By: Mala Mandal
शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था, बच्चों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन, आधार लिंकिंग और स्मार्ट क्लास जैसी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जिले में शिक्षा स्तर को बेहतर बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर करने के लिए एफएलएन (FLN) कार्यक्रम को गंभीरता से जमीनी स्तर पर लागू करना जरूरी है। इसके साथ ही स्कूलों की रैंकिंग सुधारने के लिए शिक्षा के सभी पैरामीटर पर प्रभावी कार्य करने का निर्देश दिया गया।

मध्याह्न भोजन और पूरक पोषाहार की गुणवत्ता जांचने का निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन और पूरक पोषाहार की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही गंभीर मानी जाएगी। इसके अलावा समग्र शिक्षा अभियान, पोशाक वितरण, स्कूल किट और बच्चों के नामांकन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि विद्यालयों में नामांकित सभी बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षा पर विशेष जोर
बैठक में मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में पठन-पाठन की गुणवत्ता को लेकर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने ICT प्रोग्राम और स्मार्ट क्लास के प्रभावी संचालन का निर्देश देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा से बच्चों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई को रोचक और गुणवत्तापूर्ण बनाया जा सकता है। साथ ही कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में रिक्त पदों और वहां की आधारभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई।

शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति पर सख्ती
उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने शिक्षकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने पिछले तीन वर्षों के वेतन मद से जुड़े सभी दस्तावेजों की गहन जांच कराने का आदेश दिया ताकि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जा सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। कार्य में कोताही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मियों को शोकॉज जारी करने के साथ उनका वेतन रोकने का भी निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि स्कूलों में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।

स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर और खेलकूद पर भी फोकस
समीक्षा बैठक में बीआरसी भवनों की स्थिति, विद्यालयों की आधारभूत संरचना, खेलकूद, पुस्तकालय और अन्य सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के लिए साफ-सफाई, पुस्तकालय, खेल सामग्री और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी सरकारी विद्यालयों में सुव्यवस्थित इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए ताकि जिले के स्कूलों की रैंकिंग में सुधार हो सके।

पीएम श्री स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाने का निर्देश
बैठक के दौरान पीएम श्री योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि पीएम श्री स्कूलों को जिले के अन्य विद्यालयों के लिए मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था और बेहतर संसाधनों के जरिए छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।

बच्चों की आधार लिंकिंग और APAR ID बनाने में तेजी लाने का निर्देश
उपायुक्त ने जिले के सभी स्कूली बच्चों का आधार कार्ड लिंक करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा आधार कार्ड से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए स्कूल स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में बताया गया कि 5 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का Mandatory Biometric Update (MBU) कराना अनिवार्य है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए ताकि बच्चों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
इसके अलावा APAR ID बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा यू-डाइस प्लस पोर्टल पर आधार डेटा मिसमैच को तत्काल सुधारने का निर्देश भी दिया गया।
बैठक में मौजूद रहे कई अधिकारी
बैठक में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, जिला शिक्षा पदाधिकारी विनोद कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक मधुकर कुमार सहित विभिन्न प्रखंडों के बीईओ, शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।

