By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
आज का पंचांग 3 अगस्त 2026: श्रावण मास का पहला सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भोलेनाथ की पूजा, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। ऐसे में यदि आप भी आज शिव पूजा, व्रत, दान, जप या कोई शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो पंचांग में बताए गए शुभ मुहूर्त और राहुकाल की जानकारी अवश्य जान लें। वैदिक पंचांग के अनुसार आज सूर्य देव कर्क राशि में विराजमान हैं, जबकि चंद्रमा मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। चंद्रदेव आज उत्तरभाद्रपद नक्षत्र में स्थित रहेंगे, जिससे आध्यात्मिक कार्यों, पूजा-पाठ, मंत्र जाप और भगवान शिव की आराधना के लिए दिन विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।

आज की तिथि
आज श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। सावन का पहला सोमवार होने के कारण इस दिन शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। श्रद्धालु भगवान शिव को गंगाजल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा, भांग और सफेद पुष्प अर्पित कर उनकी कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।

आज का नक्षत्र
आज उत्तरभाद्रपद नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह नक्षत्र आध्यात्मिक उन्नति, धैर्य, ज्ञान और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। इस नक्षत्र में भगवान शिव की आराधना, धार्मिक अनुष्ठान और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है।

आज का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक
अमृत काल: शाम 05:07 बजे से शाम 06:45 बजे तक
इन दोनों शुभ समयों में पूजा-पाठ, नया कार्य प्रारंभ करना, धार्मिक अनुष्ठान, खरीदारी या अन्य शुभ कार्य करना लाभकारी माना जाता है।

आज का राहुकाल
राहुकाल सुबह 07:24 बजे से सुबह 09:05 बजे तक रहेगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए। हालांकि भगवान शिव की पूजा, जप, ध्यान और धार्मिक अनुष्ठान इस समय भी किए जा सकते हैं।

श्रावण के पहले सोमवार का महत्व
सावन का पहला सोमवार भगवान शिव के भक्तों के लिए विशेष आस्था का दिन होता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखकर और श्रद्धा से शिवलिंग का जलाभिषेक करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, दांपत्य जीवन में सुख-शांति आती है, करियर और व्यापार में उन्नति के मार्ग खुलते हैं तथा परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। शिव भक्त इस दिन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ भी करते हैं।

आज पूजा करते समय रखें इन बातों का ध्यान
भगवान शिव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें।
बेलपत्र हमेशा साफ और बिना कटे हुए चढ़ाएं।
शिवलिंग पर तुलसी के पत्ते अर्पित न करें।
पूजा के दौरान मन को शांत रखें और श्रद्धा के साथ मंत्रों का जाप करें।
यदि व्रत रख रहे हैं तो सात्विक भोजन का पालन करें और क्रोध से बचें।

यह पंचांग वैदिक ज्योतिष, पंचांग गणना और धार्मिक मान्यताओं के आधार पर तैयार किया गया है। विभिन्न क्षेत्रों और पंचांगों के अनुसार तिथि, मुहूर्त और समय में आंशिक अंतर संभव है। किसी महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान या मांगलिक कार्य से पहले अपने स्थानीय पंचांग या योग्य आचार्य से परामर्श अवश्य करें।


