By: Vikash Kumar (Vicky)

Aaj Ka Panchang 7 September 2026: आज 7 सितंबर 2026, सोमवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। इस दिन अजा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। सोमवार और एकादशी का संयोग होने के कारण भगवान विष्णु के साथ भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन भगवान विष्णु की आराधना, व्रत, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने से व्यक्ति को शुभ फल की प्राप्ति होती है।
आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, सूर्यास्त, अभिजीत मुहूर्त और राहुकाल का विशेष महत्व है। अगर आप आज कोई शुभ काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो शुभ मुहूर्त और राहुकाल का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। आइए जानते हैं 7 सितंबर 2026 का पूरा पंचांग और आज के दिन की धार्मिक विशेषताएं।

7 सितंबर 2026 का पंचांग
वार: सोमवार
माह: भाद्रपद
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: एकादशी
एकादशी तिथि समाप्त: शाम करीब 5:04 बजे
इसके बाद: कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि शुरू होगी

नक्षत्र: पुनर्वसु, शाम करीब 6:14 बजे तक, इसके बाद पुष्य नक्षत्र
चंद्र राशि: मिथुन
सूर्य राशि: सिंह
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
अयन: दक्षिणायन
आज कौन सा व्रत है?
आज भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 6 सितंबर की शाम से शुरू होकर 7 सितंबर की शाम करीब 5:04 बजे तक रहेगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार अजा एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने का विशेष महत्व है।

अजा एकादशी का क्या है महत्व?
हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु को समर्पित माना गया है। भाद्रपद कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने से पापों से मुक्ति, सुख-शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
अजा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है। भक्त सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं और भगवान विष्णु को पीले फूल, फल तथा तुलसी अर्पित करते हैं। इसके बाद भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप और विष्णु सहस्रनाम का पाठ किया जाता है।

आज का सूर्योदय और सूर्यास्त
7 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के अनुसार सूर्योदय करीब सुबह 6:02 बजे और सूर्यास्त करीब शाम 6:35 बजे माना गया है। अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में कुछ अंतर हो सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना अधिक उचित माना जाता है।
आज का अभिजीत मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त को हिंदू धर्म में दिन के प्रमुख शुभ समयों में से एक माना जाता है। नई दिल्ली के अनुसार आज 7 सितंबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:53 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक रहेगा।
इस समय को कई शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। हालांकि किसी विशेष धार्मिक संस्कार, विवाह, गृह प्रवेश या अन्य बड़े मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग और ज्योतिषाचार्य की सलाह लेना बेहतर रहता है।

आज का राहुकाल
सोमवार के दिन राहुकाल सुबह के समय पड़ता है। नई दिल्ली के अनुसार 7 सितंबर 2026 को राहुकाल सुबह 7:36 बजे से 9:10 बजे तक रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल के दौरान किसी नए शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। हालांकि जो कार्य पहले से चल रहे हों, उन्हें रोकना आवश्यक नहीं माना जाता।
आज के अन्य शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:31 बजे से 5:16 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:53 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:11 बजे से 6:59 बजे तक
प्रदोष काल: शाम 6:35 बजे से रात 8:05 बजे तक
निशिता मुहूर्त: रात 11:56 बजे से 12:42 बजे तक
ये समय नई दिल्ली के पंचांग के आधार पर हैं और स्थान के अनुसार इनमें अंतर हो सकता है।

आज का योग और नक्षत्र
आज पुनर्वसु नक्षत्र शाम करीब 6:14 बजे तक रहेगा। इसके बाद पुष्य नक्षत्र का आरंभ होगा। पंचांग के अनुसार सुबह व्यतीपात योग के बाद वरीयान योग का प्रभाव रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में नक्षत्र और योग को दिन के शुभ-अशुभ फल का आकलन करने में महत्वपूर्ण माना जाता है।
अजा एकादशी पर कैसे करें भगवान विष्णु की पूजा?
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करके भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। भगवान विष्णु को पीले फूल, फल और तुलसी अर्पित करें। इसके बाद ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें। अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुसार व्रत रखें तथा जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, वस्त्र या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करें।
एकादशी व्रत के नियम अलग-अलग परिवारों और परंपराओं में अलग हो सकते हैं। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना उचित है।

आज क्या करें?
अजा एकादशी के दिन भगवान विष्णु का ध्यान और पूजा करें।
तुलसी के पौधे के सामने दीपक जलाकर भगवान विष्णु का स्मरण करें।
जरूरतमंदों को भोजन या अपनी क्षमता के अनुसार दान करें।
मन को शांत रखने के लिए मंत्र जाप या धार्मिक पाठ करें।
अपने सामर्थ्य के अनुसार व्रत या सात्विक भोजन का पालन करें।
आज क्या न करें?
राहुकाल के दौरान नए शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचें।
एकादशी व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार अन्न और अनाज का सेवन न करने का नियम अपनाते हैं।
किसी से बेवजह विवाद या क्रोध करने से बचें।
बिना सोचे-समझे बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचना बेहतर है।

धन और सुख-समृद्धि के लिए क्या करें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अजा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। शाम के समय भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए घी का दीपक जलाएं और अपनी श्रद्धा के अनुसार मंत्र जाप करें। जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन या आवश्यक वस्तुओं का दान करना भी पुण्यदायी माना जाता है।
7 सितंबर 2026 क्यों है खास?
7 सितंबर 2026 को अजा एकादशी और सोमवार का संयोग बन रहा है। एकादशी भगवान विष्णु की आराधना के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, जबकि सोमवार भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। ऐसे में धार्मिक आस्था रखने वाले लोग आज भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सकते हैं। दिनभर पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक गतिविधियों के लिए यह दिन विशेष माना जा रहा है।
आज का पंचांग हमें दिन की तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ-अशुभ समय की जानकारी देता है। अगर आप कोई नया काम शुरू करने जा रहे हैं तो स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ समय जरूर देख लें। साथ ही राहुकाल को लेकर धार्मिक मान्यताओं का पालन करते हुए महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत शुभ समय में करने की कोशिश करें।
इस लेख में दी गई जानकारी हिंदू पंचांग और धार्मिक-ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। अलग-अलग स्थानों और पंचांग पद्धतियों के अनुसार तिथि, मुहूर्त, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसे धार्मिक मान्यता के रूप में लें। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
