By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
लौकी को सेहतमंद और हल्की सब्जियों में गिना जाता है। इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है और इसे सामान्य तौर पर पकी हुई सब्जी के रूप में डाइट में शामिल किया जाता है। लेकिन इन दिनों लौकी का जूस वजन कम करने, शरीर को डिटॉक्स करने और कई तरह के स्वास्थ्य लाभ पाने के लिए तेजी से लोकप्रिय हुआ है। सोशल मीडिया पर भी लौकी के जूस को लेकर कई तरह के दावे किए जाते हैं। हालांकि, लौकी का जूस हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद हो, ऐसा जरूरी नहीं है। खासकर अगर लौकी कड़वी हो तो उसका जूस पीना गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। सर्टिफाइड न्यूट्रिशनिस्ट्स भी लौकी का जूस पीते समय सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।

कड़वी लौकी का जूस बिल्कुल न पिएं
लौकी का जूस बनाने से पहले सबसे जरूरी बात यह जांचना है कि लौकी कड़वी तो नहीं है। लौकी में मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिकों की वजह से उसका स्वाद अत्यधिक कड़वा हो सकता है। ऐसी लौकी का जूस पीने से उल्टी, पेट दर्द, दस्त, चक्कर और दूसरी गंभीर परेशानियां हो सकती हैं। अगर लौकी का स्वाद सामान्य से बहुत ज्यादा कड़वा लगे तो उसे बिल्कुल इस्तेमाल न करें। कड़वाहट कम करने के लिए उसमें नींबू, नमक या कोई दूसरी चीज मिलाकर पीना भी सुरक्षित तरीका नहीं माना जाना चाहिए।

जूस निकालने से पहले लौकी का छोटा टुकड़ा चखें
अगर आप घर पर लौकी का जूस बना रहे हैं तो जूस निकालने से पहले लौकी का छोटा टुकड़ा काटकर उसका स्वाद जांचना एक जरूरी सावधानी हो सकती है। यदि स्वाद सामान्य है तभी आगे जूस बनाने पर विचार करें। सिर्फ लौकी बाहर से अच्छी दिख रही है, इसका मतलब यह नहीं है कि उसका स्वाद भी सुरक्षित होगा। इसलिए कड़वाहट की जांच को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

लौकी का जूस पीकर असहज महसूस हो तो तुरंत सावधान हों
लौकी का जूस पीने के बाद अगर अचानक पेट में तेज दर्द, उल्टी, दस्त, कमजोरी, चक्कर या बेचैनी जैसी समस्या महसूस हो तो इसे सामान्य गैस या अपच समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर कड़वी लौकी का जूस पीने के बाद ऐसे लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी हो सकता है।

हर दिन लौकी का जूस पीना जरूरी नहीं
लौकी स्वास्थ्यवर्धक सब्जी हो सकती है, लेकिन इसे जूस के रूप में रोजाना पीना आवश्यक नहीं है। लौकी को अच्छी तरह पकाकर सब्जी के रूप में खाना कई लोगों के लिए अधिक व्यावहारिक तरीका हो सकता है। संतुलित डाइट में अलग-अलग सब्जियों, फलों, दालों, साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन को शामिल करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

वजन कम करने के लिए सिर्फ लौकी के जूस पर निर्भर न रहें
लौकी के जूस को अक्सर वजन कम करने वाले ड्रिंक के तौर पर प्रचारित किया जाता है। लेकिन केवल किसी एक जूस को अपनी डाइट में शामिल करने से वजन कम होने की गारंटी नहीं होती। वजन प्रबंधन के लिए कुल कैलोरी सेवन, भोजन की गुणवत्ता, पर्याप्त प्रोटीन, शारीरिक गतिविधि, नींद और रोजाना की जीवनशैली महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए अगर आपका लक्ष्य वजन कम करना है तो केवल लौकी का जूस पीने के बजाय संतुलित डाइट और नियमित एक्सरसाइज पर ध्यान देना बेहतर है।

जूस में क्या मिलाया जा रहा है, यह भी है महत्वपूर्ण
कई लोग लौकी के जूस में नींबू, आंवला, अदरक, पुदीना या अन्य चीजें मिलाकर पीते हैं। अलग-अलग लोगों में इन चीजों की सहनशीलता अलग हो सकती है। अगर किसी व्यक्ति को पहले से पेट संबंधी परेशानी है या वह किसी विशेष मेडिकल डाइट पर है, तो नियमित रूप से ऐसे घरेलू जूस लेने से पहले डॉक्टर या योग्य न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लेना बेहतर है।

बच्चों और बीमार लोगों को बिना सलाह न दें
लौकी का जूस बच्चों, बुजुर्गों या किसी बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति को केवल सोशल मीडिया पर बताए गए स्वास्थ्य लाभों के आधार पर नहीं देना चाहिए। खासकर जो लोग नियमित दवाएं लेते हैं या किसी चिकित्सकीय स्थिति के कारण विशेष डाइट फॉलो करते हैं, उन्हें अपनी डाइट में किसी भी नए हेल्थ ड्रिंक को शामिल करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
लौकी का जूस पीना है तो इन बातों का रखें ध्यान
लौकी ताजी और सामान्य स्वाद वाली होनी चाहिए।
जूस बनाने से पहले लौकी का एक छोटा टुकड़ा चखकर कड़वाहट की जांच करें।
अगर लौकी बहुत कड़वी लगे तो उसे बिल्कुल इस्तेमाल न करें।
कड़वे जूस का स्वाद बदलने के लिए उसमें कोई दूसरी सामग्री मिलाकर पीने की कोशिश न करें।
जूस को वजन घटाने या शरीर को डिटॉक्स करने का इलाज न समझें।
जूस पीने के बाद उल्टी, पेट दर्द, दस्त, चक्कर या अन्य असामान्य लक्षण हों तो चिकित्सकीय सलाह लें।

अगर आप किसी बीमारी की दवा लेते हैं या विशेष डाइट पर हैं तो नियमित रूप से लौकी का जूस लेने से पहले विशेषज्ञ से सलाह लें।
लौकी एक सामान्य और पौष्टिक सब्जी हो सकती है, लेकिन लौकी का जूस बनाकर पीते समय सावधानी बेहद जरूरी है। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि कड़वी लौकी का इस्तेमाल बिल्कुल न किया जाए। इसके अलावा किसी भी एक जूस को चमत्कारी हेल्थ ड्रिंक मानकर रोजाना पीने के बजाय संतुलित आहार को प्राथमिकता देना चाहिए।
अगर लौकी का जूस पीने के बाद आपको उल्टी, पेट दर्द, दस्त, चक्कर या अन्य गंभीर लक्षण महसूस हों, तो घरेलू उपाय करने के बजाय समय पर डॉक्टर से संपर्क करना अधिक सुरक्षित है।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी डॉक्टर, डाइटिशियन या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की व्यक्तिगत सलाह का विकल्प नहीं है। किसी बीमारी, दवा या विशेष स्वास्थ्य स्थिति में डाइट से जुड़ा बदलाव करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लें।

