By:Vikash Kumar Raut (Vicky)
Snake Bite Symptoms and First Aid: बारिश के मौसम में सांप अपने बिलों और छिपने की जगहों से बाहर निकलकर अक्सर घरों, खेतों, झाड़ियों, लकड़ी के ढेर और पानी जमा होने वाली जगहों के आसपास दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में सांप के काटने का खतरा भी बढ़ जाता है। खासकर ग्रामीण और खेतिहर इलाकों में सांप के काटने की घटनाएं चिंता का विषय रहती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में सांप के काटने के मामलों में चार प्रमुख जहरीली प्रजातियां बड़ी भूमिका निभाती हैं, जिनमें कोबरा, कॉमन क्रेट, रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर शामिल हैं। सांप के काटने के बाद हर व्यक्ति में एक जैसे लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है। कुछ मामलों में शुरुआत में केवल काटने के निशान या हल्का दर्द हो सकता है, जबकि जहरीले सांप के जहर का असर होने पर कुछ समय बाद शरीर में गंभीर लक्षण विकसित हो सकते हैं। यही वजह है कि सांप के काटने को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।

सबसे जरूरी बात यह है कि सांप के काटने के बाद घरेलू नुस्खों या झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें। पीड़ित को जितनी जल्दी हो सके ऐसे अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए जहां सांप के जहर के इलाज की सुविधा और एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध हो। WHO के अनुसार एंटीवेनम जहरीले सांप के जहर के प्रभाव को रोकने या उलटने का सबसे प्रभावी उपचार है।
जहरीले सांप के काटने पर दिख सकते हैं ये 8 लक्षण
1. काटने वाली जगह पर तेज दर्द
कुछ सांपों के काटने के बाद प्रभावित हिस्से में तेज दर्द महसूस हो सकता है। दर्द धीरे-धीरे बढ़ सकता है और काटे गए हिस्से के आसपास संवेदनशीलता भी बढ़ सकती है। हालांकि केवल दर्द होने या न होने से यह तय नहीं किया जा सकता कि सांप जहरीला था या नहीं।
2. तेजी से बढ़ती सूजन
सांप के जहर के असर का एक महत्वपूर्ण संकेत काटे गए हिस्से में सूजन हो सकता है। कई मामलों में सूजन तेजी से आसपास के हिस्से में फैल सकती है। WHO की गाइडलाइन में तेजी से बढ़ती स्थानीय सूजन को संभावित जहर के प्रभाव के महत्वपूर्ण संकेतों में शामिल किया गया है।
अगर हाथ या पैर में काटा है और सूजन तेजी से ऊपर की ओर बढ़ रही है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
3. काटने की जगह पर खून या असामान्य रक्तस्राव
कुछ जहरीले सांपों का जहर शरीर की रक्त जमने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इसके कारण काटने वाली जगह से खून आना या शरीर के अन्य हिस्सों में असामान्य रक्तस्राव जैसी समस्या हो सकती है। गंभीर मामलों में जहर आंतरिक रक्तस्राव का खतरा भी बढ़ा सकता है।
बाद ऐसा कोई लक्षण दिखाई दे तो इसे मेडिकल इमरजेंसी मानते हुए तुरंत अस्पताल पहुंचाना जरूरी है।

6. सांस लेने में तकलीफ
सांप के जहर का सबसे गंभीर प्रभाव सांस से संबंधित हो सकता है। व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी, सांस धीमी पड़ना या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो सकती है। कुछ जहरीले सांपों का न्यूरोटॉक्सिक जहर शरीर की उन मांसपेशियों को प्रभावित कर सकता है जो सांस लेने में मदद करती हैं।
सांस लेने में दिक्कत शुरू हो जाए तो एक मिनट भी बर्बाद नहीं करना चाहिए।
7. मांसपेशियों में कमजोरी या शरीर में ढीलापन
जहर के शरीर में फैलने पर हाथ-पैरों या पूरे शरीर में कमजोरी महसूस हो सकती है। व्यक्ति को चलने, बैठने या अपने शरीर को संभालने में परेशानी हो सकती है।
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को खुद चलाकर अस्पताल ले जाने के बजाय शरीर की गतिविधि कम से कम रखते हुए सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाना बेहतर है। WHO भी प्रभावित अंग को स्थिर रखने और मरीज को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने की सलाह देता है।

