By; Mala Mandal
देवघर। पितरों के मोक्ष और उनकी आत्मा की शांति की कामना को लेकर शुक्रवार से देवघर में पितृ पक्ष की धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गईं। पितृ पक्ष के दौरान अपने पूर्वजों को तर्पण और जल अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवघर के पवित्र शिवगंगा में पहुंच रहे हैं। सुबह से ही शिवगंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। लोगों ने विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ अपने पितरों का स्मरण करते हुए जल अर्पित किया तथा उनके मोक्ष और शांति की कामना की। हिंदू धार्मिक परंपरा में पितृ पक्ष को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। इस दौरान लोग अपने दिवंगत परिजनों और पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, पिंडदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। देवघर में भी पितृ पक्ष को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था देखने को मिल रही है।

पितृ तर्पण से पहले किया जाता है ऋषि तर्पण
पुरोहितों के अनुसार पितृ पक्ष की शुरुआत में ऋषि तर्पण की परंपरा निभाई जाती है। पितरों को तर्पण देने से पहले ऋषियों का स्मरण कर उन्हें तर्पण अर्पित किया जाता है। शुरुआती दिनों में अलग-अलग विधि और सामग्री के माध्यम से ऋषि तर्पण किए जाने की परंपरा बताई जाती है। इसके बाद श्रद्धालु अपने पितरों के लिए तर्पण करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों का स्मरण करना और उनके नाम से जल अर्पित करना विशेष फलदायी माना जाता है। यही वजह है कि देवघर के शिवगंगा सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर भी इस दौरान श्रद्धालुओं की गतिविधियां बढ़ जाती हैं।

शिवगंगा में मंत्रोच्चार के बीच अर्पित किया जल
शुक्रवार को देवघर के शिवगंगा घाट पर सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे। कई लोग अपने पुरोहितों के साथ धार्मिक अनुष्ठान करते नजर आए। श्रद्धालुओं ने स्नान करने के बाद विधि-विधान से तर्पण किया। इस दौरान पुरोहितों ने मंत्रोच्चार कराकर श्रद्धालुओं से उनके पूर्वजों के नाम पर जल अर्पित कराया। श्रद्धालुओं का कहना है कि पितृ पक्ष उनके लिए अपने पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति श्रद्धा प्रकट करने का अवसर है। परिवार के दिवंगत सदस्यों के लिए तर्पण कर लोग उनकी आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना करते हैं। शिवगंगा घाट पर धार्मिक अनुष्ठान के दौरान श्रद्धालु अपने साथ पूजा सामग्री लेकर पहुंचे। घाट पर कई परिवार सामूहिक रूप से तर्पण करते दिखाई दिए। वातावरण में मंत्रोच्चार और धार्मिक गतिविधियों के कारण शिवगंगा का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

पितृ पक्ष को लेकर क्या है धार्मिक मान्यता
पुरोहितों के अनुसार पितृ पक्ष का समय पूर्वजों के स्मरण और उनके प्रति श्रद्धा अर्पित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में दिवंगत पूर्वजों का स्मरण कर उनके नाम पर तर्पण और जल अर्पित करने से उन्हें संतुष्टि मिलती है। पुरोहितों ने बताया कि पितृ तर्पण केवल एक धार्मिक कर्मकांड नहीं, बल्कि पूर्वजों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने की परंपरा भी है। परिवार में जिन लोगों का निधन हो चुका है, उनके लिए इस अवधि में श्रद्धा के साथ तर्पण करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। मान्यता है कि परिवार के सदस्य अपने पितरों के लिए श्रद्धापूर्वक तर्पण करते हैं तो इससे परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाती है। हालांकि ये धार्मिक मान्यताएं हैं और इनके फल के संबंध में अलग-अलग परंपराओं और विश्वासों में अलग-अलग मान्यताएं हैं।

पूर्वजों के नाम पर जल अर्पित करने पहुंच रहे लोग
पितृ पक्ष के दौरान देवघर में बड़ी संख्या में लोग अपने पूर्वजों को जल अर्पित करने के लिए शिवगंगा पहुंच रहे हैं। कई परिवारों में पितरों के नाम से विशेष पूजा और तर्पण कराया जा रहा है। स्थानीय पुरोहित श्रद्धालुओं को धार्मिक विधि के अनुसार तर्पण की प्रक्रिया पूरी करा रहे हैं। पितृ पक्ष को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह और आस्था है। दूर-दराज से भी लोग देवघर पहुंचकर शिवगंगा में स्नान और तर्पण कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि पितरों का स्मरण करना परिवार की धार्मिक परंपरा का हिस्सा है और इस अवसर पर पूर्वजों के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करना जरूरी है।

पितरों की शांति के लिए तर्पण की परंपरा
पुरोहितों का कहना है कि पितृ पक्ष के दौरान श्रद्धालुओं को अपनी क्षमता और पारिवारिक परंपरा के अनुसार पितरों का तर्पण करना चाहिए। धार्मिक विधि को लेकर अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों में परंपराएं अलग हो सकती हैं। ऐसे में श्रद्धालु अपने पुरोहित से विधि की जानकारी लेकर अनुष्ठान करते हैं। देवघर जैसे धार्मिक शहर में पितृ पक्ष के दौरान शिवगंगा और आसपास के क्षेत्रों में विशेष धार्मिक माहौल देखने को मिलता है। सुबह के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से घाट पर चहल-पहल बढ़ गई है। लोग स्नान, पूजा और तर्पण के बाद अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो रहे हैं।

पितृ पक्ष की इस अवधि में पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति सम्मान प्रकट करने का सिलसिला जारी रहेगा। श्रद्धालु अपने पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के साथ तर्पण करते रहेंगे। देवघर के शिवगंगा में भी आने वाले दिनों में तर्पण के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है।


