
By: Mala Mandal
देवघर। जिले में HIV (एचआईवी) और STI (यौन संचारित संक्रमण) को लेकर लोगों को जागरूक करने तथा संक्रमण की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। शनिवार को सदर अस्पताल, देवघर परिसर से इस अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। सिविल सर्जन देवघर डॉ. एस.पी. मिश्रा के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम के तहत जागरूकता रैली निकाली गई और जांच शिविर के माध्यम से लोगों को HIV एवं STI से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। इस अभियान का उद्देश्य जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक HIV एवं यौन संचारित संक्रमण से जुड़ी सही जानकारी पहुंचाना, संक्रमण के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना और लोगों को समय पर जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करना है। स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करने की योजना बनाई है, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया जा सके।

सदर अस्पताल से निकाली गई जागरूकता रैली
अभियान की शुरुआत सदर अस्पताल परिसर से जागरूकता रैली निकालकर की गई। रैली में स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, शहरी सहिया, एएनएम और आम नागरिकों ने भाग लिया। रैली शहर के विभिन्न गली-मोहल्लों और प्रमुख चौक-चौराहों से होकर गुजरी। इस दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न जागरूकता नारों के माध्यम से लोगों को HIV एवं STI से बचाव, संक्रमण की पहचान, समय पर जांच और उचित उपचार के प्रति जागरूक किया।

रैली के माध्यम से आम लोगों को यह संदेश दिया गया कि HIV को लेकर डरने या संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाने के बजाय सही जानकारी प्राप्त करना जरूरी है। HIV संक्रमण के प्रति जागरूकता और समय पर चिकित्सकीय परामर्श से इससे जुड़े जोखिमों को कम किया जा सकता है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को यह भी समझाया गया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या सामाजिक संकोच के कारण जांच और उपचार में देरी नहीं करनी चाहिए।
जांच शिविर में दी गई परामर्श की जानकारी
जागरूकता अभियान के अवसर पर सदर अस्पताल परिसर में जांच शिविर का भी आयोजन किया गया। शिविर के माध्यम से लोगों को HIV एवं STI की जांच, परामर्श और उपचार से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी गई। स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को बताया कि संक्रमण की आशंका होने पर बिना किसी संकोच के अधिकृत स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार HIV और STI से संबंधित मामलों में समय पर जांच बेहद महत्वपूर्ण है। HIV संक्रमण की पुष्टि केवल चिकित्सकीय जांच के माध्यम से ही की जा सकती है। वहीं, यौन संचारित संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर भी स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है। समय पर पहचान और उचित उपचार से संक्रमण से जुड़ी जटिलताओं को कम किया जा सकता है।

203 गांवों और 93 विद्यालयों तक पहुंचेगा अभियान
स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस अभियान को केवल सदर अस्पताल और शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे जिले के दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने की विशेष तैयारी की गई है। विभागीय योजना के अनुसार जिले के 203 गांवों और 93 विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा 12,500 डोर-टू-डोर यानी घर-घर तक पहुंचकर लोगों को HIV एवं STI के प्रति जागरूक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस व्यापक अभियान के संचालन के लिए जिले के आशा फैसिलिटेटरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां पहुंचाई जाएंगी। अभियान के दौरान नुक्कड़ नाटक, जनसंवाद और अन्य जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के जरिए लोगों को HIV संक्रमण फैलने के कारणों, इससे बचाव के उपायों, जांच की आवश्यकता और उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी जाएगी। विद्यालयों में भी विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उम्र के अनुरूप स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराना और उन्हें संक्रमण से बचाव के प्रति जागरूक बनाना है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि युवाओं तक सही जानकारी पहुंचने से समाज में फैली गलत धारणाओं और भ्रांतियों को दूर करने में मदद मिलेगी।

HIV प्रभावित लोगों के प्रति भेदभाव नहीं करने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने अभियान के माध्यम से समाज के लोगों से एक महत्वपूर्ण अपील भी की है। विभाग का कहना है कि HIV से संक्रमित व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। संक्रमित व्यक्ति को सामाजिक बहिष्कार, अपमान या उपेक्षा का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी दिखाने की जरूरत है।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि HIV सामान्य संपर्क, हाथ मिलाने, साथ बैठने, भोजन साझा करने या एक ही स्थान पर रहने से नहीं फैलता है। इसलिए HIV प्रभावित व्यक्तियों के प्रति गलत धारणाएं रखने के बजाय उन्हें सहयोग, सम्मान और सामाजिक स्वीकार्यता प्रदान करनी चाहिए। अभियान के दौरान लोगों से अपील की गई कि वे HIV एवं STI से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकृत केंद्रों से संपर्क करें। अपनी जांच कराने में संकोच न करें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय परामर्श लेकर उपचार शुरू कराएं।

स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मियों की रही भागीदारी
इस कार्यक्रम में जिला यक्ष्मा सह एड्स नोडल पदाधिकारी डॉ. संचयन, डॉ. ऋचा, डीपीसी प्रवीण सिंह, एआरटी के प्रभात कुमार, आईसीटीसी के अंजन दुबे, बबलू, सुशांशु, राजेश, शंकर, कासिम सहित शहरी सहिया, एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

कुल मिलाकर देवघर जिले में शुरू किया गया यह HIV एवं STI जागरूकता अभियान स्वास्थ्य जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। 203 गांवों, 93 विद्यालयों और 12,500 घरों तक पहुंचने के लक्ष्य के साथ स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि HIV एवं यौन संचारित संक्रमण को लेकर समाज में जागरूकता बढ़े, लोग समय पर जांच कराएं और संक्रमण से प्रभावित व्यक्तियों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिले।


