By: Mala Mandal
देवघर। देवघर सदर अस्पताल के प्रसूति विभाग में एक मरीज का पुर्जा (रजिस्ट्रेशन स्लिप) फाड़े जाने के आरोप के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। घटना की जानकारी मिलते ही देवघर नगर निगम के महापौर रवि कुमार राउत अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन, स्वास्थ्यकर्मियों तथा पीड़ित पक्ष से बातचीत कर घटना के विभिन्न पहलुओं को समझने का प्रयास किया।

मामले को लेकर अस्पताल परिसर में दिनभर चर्चा का माहौल बना रहा। मरीजों और उनके परिजनों ने भी अस्पताल में बेहतर व्यवहार और सुविधाओं की मांग उठाई। वहीं महापौर ने स्पष्ट कहा कि सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही या दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, सदर अस्पताल के प्रसूति विभाग में इलाज के लिए पहुंची एक महिला मरीज और उसके परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में किसी कर्मचारी द्वारा उनका पुर्जा फाड़ दिया गया। इस घटना के बाद मरीज और उसके परिजनों ने नाराजगी जताई तथा अस्पताल प्रबंधन से शिकायत की। परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में पहले से ही लंबी कतारों और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि मरीजों के साथ असम्मानजनक व्यवहार किया जाए तो उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। घटना की सूचना धीरे-धीरे अस्पताल परिसर में फैल गई, जिसके बाद कई लोगों ने भी अपनी नाराजगी व्यक्त की।

महापौर रवि कुमार राउत पहुंचे अस्पताल
घटना की जानकारी मिलने के बाद देवघर नगर निगम के महापौर रवि कुमार राउत स्वयं सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने प्रसूति विभाग का निरीक्षण किया और वहां मौजूद मरीजों तथा उनके परिजनों से बातचीत की। इसके साथ ही अस्पताल प्रबंधन से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। महापौर ने कहा कि अस्पताल में आने वाला प्रत्येक मरीज सम्मान और बेहतर चिकित्सा सुविधा पाने का हकदार है। यदि किसी कर्मचारी या स्वास्थ्यकर्मी द्वारा मरीज के साथ अनुचित व्यवहार किया गया है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदनशीलता सबसे महत्वपूर्ण है और मरीजों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाना चाहिए।

मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार की जरूरत
महापौर ने कहा कि सरकारी अस्पताल आम लोगों की उम्मीदों का केंद्र होते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोग बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में स्वास्थ्यकर्मियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे मरीजों और उनके परिजनों के साथ सौहार्दपूर्ण और सम्मानजनक व्यवहार करें। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद या शिकायत को संवाद के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए। यदि किसी कर्मचारी की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

अस्पताल प्रबंधन ने दिया जांच का आश्वासन
मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने भी गंभीरता दिखाई है। अस्पताल प्रशासन की ओर से कहा गया कि शिकायत की जांच की जाएगी और पूरे मामले की सच्चाई सामने आने के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सभी कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या दुर्व्यवहार की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में मरीजों के साथ व्यवहार और सेवा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ मानवीय व्यवहार भी उतना ही महत्वपूर्ण है। कई बार छोटी घटनाएं भी मरीजों और उनके परिजनों के लिए मानसिक तनाव का कारण बन जाती हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि अस्पतालों में शिकायत निवारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए ताकि मरीजों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके। इसके अलावा कर्मचारियों को समय-समय पर व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए।

मरीजों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
महापौर रवि कुमार राउत ने कहा कि मरीजों की सुविधा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से यह सुनिश्चित करने को कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अस्पताल में किसी प्रकार की समस्या होती है तो वह संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दे सकता है, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके। नगर निगम और जिला प्रशासन भी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
देवघर सदर अस्पताल के प्रसूति विभाग में मरीज का पुर्जा फाड़े जाने के आरोप के बाद शुरू हुआ विवाद अब जांच के दायरे में आ गया है। महापौर रवि कुमार राउत के अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी लेने से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रशासन इस घटना को गंभीरता से ले रहा है। अब सभी की नजर अस्पताल प्रबंधन की जांच रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की संभावना है। वहीं मरीज और उनके परिजन उम्मीद कर रहे हैं कि भविष्य में अस्पताल में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी और उन्हें बेहतर एवं सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।

