By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर में मलमास के दौरान उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
झारखंड के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा बैद्यनाथ धाम में मलमास को लेकर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। विशेष रूप से तेरस के मौके पर श्रद्धालुओं में पीतल, तांबा और एल्युमिनियम के बर्तनों की खरीदारी को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है।बाबा धाम आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां से खरीदे गए बर्तन घर में सुख-समृद्धि, धन-धान्य और माता अन्नपूर्णा एवं माता लक्ष्मी का आशीर्वाद लेकर आते हैं। यही वजह है कि श्रद्धालु पूजा-अर्चना के बाद स्थानीय बाजारों में पहुंचकर बर्तनों की खरीदारी कर रहे हैं।

धार्मिक मान्यता से जुड़ी है बर्तनों की खरीदारी
बाबा धाम में वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार श्रद्धालु यहां से पीतल और तांबे के बर्तन खरीदकर अपने घर ले जाते हैं। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि बाबा बैद्यनाथ की नगरी से खरीदे गए बर्तन शुभ माने जाते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा के साथ समृद्धि लाते हैं। तेरस के अवसर पर इस परंपरा का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। श्रद्धालु पूजा के बाद बाजार में पहुंचकर थाली, लोटा, कलश, गिलास और अन्य घरेलू बर्तनों की खरीदारी कर रहे हैं। कई श्रद्धालु इन बर्तनों पर अपना नाम भी खुदवा रहे हैं ताकि बाबा धाम की यात्रा की याद हमेशा उनके साथ बनी रहे।

बाजारों में दिख रही रौनक
देवघर के बाजारों में इन दिनों काफी चहल-पहल देखी जा रही है। बर्तन दुकानों में सुबह से देर शाम तक ग्राहकों की भीड़ लगी हुई है। दुकानदारों के अनुसार, श्रद्धालु खासकर पीतल और तांबे के बर्तनों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। कुछ श्रद्धालु धार्मिक उपयोग के लिए बर्तन खरीद रहे हैं तो कई लोग इसे शुभ स्मृति के तौर पर अपने साथ ले जा रहे हैं। बाबा मंदिर के आसपास स्थित बाजारों में दुकानदार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बर्तनों पर नाम लिखने की विशेष व्यवस्था भी कर रहे हैं। श्रद्धालु अपने परिवार या गांव का नाम बर्तनों पर अंकित करवा रहे हैं, जिससे यह उनके लिए एक धार्मिक स्मृति बन जाती है।

दुकानदारों को मलमास से उम्मीद
स्थानीय दुकानदारों को इस बार मलमास से काफी उम्मीदें हैं। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार भीड़ थोड़ी कम है, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालुओं की अच्छी संख्या बाजार तक पहुंच रही है। बर्तन व्यवसायी अभिनंदन कुमार ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या थोड़ी कम जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन फिर भी लगातार खरीदारी हो रही है। उन्होंने कहा कि अभी पूरा मलमास बाकी है और आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, जिससे व्यापार में तेजी आएगी। दुकानदार अभिनंदन कुमार ने कहा, “पिछले साल के मुकाबले इस बार थोड़ी कम भीड़ है, लेकिन श्रद्धालु लगातार खरीदारी कर रहे हैं। मलमास अभी बाकी है, इसलिए उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अच्छी कमाई होगी।”

श्रद्धालुओं में दिख रहा उत्साह
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान से आने वाले श्रद्धालुओं में बाबा धाम को लेकर विशेष आस्था देखी जा रही है। कई श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के बाद यहां से बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। यही कारण है कि हर साल हजारों श्रद्धालु देवघर से बर्तन खरीदकर अपने घर ले जाते हैं। श्रद्धालुओं के अनुसार, बाबा धाम से खरीदे गए बर्तन सिर्फ एक वस्तु नहीं बल्कि आस्था और श्रद्धा का प्रतीक होते हैं। यही वजह है कि लोग इन बर्तनों को अपने घरों में विशेष स्थान देते हैं।

धार्मिक पर्यटन से स्थानीय व्यापार को मिल रहा लाभ
मलमास और सावन जैसे धार्मिक अवसरों पर बाबा धाम आने वाले श्रद्धालुओं से स्थानीय व्यापारियों को भी काफी लाभ मिलता है। होटल, पूजा सामग्री, मिठाई, फूल और बर्तन कारोबार से जुड़े लोगों के व्यापार में तेजी आती है। देवघर का स्थानीय बाजार इन दिनों श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार नजर आ रहा है।

व्यापारियों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती है तो इस बार का व्यापार और बेहतर हो सकता है। मलमास के कारण पूरे महीने बाबा धाम में धार्मिक माहौल बना हुआ है और इसका सीधा असर बाजारों पर दिखाई दे रहा है।Meta Description:
मलमास के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम में यूपी, एमपी और राजस्थान से पहुंचे श्रद्धालु पीतल, तांबा और एल्युमिनियम के बर्तनों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। धार्मिक मान्यता के कारण बाजारों में बढ़ी रौनक।

