By: Vikash Kumar Raut (Raut)
नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय हो चुका है। बारिश के मौसम में जहां गर्मी से राहत मिलती है, वहीं कई मौसमी बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में दूषित भोजन, गंदा पानी, नमी और कम पानी पीने की आदत के कारण फूड पॉइजनिंग, डायरिया, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) और अन्य संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

डॉक्टरों के अनुसार बारिश के मौसम में सड़क किनारे मिलने वाले खुले खाद्य पदार्थ, कटे हुए फल और लंबे समय तक बाहर रखा भोजन बैक्टीरिया का घर बन सकते हैं। इसके अलावा कम पानी पीना और लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहना भी संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है।

किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?
यदि लगातार पेट दर्द, उल्टी, दस्त, तेज बुखार, पेशाब के दौरान जलन, बार-बार पेशाब आना या शरीर में अत्यधिक कमजोरी महसूस हो रही हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज न मिलने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।

मानसून में स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय
– हमेशा ताजा और गर्म भोजन ही खाएं।
– पर्याप्त मात्रा में साफ और सुरक्षित पानी पिएं।
– खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें।
– बारिश में भीगने के बाद जल्द से जल्द सूखे कपड़े पहनें।
– हाथों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
– बच्चों और बुजुर्गों को साफ एवं पौष्टिक भोजन दें।
– लगातार दस्त या उल्टी होने पर शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी न होने दें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर मानसून के दौरान होने वाली अधिकांश बीमारियों से बचा जा सकता है। साफ-सफाई, संतुलित आहार और पर्याप्त पानी का सेवन इस मौसम में स्वस्थ रहने की सबसे बड़ी कुंजी है।
यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर स्वयं इलाज करने के बजाय योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।




