By: Mala Mandal
कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की कृष्णानगर सांसद महुआ मोइत्रा को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल के नदिया जिले की कृष्णानगर अदालत द्वारा महुआ मोइत्रा के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने संबंधित मामले की सुनवाई कृष्णानगर जिला अदालत से हटाकर उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर स्थित विशेष MP-MLA कोर्ट में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के इस फैसले को महुआ मोइत्रा के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देते हुए सांसद ने पहले कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था। इससे पहले हाईकोर्ट ने वारंट के अमल पर अंतरिम रोक लगाई थी और अब मामले की सुनवाई के बाद गिरफ्तारी वारंट को ही रद्द कर दिया गया है।

कृष्णानगर कोर्ट ने क्यों जारी किया था गिरफ्तारी वारंट?
महुआ मोइत्रा के खिलाफ पश्चिम बंगाल में विवादित और कथित तौर पर आपत्तिजनक बयानों से जुड़ा मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में उन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भारतीय सेना और धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दों पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप लगाए गए थे। उनके खिलाफ महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने, धार्मिक भावनाओं को आहत करने और विभिन्न समुदायों के बीच तनाव या संघर्ष भड़काने से संबंधित आरोप भी लगाए गए थे। इस मामले में कृष्णानगर की निचली अदालत ने महुआ मोइत्रा को कई बार समन जारी किए थे। रिपोर्टों के अनुसार, बार-बार समन जारी होने के बावजूद अदालत में पेश न होने पर कृष्णानगर के तृतीय न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने 19 अगस्त को उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था। निचली अदालत ने अपने आदेश में महुआ मोइत्रा के बार-बार पेश न होने पर नाराजगी जताई थी और माना था कि समन के बावजूद अदालत के आदेशों का पालन नहीं किया गया। इसके बाद सांसद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का फैसला किया गया।

महुआ मोइत्रा पहुंचीं कलकत्ता हाईकोर्ट
गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद महुआ मोइत्रा ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उनकी ओर से निचली अदालत के आदेश और गिरफ्तारी वारंट को चुनौती दी गई। मामले की पिछली सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने महुआ मोइत्रा को अंतरिम राहत देते हुए गिरफ्तारी वारंट के अमल पर रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट ने तब निर्देश दिया था कि वारंट के आधार पर सांसद के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाए। इसके बाद मामले की विस्तृत सुनवाई हुई और अब हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट को रद्द कर दिया है। इस फैसले के साथ कृष्णानगर की अदालत द्वारा मामले में दिए गए अन्य संबंधित आदेशों को भी निरस्त किए जाने की बात सामने आई है।

MP-MLA कोर्ट में ट्रांसफर हुआ मामला
कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मामले का स्थानांतरण है। महुआ मोइत्रा की ओर से उनके वकील ने यह सवाल उठाया था कि एक मौजूदा सांसद से जुड़े मामले की सुनवाई किस अदालत के अधिकार क्षेत्र में होनी चाहिए। महुआ मोइत्रा की ओर से दलील दी गई कि सांसदों और विधायकों से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए विशेष MP-MLA कोर्ट की व्यवस्था है। इसलिए उनके खिलाफ चल रहे मामले की सुनवाई कृष्णानगर की सामान्य अदालत के बजाय विशेष MP-MLA अदालत में होनी चाहिए। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इस दलील को स्वीकार करते हुए संबंधित मामले को कृष्णानगर जिला अदालत से बिधाननगर स्थित MP-MLA कोर्ट में स्थानांतरित करने का आदेश दिया। रिपोर्टों के अनुसार, मामले की सुनवाई कलकत्ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने की, जिसमें न्यायमूर्ति देबांशु बसाक और न्यायमूर्ति आर्यक दत्त शामिल थे। अदालत ने पहले गिरफ्तारी वारंट के अमल पर रोक लगाई थी और अब उसे रद्द कर दिया है।

महुआ मोइत्रा के लिए क्यों अहम है फैसला?
कलकत्ता हाईकोर्ट का यह फैसला महुआ मोइत्रा के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट समाप्त हो गया है। साथ ही, अब मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया विशेष MP-MLA कोर्ट में चलेगी। हालांकि, गिरफ्तारी वारंट रद्द होने का मतलब यह नहीं है कि मूल मामले का अंतिम निपटारा हो गया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद संबंधित मामले की सुनवाई अब सक्षम MP-MLA कोर्ट में होगी, जहां कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इस फैसले ने एक बार फिर निर्वाचित प्रतिनिधियों से जुड़े मामलों की सुनवाई और संबंधित अदालत के अधिकार क्षेत्र के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।

राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा
महुआ मोइत्रा देश की चर्चित और मुखर राजनीतिक नेताओं में शामिल रही हैं और उनके बयान अक्सर राजनीतिक बहस का विषय बनते रहे हैं। ऐसे में उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट और बाद में हाईकोर्ट द्वारा उसे रद्द किए जाने का मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

TMC सांसद को मिली इस राहत के बाद अब सबकी नजर बिधाननगर की MP-MLA कोर्ट में होने वाली आगे की कार्यवाही पर रहेगी। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि संबंधित अदालत मामले की सुनवाई किस तरह आगे बढ़ाती है और पक्षकारों की दलीलों पर क्या रुख अपनाती है।

फिलहाल, कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले से महुआ मोइत्रा को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने कृष्णानगर अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट रद्द करते हुए मामले को विशेष MP-MLA कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया है। अब इस मामले की आगे की सुनवाई बिधाननगर स्थित MP-MLA कोर्ट में होगी।


