By: Mala Mandal
देवघर। पुरुषोत्तम मास की तेरस के अवसर पर झारखंड के विश्वप्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। शुक्रवार अहले सुबह से ही मंदिर परिसर “हर हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से गूंज उठा। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ण होने की कामना की।

तेरस के शुभ अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण पूरा बाबा धाम भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। सुबह तीन बजे पट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं की कतारें मंदिर परिसर से निकलकर दूर तक फैल गईं। सामान्य दर्शन कतार में लगे श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन और जलार्पण के लिए करीब छह घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा, जबकि शीघ्र दर्शनम की व्यवस्था में भी भक्तों को लगभग चार घंटे तक लाइन में लगना पड़ा।
भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्ति में कोई कमी नहीं दिखी। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से आए श्रद्धालु लगातार बाबा के दरबार में पहुंचते रहे। कई श्रद्धालु कांवर यात्रा पूरी कर सीधे मंदिर पहुंचे और विधि-विधान के साथ जलार्पण किया।

मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। इसके अलावा धर्म रक्षिणी सभा के सदस्य और स्वयंसेवक लगातार कतारों को व्यवस्थित करने तथा श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने में जुटे रहे। मंदिर परिसर में पेयजल, स्वास्थ्य शिविर, प्राथमिक उपचार तथा बैरिकेडिंग की विशेष व्यवस्था की गई थी ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

श्रद्धालुओं ने बताया कि पुरुषोत्तम मास की तेरस का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। मान्यता है कि बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-शांति तथा समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
मंदिर परिसर के साथ-साथ शिवगंगा क्षेत्र और आसपास के बाजारों में भी दिनभर भारी भीड़ देखी गई। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालु बाजारों में खरीदारी करते नजर आए। खासकर तेरस के अवसर पर पीतल, तांबा, कांसा और एल्यूमिनियम के बर्तनों की दुकानों पर काफी भीड़ रही। श्रद्धालु बर्तन खरीदकर उस पर अपना नाम लिखवा रहे थे और उसे बाबा धाम की शुभ निशानी के रूप में अपने साथ ले जा रहे थे।

बाजारों में दुकानदारों के चेहरे पर भी उत्साह साफ दिखाई दिया। दुकानदारों का कहना था कि पुरुषोत्तम मास और तेरस के अवसर पर हर साल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है, जिससे कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी होती है। कई दुकानों में देर रात तक खरीदारी का सिलसिला जारी रहा।
श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण शहर के प्रमुख मार्गों और मंदिर के आसपास यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी। पुलिसकर्मी लगातार लोगों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाते नजर आए। मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय रहा।

शाम होते-होते मंदिर परिसर दीप और भक्ति के माहौल से और भी आकर्षक हो उठा। शिवगंगा तट पर श्रद्धालु पूजा-अर्चना और आरती में शामिल होते दिखे। पूरा देवघर “बम-बम भोले” के जयघोष से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं का कहना था कि बाबा बैद्यनाथ के दरबार में आकर उन्हें आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा की अनुभूति होती है।

पुरुषोत्तम मास की तेरस पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि बाबा बैद्यनाथ धाम देशभर के शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की सतर्क व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण ढंग से पूजा-अर्चना कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया।

