By: Mala Mandal
देवघर: जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने, यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने तथा अवैध खनन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर की संयुक्त अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा, शहरी परिवहन, यातायात व्यवस्था और जिला खनन टास्क फोर्स से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने परिवहन विभाग, नगर निगम, सड़क निर्माण विभाग और पुलिस प्रशासन को निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।

उपायुक्त ने अधिकारियों को सड़क किनारे उगी झाड़ियों की नियमित कटाई कराने, दुर्घटना संभावित तीखे मोड़ों पर चेतावनी बोर्ड और साइनेज लगाने तथा जिले के सभी ब्लैक स्पॉट और एक्सीडेंट प्रोन क्षेत्रों की पहचान कर विस्तृत प्रतिवेदन उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित स्थानों पर समय रहते सुरक्षा उपाय किए जाने से सड़क हादसों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

बैठक में बताया गया कि सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ओवरलोडिंग, ओवरस्पीड, बिना हेलमेट वाहन चलाना, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए ड्राइविंग करना तथा रैश ड्राइविंग जैसे मामलों में अब तक 1157 चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनसे कुल 28 लाख 43 हजार 650 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है। इसके अलावा मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई जारी है।

उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने परिवहन विभाग तथा सभी थाना प्रभारियों को संयुक्त रूप से व्यापक वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। विशेष रूप से शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि नशे की हालत में वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है, इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में गुड सेमेरिटन योजना को लेकर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ा जाए ताकि सड़क दुर्घटना के बाद घायलों को समय पर सहायता मिल सके और उनकी जान बचाई जा सके।
समीक्षा बैठक में iRAD और eDAR पोर्टल की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में होने वाली प्रत्येक सड़क दुर्घटना की समय पर iRAD/eDAR पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए ताकि दुर्घटनाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण कर भविष्य में प्रभावी रणनीति बनाई जा सके।

बैठक के दूसरे चरण में अवैध खनन और अवैध परिवहन पर विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने जिला खनन टास्क फोर्स को निर्देश दिया कि अवैध खनन में उपयोग होने वाले वाहनों पर केवल जुर्माना लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि आवश्यकतानुसार उन्हें जब्त कर निरुद्ध करने की भी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि पुल-पुलिया के नीचे किसी भी प्रकार का अवैध खनन नहीं होना चाहिए। इसके अलावा सभी बालू घाटों का नियमित निरीक्षण कर रोकड़ बही, चालान पंजी और खनिज परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि यदि एक ही चालान का उपयोग एक से अधिक बार खनिज परिवहन में किया जाता है तो ऐसे वाहनों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
खनन क्षेत्रों में खनिजों की चोरी और अवैध परिवहन रोकने के लिए परिवहन से जुड़े सभी अधिकृत वाहनों में जीपीएस लगाने के निर्देश भी दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने भी अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध खनन और सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामलों में बिना किसी दबाव के कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए नियमित जांच अभियान जारी रहेगा।
बैठक में डीएफओ अभिषेक भूषण, नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, विभिन्न अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, ट्रैफिक डीएसपी, जिला खनन पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, माइनिंग इंस्पेक्टर, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, सड़क सुरक्षा प्रबंधक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन का मानना है कि सड़क सुरक्षा, प्रभावी यातायात प्रबंधन और अवैध खनन के विरुद्ध लगातार चलाए जा रहे विशेष अभियान से न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी बल्कि जिले में कानून व्यवस्था और राजस्व संरक्षण भी मजबूत होगा।

