By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 8 September 2026: आज मंगलवार, 8 सितंबर 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि के बाद त्रयोदशी तिथि का आरंभ होगा। मंगलवार के दिन पड़ने वाली त्रयोदशी को भौम प्रदोष कहा जाता है। ऐसे में आज भगवान शिव की पूजा के साथ हनुमान जी की आराधना का भी विशेष महत्व माना जाता है। आज के दिन व्रत रखने वाले श्रद्धालु शाम के समय प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर सकते हैं। पंचांग के अनुसार प्रदोष पूजा का समय स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। पटना के अनुसार आज भौम प्रदोष व्रत की पूजा का समय शाम 6:01 बजे से रात 8:20 बजे तक बताया गया है। वहीं आज राहुकाल दोपहर 2:54 बजे से शाम 4:27 बजे तक रहेगा।

आज का पंचांग
तारीख: 8 सितंबर 2026, मंगलवार
वार: मंगलवार
मास: भाद्रपद
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: द्वादशी दोपहर 2:42 बजे तक, इसके बाद त्रयोदशी
नक्षत्र: पुष्य शाम 4:39 बजे तक, इसके बाद आश्लेषा
योग: परिघ
करण: तैतिल, इसके बाद गर
सूर्योदय: सुबह 5:32 बजे के आसपास
सूर्यास्त: शाम 6:01 बजे के आसपास
राहुकाल: दोपहर 2:54 बजे से शाम 4:27 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: लगभग सुबह 11:22 बजे से दोपहर 12:11 बजे तक
भौम प्रदोष पूजा मुहूर्त: शाम 6:01 बजे से रात 8:20 बजे तक

आज बन रहा है भौम प्रदोष का संयोग
प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और यह हर महीने कृष्ण तथा शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। जब प्रदोष व्रत मंगलवार के दिन पड़ता है तो इसे भौम प्रदोष कहा जाता है। 8 सितंबर को पड़ने वाला यह प्रदोष भाद्रपद कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रदोष है। पंचांग गणना के अनुसार त्रयोदशी 8 सितंबर को दोपहर 2:42 बजे शुरू होकर 9 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे तक रहेगी।

क्यों खास माना जाता है भौम प्रदोष?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह और भगवान हनुमान से माना जाता है, जबकि प्रदोष व्रत भगवान शिव की उपासना के लिए समर्पित है। इसलिए भौम प्रदोष के दिन शिव आराधना के साथ हनुमान जी की पूजा करने की परंपरा भी कई स्थानों पर देखने को मिलती है। भक्त इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव का जल, दूध और पंचामृत से अभिषेक करते हैं तथा शिव मंत्रों का जाप करते हैं।

शिव पूजा के लिए शाम का समय क्यों महत्वपूर्ण?
प्रदोष व्रत में सूर्यास्त के आसपास का समय विशेष माना जाता है। इसी अवधि में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने की परंपरा है। पटना के लिए 8 सितंबर को प्रदोष पूजा का समय शाम 6:01 बजे से रात 8:20 बजे तक दिया गया है। अलग-अलग शहरों में सूर्यास्त और प्रदोष काल में अंतर होने के कारण पूजा का सटीक समय भी कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
भौम प्रदोष पर कैसे करें भगवान शिव की पूजा?
सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद घर के मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती का ध्यान करें। शाम को प्रदोष काल में शिवलिंग का जल से अभिषेक करें। सामर्थ्य के अनुसार दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक किया जा सकता है। भगवान शिव को बेलपत्र, फूल और फल अर्पित करें। पूजा के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। इसके बाद भगवान शिव की आरती करें और अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें। मंगलवार होने के कारण भगवान हनुमान जी का स्मरण और हनुमान चालीसा का पाठ भी श्रद्धापूर्वक किया जा सकता है।

आज के दिन क्या करें और क्या न करें?
भौम प्रदोष के दिन श्रद्धालुओं को अपनी क्षमता के अनुसार व्रत और पूजा करनी चाहिए। भगवान शिव का ध्यान, मंत्र जाप, शिव चालीसा या शिव पुराण का पाठ और जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना शुभ माना जाता है। राहुकाल के दौरान नए शुभ कार्य की शुरुआत करने से परंपरागत रूप से बचने की सलाह दी जाती है। आज पटना में राहुकाल दोपहर 2:54 बजे से शाम 4:27 बजे तक रहेगा। हालांकि नियमित पूजा-पाठ या पहले से चल रही धार्मिक दिनचर्या के बारे में स्थानीय परंपरा और परिवार की मान्यताओं का पालन किया जा सकता है।

आज का राहुकाल और अन्य समय
राहुकाल: दोपहर 2:54 बजे से शाम 4:27 बजे तक
यमगंड काल: सुबह 8:39 बजे से 10:13 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 11:47 बजे से दोपहर 1:20 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:22 बजे से दोपहर 12:11 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:00 बजे से 4:46 बजे तक
ये समय पटना के लिए दिए गए पंचांग के अनुसार हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त के अंतर के कारण इन समयों में बदलाव हो सकता है।

भौम प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व
मान्यता है कि प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। भक्त इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक उपवास रखते हैं तथा शाम के प्रदोष काल में शिव पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यताओं में प्रदोष व्रत को मन की शांति, पारिवारिक सुख और भगवान शिव के आशीर्वाद से जोड़कर देखा गया है। मंगलवार के दिन पड़ने के कारण इसे भौम प्रदोष कहा जाता है और इस दिन शिव आराधना के साथ हनुमान जी का स्मरण भी किया जाता है। आज का दिन उन श्रद्धालुओं के लिए खास है जो लंबे समय से भगवान शिव की पूजा या प्रदोष व्रत करते आ रहे हैं। अगर आप पहली बार भौम प्रदोष का व्रत रख रहे हैं तो अपनी क्षमता और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए व्रत करें।

नोट करें आज का खास समय
आज सुबह द्वादशी तिथि के दौरान नियमित धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं। दोपहर 2:42 बजे के बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होगी और शाम को प्रदोष काल में शिव पूजा का विशेष समय रहेगा। पटना के अनुसार भौम प्रदोष पूजा का समय शाम 6:01 बजे से रात 8:20 बजे तक है। इसलिए अगर आप आज भौम प्रदोष व्रत रख रहे हैं तो शाम के समय पूजा की तैयारी पहले से पूरी कर लें। शिवलिंग के अभिषेक के लिए जल, दूध, बेलपत्र, फल, फूल और अन्य पूजा सामग्री तैयार रखें।
यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पंचांग में दी गई सामान्य गणनाओं पर आधारित है। पूजा-व्रत और शुभ-अशुभ समय को लेकर अलग-अलग पंचांग, शहर और स्थानीय परंपराओं में थोड़ा अंतर हो सकता है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान के लिए अपने स्थानीय पंचांग या विद्वान पंडित की सलाह को प्राथमिकता दें।

