By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 21 August 2026: आज 21 अगस्त 2026, शुक्रवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। नवमी तिथि रात करीब 11:36 बजे तक रहेगी, इसके बाद शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। आज का दिन पूजा-पाठ, धार्मिक कार्यों और आध्यात्मिक साधना के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहेगा और दिन के पहले हिस्से में अनुराधा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। उपलब्ध पंचांग गणनाओं के अनुसार 21 अगस्त को नवमी तिथि, अनुराधा नक्षत्र और विभिन्न शुभ-अशुभ काल का संयोग बन रहा है। हालांकि मुहूर्त और राहुकाल का सटीक समय शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।

21 अगस्त 2026 का पंचांग एक नजर में
दिन: शुक्रवार
तारीख: 21 अगस्त 2026
मास: श्रावण
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: नवमी, रात 11:36 बजे तक
इसके बाद: दशमी तिथि
वार: शुक्रवार
नक्षत्र: अनुराधा, इसके बाद ज्येष्ठा
चंद्र राशि: वृश्चिक
ऋतु: वर्षा
विक्रम संवत: 2083
आज की तिथि और नक्षत्र से जुड़ी गणनाएं अलग-अलग पंचांग पद्धतियों और स्थान के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती हैं। इसलिए किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या संस्कार के लिए स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता देना उचित माना जाता है।

आज कब तक रहेगी नवमी तिथि?
21 अगस्त को श्रावण शुक्ल नवमी तिथि रात 11:36 बजे तक रहने की जानकारी दी गई है। इसके बाद शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि शुरू होगी। ऐसे में नवमी तिथि से जुड़े धार्मिक कार्य करने वाले श्रद्धालुओं के लिए तिथि समाप्त होने का समय महत्वपूर्ण रहेगा।
आज का नक्षत्र क्या है?
पंचांग के अनुसार आज दिन की शुरुआत अनुराधा नक्षत्र के साथ होगी। इसके बाद नक्षत्र परिवर्तन होगा और ज्येष्ठा नक्षत्र का प्रभाव आएगा। अनुराधा नक्षत्र को पारंपरिक ज्योतिष में मित्रता, अनुशासन, भक्ति और लक्ष्य के प्रति समर्पण से जोड़कर देखा जाता है। आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में रहने के कारण भावनात्मक विषयों में गहराई और आत्ममंथन का प्रभाव महसूस किया जा सकता है।

आज का राहुकाल कितने बजे से है?
राहुकाल में नए और अत्यंत महत्वपूर्ण शुभ कार्य शुरू करने से परंपरागत रूप से बचने की सलाह दी जाती है। 21 अगस्त को शुक्रवार होने के कारण राहुकाल दिन के अलग समय में रहेगा। दिल्ली के लिए उपलब्ध पंचांग में राहुकाल का समय लगभग दोपहर 2:03 बजे से 3:41 बजे तक बताया गया है। वहीं अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त के अंतर के कारण यह समय बदल सकता है।
नोट: आपके शहर के अनुसार राहुकाल में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना बेहतर रहेगा।
आज का अभिजीत मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त को हिंदू पंचांग में दिन के प्रमुख शुभ समयों में माना जाता है। दिल्ली के लिए 21 अगस्त को यह समय लगभग दोपहर 12:01 बजे से 12:49 बजे तक बताया गया है। इस दौरान शुभ कार्य शुरू करने की परंपरा है। हालांकि अभिजीत मुहूर्त भी स्थान के अनुसार बदलता है। इसलिए यदि आप किसी बड़े शुभ कार्य की शुरुआत करने जा रहे हैं तो अपने शहर का स्थानीय पंचांग जरूर देखें।

