By: Mala Mandal
देवघर जिले के रिखिया थाना क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गेंदुआ स्थित पत्थर खदान में नहाने गए 15 वर्षीय किशोर की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है।

मृतक की पहचान रिखिया थाना क्षेत्र के बड़गछा गांव निवासी केसर महतो के पुत्र नीरज कुमार यादव के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रविवार की दोपहर गांव के कुछ बच्चे गर्मी से राहत पाने के लिए पास स्थित पत्थर खदान में नहाने गए थे। सभी बच्चे पानी में मस्ती कर रहे थे। इसी दौरान नीरज अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। साथियों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। कुछ ही क्षणों में किशोर पानी में समा गया।

घटना से घबराए बच्चों ने गांव पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपने स्तर से किशोर की तलाश शुरू कर दी। ग्रामीण खदान के पानी में उतरकर काफी देर तक खोजबीन करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद स्थानीय लोगों ने रिखिया थाना पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी प्रभात कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया। काफी मशक्कत और घंटों की तलाश के बाद किशोर का शव पानी से बाहर निकाला गया। शव बाहर आते ही मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और परिवार में चीख-पुकार मच गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पत्थर खदान का पानी काफी गहरा था। गर्मी के दिनों में आसपास के बच्चे और युवक अक्सर वहां नहाने पहुंच जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खदानों में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं और न ही प्रशासन की ओर से चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। ऐसे में आए दिन हादसों की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि परित्यक्त और पानी से भरे पत्थर खदानों की घेराबंदी कराई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए देवघर सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।
घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। मृतक नीरज कुमार यादव को जानने वाले लोगों ने बताया कि वह बेहद मिलनसार और शांत स्वभाव का लड़का था। उसकी असमय मौत से परिवार पूरी तरह टूट चुका है। गांव के लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे खतरनाक जलभराव वाले इलाकों पर विशेष निगरानी रखनी चाहिए।

गौरतलब है कि गर्मी के मौसम में झारखंड के कई जिलों में पत्थर खदान, तालाब और जलाशयों में डूबने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। इसके बावजूद सुरक्षा उपायों को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जाती। विशेषज्ञों का मानना है कि गहरे और परित्यक्त खदानों के आसपास चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और स्थानीय निगरानी जरूरी है, ताकि बच्चों और युवाओं को हादसों से बचाया जा सके।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और खतरनाक खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने मृतक परिवार को मुआवजा देने और इलाके की सभी खदानों की सुरक्षा जांच कराने की मांग की है।

