By: Mala Mandal
देवघर: जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की समस्याओं के समाधान और लंबित शिकायतों के त्वरित निष्पादन को लेकर शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को देवघर समाहरणालय में जनता दरबार का आयोजन किया गया। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में आयोजित इस जनता दरबार में विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें रखीं। उपायुक्त ने एक-एक कर शिकायतकर्ताओं की बातें सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जनता दरबार में भू-अर्जन एवं मुआवजा भुगतान, झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, पेंशन, आवास, राशन कार्ड और राजस्व से जुड़े मामले प्रमुखता से उठाए गए। उपायुक्त ने लोगों को आश्वस्त किया कि जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों की जांच कराते हुए उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। वहीं, जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव था, उनका संबंधित विभागों के माध्यम से मौके पर ही निष्पादन किया गया।

लगान रसीद और राजस्व संबंधी शिकायतों के त्वरित निष्पादन का निर्देश
जनता दरबार में जमीन और राजस्व से संबंधित समस्याओं को लेकर भी कई शिकायतें सामने आईं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने जिले के सभी अंचलाधिकारियों को लगान रसीद से जुड़ी शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने राजस्व और भूमि सुधार से संबंधित मामलों में आम लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाने तथा लंबित शिकायतों के निपटारे में तेजी लाने पर जोर दिया। जमीन से जुड़े दस्तावेज, लगान रसीद और अन्य राजस्व संबंधी प्रक्रियाएं आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में इन मामलों के लंबित रहने से लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों को केवल सुनने तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि उनके निष्पादन की दिशा में ठोस पहल की जाए। अधिकारियों को शिकायतों की स्थिति पर नजर रखने और निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
आंगनबाड़ी सेविका चयन में अनियमितता की शिकायत, जांच के आदेश
जनता दरबार में पालोजोरी प्रखंड के बागदाहा मोहली टोला के ग्रामीणों ने आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका चयन प्रक्रिया में अनियमितता से संबंधित शिकायत रखी। ग्रामीणों के आवेदन पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने उप विकास आयुक्त को मामले की जांच करने का निर्देश दिया। इस मामले में चयन प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों की जांच कर आवश्यक तथ्यों का पता लगाने को कहा गया है। ग्रामीणों की मांग और शिकायत के मद्देनजर चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन सुचारू रूप से हो सके और बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, प्रारंभिक देखभाल और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सेविका के चयन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्य उम्मीदवार का चयन आवश्यक है। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारी को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। हालांकि, चयन प्रक्रिया में अनियमितता के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल, प्रशासन की ओर से शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच की जिम्मेदारी उप विकास आयुक्त को सौंपी गई है।

सरकारी वन भूमि पर कब्जे की शिकायत, वन प्रमंडल पदाधिकारी को कार्रवाई का निर्देश
जनता दरबार में सारठ अंचल के केन्दुआटांड़ गांव के ग्रामीणों ने स्थानीय भू-माफियाओं द्वारा सरकारी वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किए जाने से संबंधित मामला उठाया। ग्रामीणों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने वन प्रमंडल पदाधिकारी को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सरकारी वन भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत को लेकर प्रशासन ने संबंधित विभाग को आवश्यक कदम उठाने को कहा है। मामले की जांच के दौरान भूमि की स्थिति और शिकायत से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी है। सरकारी भूमि और वन संपदा की सुरक्षा प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे मामलों में समय पर जांच और आवश्यक कार्रवाई से सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारी को शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

पेंशन, राशन कार्ड और मंईयां सम्मान योजना के मामलों का मौके पर निष्पादन
जनता दरबार में सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मामलों को भी प्रमुखता से सुना गया। लोगों ने झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, पेंशन और राशन कार्ड में नाम जोड़ने से संबंधित समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। इनमें से जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव था, उनका संबंधित विभागों के माध्यम से मौके पर ही निष्पादन किया गया। प्रशासन का उद्देश्य लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में आने वाली समस्याओं को दूर करना और शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को आसान बनाना रहा। इसके अतिरिक्त, आवास योजना, भू-अर्जन और मुआवजा भुगतान से संबंधित शिकायतों पर भी उपायुक्त ने आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने और पात्र लाभुकों की समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करने को कहा।

एक सप्ताह के भीतर उपायुक्त कार्यालय को देनी होगी कार्रवाई की रिपोर्ट
जनता दरबार के दौरान उपायुक्त ने राजस्व, भूमि सुधार, भू-अर्जन और अन्य विभागों से संबंधित शिकायतों के त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह के भीतर अपनी प्रतिपुष्टि उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराएं। इस व्यवस्था का उद्देश्य शिकायतों पर हुई कार्रवाई की निगरानी करना और यह सुनिश्चित करना है कि मामलों का निष्पादन निर्धारित समयसीमा के भीतर हो। अधिकारियों को शिकायतों की जांच, आवश्यक कार्रवाई और अनुपालन रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने को कहा गया है।

उपायुक्त ने आम जनता की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया। जनता दरबार के माध्यम से जिला प्रशासन लोगों की शिकायतों को सीधे सुनकर संबंधित विभागों तक पहुंचाने और उनके समाधान की प्रक्रिया को गति देने का प्रयास कर रहा है।

प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि जनता दरबार में प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई की निगरानी की जाएगी, ताकि शिकायतकर्ताओं को उनके मामलों की प्रगति के संबंध में जानकारी मिल सके और लंबित समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

देवघर में आयोजित इस जनता दरबार में जमीन, लगान रसीद, पेंशन, आवास, मुआवजा, आंगनबाड़ी सेविका चयन और सरकारी वन भूमि पर कब्जे जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। अब संबंधित विभागों की जांच और कार्रवाई के बाद इन शिकायतों के निष्पादन की स्थिति स्पष्ट होगी।


