करेंगे तो उन्हें मार दिया जाएगा।” उन्होंने दावा किया कि बंगाल और झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठ का बड़ा असर देखने को मिल रहा है। खासकर संथाल परगना क्षेत्र में इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां बांग्लादेशी घुसपैठियों ने कब्जा जमा लिया है।

“संथाल परगना में आदिवासी आबादी घटी”
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि बांग्लादेशी घुसपैठ के कारण संथाल परगना में आदिवासी आबादी कम हुई है। उन्होंने कहा कि “पहले संथाल क्षेत्र में मुस्लिम आबादी करीब 9 प्रतिशत थी, जो अब लगभग 30 प्रतिशत तक पहुंच गई है।” उन्होंने कहा कि भाजपा आदिवासी समाज और खासकर महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सांसद ने कहा कि “हम आदिवासी बहन-बेटियों की रक्षा करेंगे और इसके लिए राज्य सरकार को भी साथ आना होगा।”

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दी नसीहत
Hemant Soren का नाम लेते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि झारखंड चारों ओर से भाजपा और एनडीए शासित राज्यों से घिरा हुआ है। ऐसे में राज्य सरकार को केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि “हेमंत सोरेन की मजबूरी है कि उन्हें केंद्र में एनडीए सरकार के साथ तालमेल बनाकर चलना होगा। यदि वे बांग्लादेशी घुसपैठियों को हटाने में सहयोग नहीं करेंगे तो भाजपा जबरदस्ती उन्हें बाहर निकालेगी।”

बंगाल चुनाव से पहले तेज हुआ घुसपैठ का मुद्दा
पश्चिम बंगाल चुनाव की घोषणा के बाद भाजपा लगातार बांग्लादेशी घुसपैठ, कानून व्यवस्था और हिंदू-आदिवासी सुरक्षा के मुद्दे को प्रमुखता से उठा रही है। भाजपा नेताओं का दावा है कि सीमावर्ती इलाकों में अवैध घुसपैठ के कारण जनसंख्या संतुलन प्रभावित हुआ है, जबकि तृणमूल कांग्रेस इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताती रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले चुनाव में भाजपा बंगाल में राष्ट्रवाद, सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों को प्रमुख चुनावी एजेंडा बना सकती है। वहीं तृणमूल कांग्रेस भाजपा पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगा रही है।
फिलहाल निशिकांत दुबे के इस बयान के बाद झारखंड और पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा होना तय माना जा रहा है। अब देखना होगा कि तृणमूल कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा इस बयान पर किस तरह की प्रतिक्रिया देते हैं।

