By: Mala Mandal
देवघर। लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी, उमस और तेज धूप ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। झारखंड सहित देवघर जिले में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण लोगों में डिहाइड्रेशन, लू और ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होने जैसी समस्याएं तेजी से सामने आ रही हैं। अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में भी गर्मी से संबंधित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। विशेष रूप से हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को चिकित्सकों ने अधिक सतर्क रहने की सलाह दी है।

देवघर के जाने-माने चिकित्सक एवं सदर अस्पताल के पूर्व डीएस डॉ. प्रभात रंजन ने गर्मी के इस मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी शरीर पर सीधा असर डालती है और इससे शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की समस्या तेजी से बढ़ती है। इसका असर ब्लड प्रेशर पर भी पड़ता है, जिससे मरीजों की स्थिति गंभीर हो सकती है।
डॉ. प्रभात रंजन ने बताया कि गर्मी में विशेष रूप से ब्लड प्रेशर के मरीजों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण शरीर में पानी की मात्रा कम हो जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ या घट सकता है। कई बार यह स्थिति ब्रेन हेमरेज, चक्कर आने, कमजोरी और बेहोशी जैसी गंभीर समस्याओं का कारण भी बन सकती है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि गर्मी के मौसम में जितना संभव हो सके, घर से बाहर निकलने से बचें। यदि किसी जरूरी काम से बाहर जाना पड़े तो सिर को गमछा, टोपी या छाते से ढंककर ही निकलें। साथ ही शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए अधिक मात्रा में पानी और तरल पदार्थ का सेवन करें।

चिकित्सकों के अनुसार गर्मी में खानपान पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है। ज्यादा तेल-मसालेदार और तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन शरीर में गर्मी बढ़ाता है, जिससे ब्लड प्रेशर और पाचन संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए। मौसमी फल जैसे तरबूज, खीरा, ककड़ी और नारियल पानी का सेवन शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पानी की कमी को भी पूरा करता है।
डॉ. प्रभात रंजन ने कहा कि ब्लड प्रेशर के मरीजों को अपनी नियमित दवाइयां समय पर लेते रहना चाहिए। कई लोग गर्मी में कमजोरी या आलस्य के कारण दवा लेना छोड़ देते हैं, जो बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि नियमित जांच और चिकित्सकीय परामर्श के जरिए ही बीमारी को नियंत्रित रखा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि दोपहर 11 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक तेज धूप और लू का प्रभाव सबसे ज्यादा रहता है। ऐसे समय में बच्चों, बुजुर्गों और बीपी मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। गर्मी के कारण शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी भी हो सकती है, इसलिए ओआरएस घोल, नींबू पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थ लाभदायक होते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम और लगातार बढ़ते तापमान के कारण लोगों की जीवनशैली में बदलाव करना आवश्यक हो गया है। पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन और नियमित पानी पीने की आदत शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करती है। इसके अलावा सुबह और शाम के समय हल्का व्यायाम भी फायदेमंद माना जाता है।

देवघर समेत आसपास के इलाकों में इन दिनों भीषण गर्मी का असर साफ देखा जा रहा है। दोपहर के समय बाजार और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो रही है। वहीं अस्पतालों में सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, कमजोरी और हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है।

चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि वे गर्मी को हल्के में न लें और अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। खासकर बीपी, शुगर और हृदय रोग से पीड़ित मरीज नियमित रूप से डॉक्टर की सलाह का पालन करें। थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का कारण बन सकती है।
गर्मी के इस मौसम में सावधानी और सही दिनचर्या अपनाकर ही खुद को स्वस्थ और सुरक्षित रखा जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्याप्त पानी, हल्का भोजन और धूप से बचाव ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।

