By: Mala Mandal
मोहनपुर। मोहनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत लीला आश्रम पेट्रोल पंप के समीप स्थित आईबीपी ढाबा और उससे सटी एक छोटी दुकान को लेकर इन दिनों क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। स्थानीय सूत्रों और लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, उक्त स्थान पर कथित रूप से शराब की खरीद-बिक्री और सेवन का सिलसिला लंबे समय से जारी है। आरोप है कि दिन के समय ढाबे में और देर रात ढाबा बंद होने के बाद समीप स्थित छोटी दुकान से कथित तौर पर शराब की बिक्री की जाती है। श्रावण का पवित्र महीना चल रहा है और इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं कांवरिया विभिन्न मार्गों से आवागमन करते हैं। ऐसे समय में मुख्य सड़क के समीप शराब की कथित बिक्री को लेकर स्थानीय लोगों के बीच चिंता जताई जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित पुलिस एवं उत्पाद विभाग की ओर से आधिकारिक कार्रवाई या बयान सामने आने की स्थिति में तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

रात में बदल जाता है दुकान का कथित कारोबार
स्थानीय लोगों के अनुसार, दिन के समय ढाबे के समीप स्थित छोटी दुकान में सिगरेट, गुटखा, कोल्ड ड्रिंक और अन्य सामान्य सामान की बिक्री होती है। आरोप है कि देर रात दुकान का स्वरूप कथित रूप से बदल जाता है और वहां शराब की बिक्री शुरू हो जाती है। सूत्रों का दावा है कि ढाबे में कथित रूप से शराब की बिक्री रात करीब 12 बजे तक होती है। इसके बाद जब ढाबे की गतिविधियां कम हो जाती हैं या ढाबा बंद हो जाता है, तब समीप की दुकान से कथित तौर पर शराब की बिक्री जारी रहती है। स्थानीय चर्चाओं के मुताबिक, यह गतिविधि रात करीब 12 बजे से सुबह 6 बजे तक चलने की बात कही जा रही है। सुबह होने के बाद दुकान में फिर से सामान्य सामान की बिक्री शुरू हो जाती है।
हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में यह जरूरी है कि संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाए।

ढाबे में शराब सेवन को लेकर भी चर्चा
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कथित रूप से ढाबे में ही शराब खरीदकर कुछ लोग भोजन के साथ उसका सेवन करते हैं। देर रात तक शराब पीने वालों की मौजूदगी को लेकर भी क्षेत्र में चर्चा है। लोगों का कहना है कि शराब के नशे में कई बार आपसी कहासुनी और विवाद जैसी स्थिति उत्पन्न होने की बातें सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि नशे की स्थिति में कुछ लोगों द्वारा देर रात शोर-शराबा और हंगामा किया जाता है। यदि इस तरह की गतिविधियां वास्तव में जारी हैं तो इससे आसपास रहने वाले लोगों के साथ-साथ सड़क से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी हो सकती है।

सड़क सुरक्षा को लेकर भी चिंता
आईबीपी ढाबा और समीप की दुकान मुख्य सड़क के किनारे स्थित होने के कारण कथित शराब बिक्री और सेवन को लेकर सड़क सुरक्षा का मुद्दा भी महत्वपूर्ण हो जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, देर रात शराब सेवन के बाद सड़क पर आने-जाने वाले लोगों से विवाद या नशे में वाहन चलाने जैसी स्थिति उत्पन्न होने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। विशेषकर श्रावण के दौरान क्षेत्र में श्रद्धालुओं और कांवरियों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में मुख्य मार्ग के आसपास किसी भी प्रकार की असामाजिक या गैरकानूनी गतिविधि सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर विषय हो सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री की भी चर्चा
क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि कथित रूप से शराब निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेचे जाने की बात सामने आ रही है। यदि जांच में इस तरह की अनियमितता की पुष्टि होती है तो इससे उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान होने के साथ-साथ अवैध शराब कारोबार को बढ़ावा मिलने की आशंका है।लोगों का कहना है कि शराब की बिक्री से जुड़े नियमों और निर्धारित लाइसेंस व्यवस्था का पालन होना आवश्यक है। यदि बिना वैध अनुमति के शराब की बिक्री की जा रही है तो संबंधित विभाग को कार्रवाई करनी चाहिए।

प्रशासन की भूमिका पर उठ रहे सवाल
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि लंबे समय से इस स्थान पर कथित रूप से शराब की बिक्री और सेवन की चर्चा है तो संबंधित विभागों को इसकी जांच क्यों नहीं करनी चाहिए? लोगों का यह भी कहना है कि मुख्य सड़क के किनारे किसी प्रतिष्ठान में देर रात तक ऐसी गतिविधियां चलने की शिकायत यदि प्रशासन तक पहुंच रही है, तो इसकी सत्यता जांचने के लिए नियमित निरीक्षण किया जाना चाहिए। साथ ही यदि आरोप गलत हैं तो जांच के बाद स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए, ताकि किसी प्रतिष्ठान की छवि भी अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो।

निष्पक्ष जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने पुलिस एवं संबंधित उत्पाद विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि आईबीपी ढाबा अथवा समीप की दुकान में बिना अनुमति शराब की बिक्री हो रही है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। वहीं यदि आरोप निराधार हैं तो प्रशासन को जांच के माध्यम से वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए।

फिलहाल आईबीपी ढाबा और समीप की दुकान को लेकर क्षेत्र में कथित अवैध शराब कारोबार की चर्चा बनी हुई है। अब देखना होगा कि पुलिस और उत्पाद विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या जांच के बाद वास्तविक स्थिति सामने आती है। प्रशासन की ओर से जांच या कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही इन आरोपों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

