By: Mala Mandal
रांची। झारखंड की राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन के 13वें दिन राजनीति ने नया मोड़ ले लिया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आंदोलन कर रहे छात्रों से ऑडियो कॉल पर करीब तीन मिनट तक बातचीत की। इस दौरान छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों, परीक्षा माफिया की सक्रियता और अपनी प्रमुख मांगों को राहुल गांधी के सामने रखा। राहुल गांधी ने छात्रों की बातें गंभीरता से सुनीं और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

छात्रों और राहुल गांधी के बीच हुई यह बातचीत ऐसे समय सामने आई है जब झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और भर्ती प्रक्रिया को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध की नहीं, बल्कि अपने भविष्य और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था के लिए है।
13 दिनों से जारी है आंदोलन
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र पिछले 13 दिनों से धरना दे रहे हैं। प्रदर्शनकारी युवाओं का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार अनियमितताएं सामने आ रही हैं। पेपर लीक, दलालों की सक्रियता और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। छात्रों का कहना है कि वर्षों की मेहनत के बावजूद उन्हें निष्पक्ष अवसर नहीं मिल रहा है। इसी कारण वे लगातार सरकार से ठोस कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने सुनी छात्रों की समस्याएं
ऑडियो कॉल के दौरान छात्रों ने राहुल गांधी को विस्तार से बताया कि किस प्रकार परीक्षा माफिया युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। छात्रों ने यह भी कहा कि यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो योग्य अभ्यर्थियों का विश्वास पूरी व्यवस्था से उठ जाएगा। राहुल गांधी ने छात्रों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी आवाज को उचित मंच तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था लोकतंत्र की आवश्यकता है।

परीक्षा माफिया बना बड़ा मुद्दा
हाल के वर्षों में देश के कई राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और भर्ती घोटालों के मामले सामने आए हैं। ऐसे मामलों ने लाखों अभ्यर्थियों को प्रभावित किया है। रांची में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि यदि परीक्षा माफिया पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो प्रतिभाशाली युवाओं का भविष्य लगातार संकट में रहेगा। छात्रों ने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए।

छात्रों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं—
– परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।
– पेपर लीक और परीक्षा माफिया पर कठोर कार्रवाई हो।
– लंबित भर्तियों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
– प्रतियोगी परीक्षाओं का नियमित कैलेंडर जारी किया जाए।
– युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय की जाए।

राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा
राहुल गांधी की छात्रों से बातचीत के बाद झारखंड की राजनीति में भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष इसे युवाओं की आवाज के समर्थन के रूप में पेश कर रहा है, जबकि सत्तापक्ष की ओर से इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा प्रणाली जैसे मुद्दे आने वाले समय में भी राजनीतिक विमर्श के केंद्र में बने रह सकते हैं।

युवाओं में बढ़ रही नाराजगी
देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं को लेकर युवाओं में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। लाखों अभ्यर्थी वर्षों तक तैयारी करने के बाद भी समय पर परीक्षा और नियुक्ति नहीं मिलने से निराश हैं। रांची का आंदोलन भी इसी व्यापक असंतोष का हिस्सा माना जा रहा है। छात्रों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है ताकि भविष्य में किसी भी अभ्यर्थी को ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

आगे क्या?
अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार आंदोलनकारी छात्रों की मांगों पर क्या फैसला लेती है। यदि जल्द सकारात्मक पहल नहीं होती है तो आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
दूसरी ओर राहुल गांधी द्वारा छात्रों से बातचीत ने इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी छात्र आंदोलन के बीच राहुल गांधी की फोन पर हुई बातचीत ने आंदोलन को नई चर्चा दे दी है। छात्रों ने परीक्षा माफिया, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया, जबकि राहुल गांधी ने उनकी मांगों को उचित मंच तक पहुंचाने और सहयोग का भरोसा दिया। अब देखना होगा कि सरकार इस आंदोलन और छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।

