By: Mala Mandal
देवघर। राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर देवघर के पुराना सदर अस्पताल परिसर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक विशेष निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य बुजुर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा उन्हें समय रहते स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक करना था। शिविर में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लेकर विभिन्न स्वास्थ्य जांच कराई और विशेषज्ञ चिकित्सकों से स्वास्थ्य संबंधी परामर्श प्राप्त किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उद्घाटन के दौरान डॉक्टरों ने कहा कि समाज के प्रति चिकित्सा समुदाय की जिम्मेदारी केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनसेवा और स्वास्थ्य जागरूकता भी उनकी प्राथमिकता का हिस्सा है।

इस स्वास्थ्य शिविर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। इनमें चिकित्सकीय परामर्श, ब्लड प्रेशर जांच, ईसीजी जांच, बोन हेल्थ चेकअप तथा अन्य सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण शामिल थे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों को उम्र के साथ होने वाली सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं, उनके बचाव तथा नियमित जांच की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी।

शिविर में पहुंचे कई वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन से उन्हें बिना किसी खर्च के विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लेने का अवसर मिला। कई बुजुर्गों ने नियमित स्वास्थ्य जांच को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की बात कही और आयोजन की सराहना की।

इस अवसर पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. डी.के. तिवारी ने कहा कि राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे केवल चिकित्सकों के सम्मान का दिन नहीं बल्कि समाज के प्रति उनकी सेवा भावना को और मजबूत करने का अवसर भी है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष डॉक्टर्स डे के अवसर पर सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी उद्देश्य के तहत इस वर्ष वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क हेल्थ कैंप आयोजित किया गया।

उन्होंने कहा कि आज के समय में बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। बढ़ती उम्र के साथ उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, हड्डियों की कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं सामान्य हो जाती हैं। ऐसे में समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और विशेषज्ञों की सलाह गंभीर बीमारियों को शुरुआती चरण में पहचानने में मदद करती है।

डॉक्टरों ने शिविर के दौरान उपस्थित लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, संतुलित भोजन करने, नियमित व्यायाम और समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने की सलाह दी। साथ ही यह भी बताया गया कि बुजुर्गों को दवाइयों के नियमित सेवन के साथ मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए।

आयोजकों के अनुसार इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आगे भी आयोजित किए जाएंगे ताकि समाज के विभिन्न वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा सके। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने सभी आगंतुकों को बेहतर स्वास्थ्य के लिए जागरूक किया।

राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर आयोजित यह स्वास्थ्य शिविर केवल एक चिकित्सा कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज के प्रति डॉक्टरों की सेवा भावना और जिम्मेदारी का प्रतीक बना। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित जांच, समय पर सलाह और सामुदायिक सहयोग बेहद महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम के अंत में शिविर में शामिल सभी वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सुझाव दिए गए और भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजनों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।

