By: Mala Mandal
देवघर। जिलेवासियों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान को लेकर शुक्रवार को देवघर समाहरणालय में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को उपायुक्त के समक्ष रखा। इस दौरान उपायुक्त ने एक-एक कर सभी फरियादियों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की जांच कर समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जनता दरबार में मुख्य रूप से भू-अर्जन एवं मुआवजा भुगतान, राशन कार्ड में नाम जोड़ने, झारखंड मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना, पेंशन, आवास तथा राजस्व से जुड़े मामलों को लेकर लोगों ने आवेदन सौंपे। कई मामलों में संबंधित विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में शिकायतों का तत्काल संज्ञान लिया गया और राशन कार्ड में नाम जोड़ने, पेंशन, मईंया सम्मान योजना तथा राजस्व से संबंधित कई मामलों का ऑन द स्पॉट निराकरण किया गया।

एक-एक कर सुनीं फरियादियों की समस्याएं
जनता दरबार के दौरान उपायुक्त ने उपस्थित सभी लोगों से व्यक्तिगत रूप से उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों की जांच कराते हुए पात्र मामलों में जल्द से जल्द समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केवल आवेदन प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक शिकायत की वास्तविक स्थिति की जांच कर उसका निष्पक्ष एवं प्रभावी निष्पादन किया जाए। संबंधित विभागों को शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के साथ इसकी जानकारी उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया।

राशन कार्ड और पेंशन से जुड़े मामलों का हुआ समाधान
जनता दरबार में बड़ी संख्या में लोग राशन कार्ड में नाम जोड़ने और पेंशन से जुड़ी समस्याओं को लेकर पहुंचे। लोगों ने अपनी समस्याओं से उपायुक्त को अवगत कराया। संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया। इसी प्रकार झारखंड मुख्यमंत्री मईंया सम्मान योजना से जुड़े मामलों को लेकर भी लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को पात्र लाभुकों की समस्याओं का नियमानुसार समाधान करने का निर्देश दिया। इससे लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए अलग-अलग कार्यालयों का चक्कर लगाने के बजाय एक ही स्थान पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर मिला।

भू-अर्जन और मुआवजा मामलों के निष्पादन पर जोर
जनता दरबार में भू-अर्जन एवं मुआवजा भुगतान से संबंधित मामलों को भी प्रमुखता से उठाया गया। उपायुक्त ने भू-अर्जन से जुड़े मामलों का समयबद्ध तरीके से निष्पादन करने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि भू-अर्जन से संबंधित मामलों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। जिन मामलों में आवश्यक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनका नियमानुसार ससमय निष्पादन किया जाए। वहीं जिन मामलों में किसी प्रकार की जांच, दस्तावेज या अन्य प्रक्रिया लंबित है, उसे भी जल्द पूरा करने की दिशा में कार्रवाई की जाए।

सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर सख्त निर्देश
जनता दरबार के दौरान सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतों को लेकर उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ त्वरित एवं सख्त कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा, निजी निर्माण या व्यावसायिक निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व उप-निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र में सरकारी जमीनों की पहचान करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर सरकारी या सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, वहां तत्काल भूमि की मापी एवं सीमांकन की कार्रवाई की जाए। इसके बाद अतिक्रमणकारियों को नियमानुसार कानूनी नोटिस जारी किया जाए। निर्धारित समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाने पर नियमानुसार बलपूर्वक अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों को एक सप्ताह में रिपोर्ट देने का निर्देश
जनता दरबार में जिले के विभिन्न विभागों से संबंधित कई अन्य शिकायतें भी प्राप्त हुईं। उपायुक्त ने सभी शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को सुनने के बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त सभी आवेदनों की भौतिक जांच कराते हुए वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त की जाए और नियमानुसार जल्द से जल्द शिकायतों का समाधान किया जाए। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को शिकायतों पर की गई कार्रवाई की प्रतिपुष्टि एक सप्ताह के अंदर उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। जनता दरबार के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निष्पादन की नियमित निगरानी की जाएगी, ताकि फरियादियों को समय पर राहत मिल सके।

शिकायतों के निष्पादन की होगी निगरानी
जनता दरबार में दिए गए निर्देशों से यह स्पष्ट किया गया कि प्रशासन शिकायतों के समाधान को लेकर गंभीर है। अधिकारियों को न केवल शिकायतों की जांच करने बल्कि उसके निष्पादन की रिपोर्ट भी समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करने को कहा गया है। इससे विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों के समाधान की स्थिति की निगरानी करने में भी प्रशासन को सुविधा होगी।

जनता दरबार में लोगों की समस्याएं सुनने और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किए जाने से फरियादियों को तत्काल राहत मिली। वहीं लंबित मामलों के लिए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया गया। प्रशासन की ओर से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, भू-अर्जन, मुआवजा, पेंशन, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ी शिकायतों के समाधान पर विशेष जोर दिया गया।