8. उल्टी, चक्कर या बेहोशी जैसी स्थिति
कुछ मामलों में सांप के काटने के बाद उल्टी, चक्कर, अत्यधिक कमजोरी, भ्रम या बेहोशी जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यदि व्यक्ति की हालत तेजी से बिगड़ रही हो तो यह गंभीर जहर के असर का संकेत हो सकता है।
बेहोशी या उल्टी की स्थिति में मरीज को पीठ के बल सीधा लिटाने के बजाय उसकी सांस की नली सुरक्षित रखने के लिए करवट की स्थिति में रखना उपयोगी हो सकता है। WHO भी उल्टी की स्थिति में व्यक्ति को बाईं करवट रखने की सलाह देता है।
सांप के काटने के बाद सबसे पहले क्या करें?
सांप के काटने के बाद घबराने के बजाय सबसे पहले व्यक्ति को सांप से दूर सुरक्षित स्थान पर ले जाएं। इसके बाद मरीज को शांत रखें और उसे अनावश्यक रूप से चलने-फिरने न दें। काटे गए हाथ या पैर को जितना संभव हो स्थिर रखें। यदि उस हिस्से में अंगूठी, कड़ा, पायल, घड़ी या कोई अन्य टाइट सामान पहना है तो सूजन बढ़ने से पहले उसे निकाल दें। WHO प्रभावित अंग को immobilize करने और जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने की सलाह देता है।
इसके बाद बिना देरी किए अस्पताल ले जाएं। भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय दिशा-निर्देश भी तत्काल चिकित्सा सहायता लेने, प्रभावित अंग को स्थिर रखने और टाइट सामान हटाने की सलाह देते हैं।

सांप के काटने पर ये गलतियां बिल्कुल न करें
सांप के काटने के बाद कई लोग घबराहट में ऐसे उपाय करने लगते हैं जो नुकसान पहुंचा सकते हैं। WHO और भारत सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार घाव को काटना, जहर चूसने की कोशिश करना, काला पत्थर लगाना, घाव पर जड़ी-बूटी या केमिकल लगाना और मालिश करना जैसे तरीके नहीं अपनाने चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हाथ या पैर पर बहुत कसकर रस्सी, तार या पट्टा बांधकर tourniquet बनाने की कोशिश न करें। गलत तरीके से बांधा गया टाइट tourniquet रक्त प्रवाह को रोककर गंभीर नुकसान कर सकता है।
सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें
सांप के काटने के बाद उसकी पहचान करने के लिए उसे पकड़ने या मारने की कोशिश करना बेहद खतरनाक हो सकता है। अगर सुरक्षित दूरी से संभव हो तो सांप की फोटो मोबाइल से ली जा सकती है, लेकिन इसके लिए दोबारा उसके पास जाना बिल्कुल उचित नहीं है। भारत के राष्ट्रीय दिशा-निर्देश भी सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करने की सलाह देते हैं।

क्या हर सांप के काटने पर एंटीवेनम दिया जाता है?
नहीं। एंटी-स्नेक वेनम डॉक्टर की जांच और मरीज में जहर के प्रभाव के संकेतों के आधार पर दिया जाता है। इसका फैसला अस्पताल में प्रशिक्षित चिकित्सा टीम करती है। WHO के अनुसार एंटीवेनम तब दिया जाना चाहिए जब उसके लाभ संभावित जोखिम से अधिक हों और जब उसके इस्तेमाल के चिकित्सकीय संकेत मौजूद हों। इसलिए घर पर खुद से कोई एंटीवेनम या दूसरी दवा देने की कोशिश न करें।
बारिश में सांप से बचने के लिए क्या सावधानी रखें?
बारिश के मौसम में घर के आसपास कूड़ा, लकड़ी, पत्थर, घास और ऐसी जगहें जहां सांप छिप सकते हैं, उन्हें साफ रखें। रात में बाहर निकलते समय टॉर्च या पर्याप्त रोशनी का इस्तेमाल करें। जूते पहनने से पहले उन्हें अच्छी तरह जांच लें और घर के आसपास की घास को नियमित रूप से साफ रखें। WHO भी घर के आसपास सफाई रखने, घास छोटी रखने और रात में रोशनी का इस्तेमाल करने जैसी सावधानियों की सलाह देता है।

सबसे जरूरी बात
सांप के काटने के बाद लक्षणों का इंतजार करना सही नहीं है। शुरुआत में मरीज सामान्य दिखाई दे सकता है, लेकिन कुछ जहरीले सांपों के जहर का असर बाद में गंभीर रूप ले सकता है। इसलिए संदिग्ध सांप के काटने पर व्यक्ति को तुरंत चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाना सबसे महत्वपूर्ण कदम है। भारत सरकार की राष्ट्रीय कार्ययोजना भी तेजी से अस्पताल पहुंचाने, उचित प्राथमिक उपचार और जरूरत पड़ने पर समय पर एंटीवेनम देने को जीवन बचाने के लिए महत्वपूर्ण बताती है।

यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता और जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सांप के काटने की स्थिति में लक्षणों का इंतजार करना या घरेलू उपचार आजमाना जानलेवा हो सकता है। संदिग्ध सांप के काटने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल या ऐसी स्वास्थ्य सुविधा में जाएं जहां उचित चिकित्सा और एंटी-स्नेक वेनम की सुविधा उपलब्ध हो। किसी भी दवा या उपचार का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बिना न करें। यह लेख चिकित्सकीय निदान या डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है।