आज का यमगंड और गुलिक काल
पंचांग में राहुकाल के अलावा यमगंड और गुलिक काल को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। दिल्ली के लिए उपलब्ध गणना के अनुसार:
यमगंड: सुबह 5:54 बजे से 7:32 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 9:10 बजे से 10:48 बजे तक
राहुकाल: दोपहर 2:03 बजे से 3:41 बजे तक
इन अवधियों में नए महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत से बचने की धार्मिक परंपरा है।
आज सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
दिल्ली आधारित पंचांग के अनुसार 21 अगस्त को सूर्योदय लगभग सुबह 5:53 बजे और सूर्यास्त करीब शाम 6:54 बजे रहेगा। दूसरे शहरों में भौगोलिक स्थिति के अनुसार सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में अंतर होगा। इसी वजह से पूजा, संध्या, राहुकाल और अन्य मुहूर्तों के लिए स्थानीय स्थान के अनुसार पंचांग देखना अधिक सटीक माना जाता है।

आज पूजा-पाठ के लिए क्या करें?
श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। शुक्रवार के दिन श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार भगवान शिव के साथ माता लक्ष्मी या देवी की पूजा भी कर सकते हैं। भगवान शिव को जल अर्पित करना, शिव मंत्र का जाप करना, मंदिर में दर्शन करना और अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है। यदि आप व्रत रख रहे हैं तो अपनी स्वास्थ्य स्थिति और पारिवारिक परंपरा के अनुसार ही उपवास करें।
आज कौन से काम करने से बचें?
राहुकाल और अन्य अशुभ माने जाने वाले समय में नए बड़े कार्य की शुरुआत करने से पारंपरिक रूप से बचने की सलाह दी जाती है। विशेष रूप से विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यवसाय शुरू करना या किसी महत्वपूर्ण यात्रा की शुरुआत जैसे कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त देखकर आगे बढ़ना बेहतर माना जाता है। दैनिक जरूरी कामों को लेकर अनावश्यक डरने की जरूरत नहीं है। पंचांग के मुहूर्त धार्मिक मान्यताओं पर आधारित होते हैं।

आज का धार्मिक महत्व
श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर पूजा, मंत्र जाप, ध्यान और धार्मिक गतिविधियां करने से मन को शांति मिलने की मान्यता है। आज शुक्रवार होने के कारण देवी लक्ष्मी की पूजा और माता का स्मरण भी कई परिवारों में किया जाता है। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक और क्षेत्रीय परंपरा के अनुसार पूजा-पाठ कर सकते हैं।
आज का पंचांग क्यों जरूरी है?
पंचांग केवल तिथि बताने का माध्यम नहीं है। इसमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त और शुभ-अशुभ समय जैसी जानकारियां शामिल होती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन्हीं जानकारियों के आधार पर पूजा, व्रत और शुभ कार्यों के लिए समय चुना जाता है। आज 21 अगस्त के पंचांग में श्रावण शुक्ल नवमी, अनुराधा नक्षत्र और राहुकाल जैसी जानकारियां विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।

21 अगस्त 2026 पंचांग: जरूरी बातें
अगर आप आज पूजा या कोई शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं तो सबसे पहले अपने शहर के अनुसार पंचांग देख लें। तिथि और नक्षत्र देश के बड़े हिस्से में समान रहते हैं, लेकिन सूर्योदय-सूर्यास्त आधारित मुहूर्त और राहुकाल के समय में स्थानीय अंतर हो सकता है।
आज नवमी तिथि रात 11:36 बजे तक है और इसके बाद दशमी शुरू होगी। राहुकाल के दौरान नए शुभ कार्य की शुरुआत से बचना पारंपरिक रूप से उचित माना जाता है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त और धार्मिक जानकारी पारंपरिक ज्योतिष एवं पंचांग मान्यताओं पर आधारित है। अलग-अलग पंचांग, स्थान और गणना पद्धति के कारण समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान, संस्कार या महत्वपूर्ण शुभ कार्य के लिए अपने स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से समय की पुष्टि करें। यह जानकारी धार्मिक आस्था और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है।

