By: Mala Mandal
देवघर। देवघर में आयुष्मान भारत योजना के तहत चिकित्सकों की टीम ने एक अत्यंत जटिल एवं चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए महिला के पेट से विशाल ओवेरियन (अंडाशय) ट्यूमर निकालने में सफलता हासिल की। मरीज रुक्मणी देवी की हालत ऑपरेशन के बाद स्थिर बताई जा रही है और उन्हें चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

जानकारी के अनुसार रुक्मणी देवी लंबे समय से पेट में असामान्य सूजन, भारीपन और बार-बार बेचैनी की समस्या से परेशान थीं। जांच के दौरान पता चला कि उनके बाएं अंडाशय में अत्यंत बड़ा ट्यूमर विकसित हो गया है। चिकित्सकों के अनुसार ट्यूमर का आकार इतना बड़ा था कि वह छाती तक पहुंच गया था। साथ ही ट्यूमर मुड़ (Twisted) चुका था, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई थी।

विस्तृत जांच के बाद चिकित्सकों ने तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया। सर्जरी का नेतृत्व वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि रंजन (Gynecologist) ने किया। यह ऑपरेशन बेहद जटिल था, लेकिन डॉ. रवि रंजन के अनुभव, सटीक चिकित्सकीय निर्णय और कुशल नेतृत्व के कारण पूरी सर्जरी सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने में उनका अहम योगदान रहा।

ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. चंद्रनील ने निभाई। वहीं ऑपरेशन थिएटर में सुनीता, सुमन, मनोज, अलका, रामलाल, राजेश एवं देवकी सहित पूरी मेडिकल टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी के समन्वित प्रयास से विशाल ओवेरियन ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल लिया गया।

चिकित्सकों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान निकाले गए ट्यूमर को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच (Histopathological Examination) के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ट्यूमर की प्रकृति क्या है। रिपोर्ट मिलने तक किसी भी प्रकार का अंतिम चिकित्सकीय निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

सर्जरी के बाद मरीज की लगातार निगरानी की जा रही है। वर्तमान में रुक्मणी देवी की हालत अच्छी और स्थिर है। उन्हें आवश्यक दवाएं, पोषण और पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि यदि रिकवरी इसी प्रकार जारी रही तो निर्धारित समय पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

डॉ. रवि रंजन ने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि पेट में लगातार सूजन, असामान्य दर्द, भारीपन, भूख कम लगना या पेट का आकार तेजी से बढ़ने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।

चिकित्सकों ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा तकनीक, अनुभवी डॉक्टरों और प्रशिक्षित मेडिकल टीम के समन्वय से अब इस प्रकार की जटिल सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा रही है। आयुष्मान भारत योजना के तहत जरूरतमंद मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी उच्चस्तरीय उपचार का लाभ मिल रहा है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरीज की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। अब सभी की नजर हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट पर है, जिसके आधार पर आगे की उपचार प्रक्रिया तय की जाएगी।

