By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang, 2 August 2026: हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, व्रत, यात्रा, गृह प्रवेश, विवाह या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग देखने की परंपरा रही है। पंचांग के माध्यम से तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल और शुभ मुहूर्त की जानकारी प्राप्त होती है, जिससे व्यक्ति अपने महत्वपूर्ण कार्यों की बेहतर योजना बना सकता है। आज रविवार, 2 अगस्त 2026 का दिन सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का है। यह दिन भगवान शिव और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के लिए विशेष महत्व रखता है। आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग।

आज का पंचांग 2 अगस्त 2026
वार: रविवार
माह: श्रावण (सावन)
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: चतुर्थी रात्रि 11:15 बजे तक, इसके बाद पंचमी तिथि प्रारंभ होगी।
नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद रात्रि लगभग 9:36 बजे तक, इसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र प्रारंभ होगा।

योग: अतिगंड योग रात्रि लगभग 10:29 बजे तक, इसके बाद सुकर्मा योग रहेगा।
करण: बव करण प्रातः तक, इसके बाद बालव करण रहेगा।
सूर्योदय: प्रातः लगभग 5:45 बजे
सूर्यास्त: सायं लगभग 7:10 बजे (स्थान के अनुसार समय में थोड़ा अंतर संभव है)।

आज का अभिजीत मुहूर्त
आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक रहेगा। यह समय नए कार्यों की शुरुआत, पूजा, महत्वपूर्ण निर्णय और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
आज का राहुकाल
रविवार को राहुकाल सायं लगभग 5:30 बजे से 7:00 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस अवधि में नए और शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।

आज का धार्मिक महत्व
सावन माह में आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन भगवान शिव के साथ भगवान गणेश की पूजा करने से विघ्नों का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। श्रद्धालु व्रत, जप और पूजा-पाठ के माध्यम से भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।

आज क्या करें
सुबह स्नान के बाद भगवान शिव और भगवान गणेश की पूजा करें।
शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, धतूरा और अक्षत अर्पित करें।
‘ॐ नमः शिवाय’ तथा गणेश मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है।
महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत अभिजीत मुहूर्त में करना लाभदायक हो सकता है।
राहुकाल के दौरान नए कार्य, निवेश या यात्रा आरंभ करने से बचें।

यह पंचांग विभिन्न ज्योतिषीय गणनाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। सूर्योदय, सूर्यास्त, मुहूर्त और राहुकाल का समय स्थान के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर रख सकता है। किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या शुभ कार्य से पहले अपने स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य करें।



