By: Mala Mandal
देवघर। देवघर नगर थाना क्षेत्र के जटाहि मोड़ के पास गुरुवार सुबह आपसी विवाद को लेकर मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता मुन्नी देवी की शिकायत के अनुसार, घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे लोगों ने उनके साथ और उनकी दो बहनों के साथ मारपीट की। घटना में तीनों बहनें घायल हो गईं। शोरगुल सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इसके बाद तीनों को इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। पीड़ित पक्ष ने नगर थाना में आवेदन देकर मामले की शिकायत की है। इस विवाद के पीछे पारिवारिक तनाव और संपत्ति से जुड़े पुराने आरोप भी सामने आए हैं। पीड़ित पक्ष का दावा है कि लगभग तीन महीने पहले उनकी मां लक्ष्मी देवी को घर से बाहर कर दिया गया था और बाद में घर में रखे बक्से से करीब सात लाख रुपये के जेवर तथा नकदी गायब होने की शिकायत भी पुलिस से की गई थी।

घर का दरवाजा तोड़कर घुसने और मारपीट का आरोप
पीड़िता मुन्नी देवी की ओर से नगर थाना में दिए गए आवेदन के मुताबिक, घटना के समय वह अपनी दोनों बहनों के साथ घर में मौजूद थीं। आरोप है कि गुरुवार सुबह संजय कुमार, किरण देवी और प्रशांत कुमार सहित कुछ अन्य लोग वहां पहुंचे। पीड़ित पक्ष का कहना है कि उनके साथ आए कुछ अन्य लोगों को तीनों बहनें पहचान नहीं सकीं। शिकायत के अनुसार, आरोपितों ने घर का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान तीनों बहनों को चोटें आईं। अचानक हुई घटना के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और हस्तक्षेप कर विवाद को शांत कराया। घटना के बाद तीनों घायल बहनों को इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल ले जाया गया। पीड़ित पक्ष के अनुसार, उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद मुन्नी देवी ने नगर थाना में लिखित आवेदन देकर पुलिस से मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की।

तीन महीने पहले मां को घर से निकालने का आरोप
पीड़ित पक्ष ने वर्तमान घटना के पीछे पुराने पारिवारिक विवाद की बात भी कही है। शिकायतकर्ता के अनुसार, करीब तीन महीने पहले लक्ष्मी देवी को घर से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद उनकी बेटी लगभग दो महीने तक घर में रही। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इसी दौरान घर में रखे उनकी मां के बक्से को तोड़कर उसमें रखे करीब सात लाख रुपये मूल्य के जेवर और नकदी निकाल ली गई। इस संबंध में लक्ष्मी देवी की ओर से पहले ही थाना में लिखित शिकायत दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि, जेवर और नकदी की कथित निकासी से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि शिकायत में बताई गई रकम और जेवरों के संबंध में पुलिस ने क्या जांच की तथा इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज हुई थी या नहीं।

डीआईजी, डीजीपी और एसपी से भी शिकायत करने का दावा
पीड़ित पक्ष का कहना है कि थाना में शिकायत देने के बाद भी जब उन्हें अपेक्षित कार्रवाई होती नहीं दिखी, तो उन्होंने डीआईजी, डीजीपी और एसपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी आवेदन देकर मामले से अवगत कराया। शिकायतकर्ता के अनुसार, इसके बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिलने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। पीड़ित पक्ष ने पुराने विवाद और वर्तमान मारपीट की घटना को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों को दिए गए आवेदनों, न्यायालय में दायर याचिका और पूर्व शिकायतों की वर्तमान स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। इन दस्तावेजों के सत्यापन से मामले की पृष्ठभूमि और अब तक हुई कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

अन्य अज्ञात लोगों के शामिल होने का भी आरोप
वर्तमान घटना को लेकर पीड़िता की शिकायत में संजय कुमार, किरण देवी और प्रशांत कुमार के अलावा कुछ अन्य लोगों के शामिल होने का आरोप भी लगाया गया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वे अन्य लोगों को पहचान नहीं सके। ऐसे में घटना के दौरान कौन-कौन मौजूद था और प्रत्येक व्यक्ति की क्या भूमिका रही, इसकी जांच महत्वपूर्ण होगी। पुलिस जांच में शिकायतकर्ता और दूसरे पक्ष के बयान, घटनास्थल की स्थिति तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सकता है। पुराने विवाद से संबंधित दस्तावेजों और न्यायालय में दायर मामले की स्थिति की पुष्टि भी आवश्यक होगी।

पुलिस जांच और आधिकारिक पक्ष का इंतजार
जटाहि मोड़ पर हुई मारपीट की घटना को लेकर पीड़िता ने नगर थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामले में पुलिस की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया और दूसरे पक्ष का बयान उपलब्ध नहीं है। इसलिए शिकायत में लगाए गए आरोपों को जांच के अधीन माना जाना चाहिए।

मामले में दो अलग-अलग पहलू सामने आए हैं। पहला, गुरुवार सुबह तीन बहनों के साथ कथित मारपीट की घटना और दूसरा, लगभग तीन महीने पहले मां लक्ष्मी देवी को घर से बाहर करने तथा बक्से से करीब सात लाख रुपये के जेवर और नकदी गायब होने की पुरानी शिकायत। दोनों मामलों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित आवेदन, पुलिस रिकॉर्ड और न्यायालय के दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी है।

फिलहाल तीनों घायल बहनों का इलाज हो चुका है और पीड़ित पक्ष ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और पुरानी शिकायतों पर अब तक हुई कार्रवाई की क्या स्थिति है।

**नोट: इस खबर में सभी आरोप पीड़ित पक्ष के दावों पर आधारित हैं। संबंधित लोगों का पक्ष और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाना चाहिए।

