By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, व्रत, यात्रा, गृह प्रवेश, विवाह या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखकर शुभ समय का चयन किया जाता है। आज 29 जुलाई 2026, बुधवार का दिन है। वैदिक पंचांग के अनुसार आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है, जिसे पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है।

गुरु पूर्णिमा का दिन गुरु के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और ज्ञान की आराधना का पर्व माना जाता है। इस दिन गुरु की पूजा, भगवान विष्णु और महर्षि वेदव्यास का स्मरण, गंगा स्नान, दान-पुण्य तथा धार्मिक अनुष्ठान करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होने की मान्यता है। यदि आप आज कोई शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले दिन के शुभ और अशुभ मुहूर्त, राहुकाल तथा पंचांग की महत्वपूर्ण जानकारी अवश्य जान लें।
आज का पंचांग 29 जुलाई 2026
दिन: बुधवार
माह: आषाढ़
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: पूर्णिमा

पूर्णिमा तिथि समाप्त: रात 08:05 बजे तक
आज सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय: सुबह 05:40 बजे
सूर्यास्त: शाम 07:14 बजे
चंद्रोदय और चंद्रास्त
पूर्णिमा होने के कारण आज चंद्रमा का विशेष महत्व रहेगा। चंद्रोदय के बाद चंद्र दर्शन और पूजा करना शुभ माना जाता है। स्थानीय स्थान के अनुसार चंद्रोदय और चंद्रास्त के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।

गुरु पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन गुरु को भगवान से भी ऊंचा स्थान दिया जाता है क्योंकि गुरु ही ज्ञान का मार्ग दिखाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महर्षि वेदव्यास का जन्म भी इसी दिन हुआ था, इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन अपने गुरु, शिक्षकों और माता-पिता का सम्मान करना शुभ माना जाता है। साथ ही भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जाप, कथा श्रवण, गंगा स्नान और दान-पुण्य करने से जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

आज का राहुकाल
बुधवार के दिन राहुकाल सामान्यतः दोपहर के समय माना जाता है। इस अवधि में नए कार्य, निवेश, यात्रा या किसी शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि कोई आवश्यक कार्य करना हो तो राहुकाल समाप्त होने के बाद करना अधिक शुभ माना जाता है।
आज के शुभ कार्य
गुरु पूजा
भगवान विष्णु की आराधना
महर्षि वेदव्यास का स्मरण
गंगा स्नान
दान-पुण्य
मंत्र जाप और ध्यान
धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन

आज किन कार्यों से बचें
राहुकाल के दौरान शुभ कार्य शुरू न करें।
बिना शुभ मुहूर्त के मांगलिक कार्य करने से बचें।
अनावश्यक विवाद और क्रोध से दूर रहें।
बड़ों और गुरुजनों का अपमान न करें।

गुरु पूर्णिमा पर दान का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरु पूर्णिमा पर अन्न, वस्त्र, फल, जल, छाता, दक्षिणा और जरूरतमंदों को भोजन कराने का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने की मान्यता है।

29 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ और पवित्र माना जा रहा है। आज गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरुजनों का सम्मान करें, भगवान विष्णु की पूजा करें, दान-पुण्य करें और यदि संभव हो तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें। पंचांग के अनुसार शुभ समय का ध्यान रखते हुए कार्य करने से सफलता और शुभ फल मिलने की मान्यता है।

यह पंचांग वैदिक ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित सामान्य जानकारी है। विभिन्न पंचांगों, परंपराओं और स्थान के अनुसार तिथि, मुहूर्त, चंद्रोदय, राहुकाल एवं अन्य समय में अंतर संभव है। किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या मांगलिक कार्य से पहले अपने स्थानीय पंडित या ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य करें।

