By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर। झारखंड के देवघर जिले में साइबर अपराध के खिलाफ लगातार अभियान चला रही पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के निर्देश पर साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक महिला साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार महिला पर आरोप है कि वह फर्जी तरीके से Flipkart, Amazon, PhonePe, Google Pay और Airtel Payment Bank के कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाती थी।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक (साइबर अपराध) राजा कुमार मित्रा के निर्देशन में दिनांक 09 मई 2026 को की गई। गुप्त सूचना के आधार पर देवघर जिला अंतर्गत छापेमारी अभियान चलाया गया, जिसमें आरोपी महिला को गिरफ्तार किया गया।
फर्जी कस्टमर केयर बनकर करती थी ठगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार महिला साइबर अपराधी खुद को PhonePe, Google Pay, PayTM और Airtel Payment Bank का अधिकारी बताकर आम लोगों से संपर्क करती थी। आरोपी उपभोक्ताओं को कैशबैक, रिवार्ड और बैंकिंग सुविधा के नाम पर झांसे में लेकर उनसे गोपनीय जानकारी हासिल करती थी। इसके अलावा आरोपी फर्जी Google और PhonePe कस्टमर केयर नंबर इंटरनेट पर डालकर लोगों को भ्रमित करती थी। जब कोई व्यक्ति सहायता के लिए कॉल करता था तो आरोपी उसे तकनीकी सहायता देने के बहाने साइबर ठगी का शिकार बना लेती थी।

पुलिस ने बताया कि आरोपी लोगों को PhonePe Gift Card बनाने के लिए प्रेरित करती थी और बाद में उसे खुद रिडीम कर रकम हड़प लेती थी। वहीं Airtel Payment Bank से जुड़े मामलों में आरोपी ग्राहकों को Airtel Thanks App के माध्यम से बैंक कार्ड बंद होने की बात कहकर उसे दोबारा चालू कराने के नाम पर ठगी करती थी।
पीएम किसान योजना और लोन दिलाने के नाम पर भी ठगी
देवघर पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला केवल कस्टमर केयर फ्रॉड तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह PM किसान योजना और आसान लोन दिलाने के नाम पर भी लोगों को झांसा देती थी। इसके लिए वह फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करती थी और जरूरतमंद लोगों से बैंकिंग जानकारी लेकर ऑनलाइन ठगी को अंजाम देती थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया और इंटरनेट प्लेटफॉर्म का उपयोग कर लोगों तक पहुंच बनाती थी। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग और तकनीकी जानकारी कम रखने वाले उपभोक्ता इसके मुख्य निशाने पर रहते थे।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान
गिरफ्तार महिला अभियुक्त की पहचान रूबी कुमारी के रूप में हुई है। वह पथरौल थाना क्षेत्र के लेड़वा गांव की रहने वाली बताई जा रही है। आरोपी के पिता का नाम सुनील दास बताया गया है। पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में आरोपी के मोबाइल फोन और सिम कार्ड से साइबर ठगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण इनपुट मिले हैं। फिलहाल पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।

बरामद किए गए सामान
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं। इनमें शामिल हैं—
एक मोबाइल फोन
एक सिम कार्ड
एक जप्त प्रतिबिंब सिम
पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी ताकि साइबर ठगी से जुड़े अन्य मामलों का भी खुलासा हो सके।

अपराध का कोई पुराना रिकॉर्ड नहीं
देवघर पुलिस ने जानकारी दी कि गिरफ्तार महिला का अब तक कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है। हालांकि पुलिस यह जांच कर रही है कि वह लंबे समय से साइबर अपराध में सक्रिय थी या हाल के दिनों में इस नेटवर्क से जुड़ी थी।
छापेमारी दल में शामिल अधिकारी
इस कार्रवाई में मधुपुर अंचल के पुलिस निरीक्षक राउत होनहागा, पथरौल थाना प्रभारी दिलीप कुमार बिलुंग, महिला थाना मधुपुर की प्रभारी ललिता कुजुर सहित अन्य सशस्त्र बलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
साइबर अपराध से बचने के लिए पुलिस की अपील
देवघर police ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आने वाले कॉल पर बैंकिंग जानकारी साझा न करें। इंटरनेट पर उपलब्ध किसी भी कस्टमर केयर नंबर की पुष्टि आधिकारिक वेबसाइट से जरूर करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

पुलिस ने यह भी कहा कि ऑनलाइन कैशबैक, लोन, केवाईसी अपडेट और बैंक कार्ड बंद होने जैसी बातों पर तुरंत भरोसा न करें। साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं।
देवघर पुलिस ने कहा कि जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान जारी रहेगा और आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

