By: Vikash Kumar (Vicky)
Winter Weight Gain: सर्दियों का मौसम शुरू होते ही कई लोगों को अपने वजन में बदलाव महसूस होने लगता है। किसी की कमर के आसपास चर्बी बढ़ने लगती है, तो किसी को पेट निकला हुआ दिखाई देने लगता है। वहीं, कुछ लोग शिकायत करते हैं कि गर्मियों के मुकाबले सर्दियों में भूख ज्यादा लगती है और बार-बार कुछ खाने का मन करता है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो इसके पीछे आपकी दिनचर्या, खानपान और शारीरिक गतिविधियों में होने वाले बदलाव जिम्मेदार हो सकते हैं। ठंड के मौसम में गर्मागर्म पराठे, पकौड़े, मिठाइयां, गाजर का हलवा, चाय और दूसरी स्वादिष्ट चीजें खाने का मन ज्यादा करता है। दूसरी ओर, ठंड की वजह से कई लोग सुबह की सैर, एक्सरसाइज और दूसरी शारीरिक गतिविधियों से दूरी बनाने लगते हैं। ऐसे में शरीर में कैलोरी की खपत कम और भोजन से मिलने वाली कैलोरी की मात्रा ज्यादा हो सकती है। जब लंबे समय तक शरीर की जरूरत से ज्यादा कैलोरी ली जाती है, तो वजन बढ़ने की आशंका रहती है।

लेकिन क्या सर्दियों में वजन बढ़ना सामान्य है? क्या ठंड के मौसम में शरीर को ज्यादा कैलोरी की जरूरत होती है? और क्या कुछ आसान बदलाव करके बढ़ते वजन को नियंत्रित रखा जा सकता है? आइए जानते हैं सर्दियों में वजन बढ़ने के प्रमुख कारण, खानपान से जुड़ी गलतियां और वजन को नियंत्रित रखने के व्यावहारिक तरीके।
सर्दियों में आखिर क्यों बढ़ने लगता है वजन?
सर्दियों में वजन बढ़ने के पीछे कोई एक कारण नहीं होता। ठंड के मौसम में भूख, खानपान, नींद, मूड और शारीरिक गतिविधियों में बदलाव आ सकता है। इन बदलावों का असर हर व्यक्ति पर अलग-अलग होता है। कुछ लोगों का वजन बढ़ सकता है, जबकि कुछ लोगों के वजन में कोई खास बदलाव नहीं होता।
1. ठंड में बढ़ जाती है भूख और खाने की इच्छा
सर्दियों में कई लोगों को गर्मियों की तुलना में ज्यादा भूख लगती है। ठंड के मौसम में गर्मागर्म और स्वादिष्ट भोजन खाने की इच्छा भी बढ़ सकती है। चाय के साथ बिस्कुट, नमकीन, पकौड़े, समोसे और मिठाइयां खाने की आदत धीरे-धीरे अतिरिक्त कैलोरी की वजह बन सकती है।
अगर आप नियमित भोजन के अलावा दिनभर कुछ न कुछ खाते रहते हैं, तो आपको पता भी नहीं चलेगा कि आपने कितनी अतिरिक्त कैलोरी ले ली है। यही आदत लंबे समय में वजन बढ़ने का कारण बन सकती है।
इससे बचने के लिए भूख लगने पर पौष्टिक विकल्प चुनें। मौसमी फल, भुने चने, सीमित मात्रा में मेवे या बिना ज्यादा तेल वाली घर की बनी चीजें बेहतर विकल्प हो सकती हैं। हालांकि, किसी भी खाद्य पदार्थ की मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

2. ठंड के कारण कम हो जाती है शारीरिक गतिविधि
गर्मियों में लोग सुबह या शाम को टहलने के लिए आसानी से निकल जाते हैं, लेकिन सर्दियों में बिस्तर से उठने और बाहर जाने का मन कम करता है। ठंड के कारण कई लोग अपनी नियमित वॉक, योग और एक्सरसाइज छोड़ देते हैं।
जब शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं, तो शरीर दिनभर में पहले के मुकाबले कम ऊर्जा खर्च कर सकता है। यदि खानपान पहले जैसा ही रहता है या ज्यादा हो जाता है, तो वजन बढ़ने की आशंका बढ़ जाती है।
इसलिए सर्दियों में भी नियमित रूप से चलना-फिरना जरूरी है। अगर बाहर बहुत ठंड है, तो घर के अंदर ही वॉक करें, सीढ़ियां चढ़ें, हल्की एक्सरसाइज करें या योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। शुरुआत में 10 से 15 मिनट की गतिविधि भी अच्छी शुरुआत हो सकती है।

3. गर्मागर्म और ज्यादा कैलोरी वाला खाना बन सकता है वजह
सर्दियों में पराठे, पूड़ी, पकौड़े, समोसे, मिठाइयां और घी से बनी चीजें खाने का चलन बढ़ जाता है। ये खाद्य पदार्थ स्वादिष्ट होते हैं, लेकिन इनमें से कई में कैलोरी और वसा की मात्रा काफी ज्यादा हो सकती है।
उदाहरण के लिए, अगर आप रोज सुबह मक्खन या घी वाले पराठे खाते हैं और शाम को चाय के साथ तले हुए स्नैक्स लेते हैं, तो दिनभर में कैलोरी की मात्रा बढ़ सकती है। इसका असर धीरे-धीरे वजन पर दिखाई दे सकता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि सर्दियों में अपने पसंदीदा भोजन को पूरी तरह छोड़ देना चाहिए। बेहतर तरीका यह है कि खाने की मात्रा संतुलित रखें, रोजाना तली हुई चीजें खाने से बचें और भोजन में सब्जियां, दालें, साबुत अनाज तथा प्रोटीन के अच्छे स्रोत शामिल करें।

4. सर्दियों में पानी कम पीना भी हो सकता है एक कारण
गर्मियों में प्यास ज्यादा लगती है, इसलिए लोग बार-बार पानी पीते हैं। इसके उलट, सर्दियों में प्यास का एहसास कम हो सकता है और कई लोग पर्याप्त पानी नहीं पीते।
पानी की कमी से शरीर में डिहाइड्रेशन हो सकता है। कभी-कभी प्यास को भूख समझने के कारण व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खा भी सकता है। हालांकि, पानी कम पीना अपने आप में शरीर की चर्बी बढ़ने का सीधा कारण नहीं है।
सर्दियों में भी नियमित अंतराल पर पानी पिएं। सामान्य या हल्का गुनगुना पानी अपनी पसंद के अनुसार लिया जा सकता है। शरीर की जरूरत, मौसम और शारीरिक गतिविधि के हिसाब से पानी की मात्रा तय करें।
5. नींद और दिनचर्या में बदलाव
सर्दियों में दिन छोटे होने और सुबह देर तक अंधेरा रहने के कारण कई लोगों की दिनचर्या बदल जाती है। कुछ लोग देर से उठते हैं, तो कुछ की नींद पूरी नहीं हो पाती। देर रात तक जागने से अगले दिन थकान महसूस हो सकती है और एक्सरसाइज करने का मन नहीं करता।
नींद की कमी भूख और पेट भरने के एहसास को नियंत्रित करने वाली शारीरिक प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकती है। इससे कुछ लोगों में ज्यादा खाने की इच्छा बढ़ सकती है।
इसलिए रोजाना पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करें। वयस्कों के लिए सामान्य तौर पर 7 से 9 घंटे की नींद की सलाह दी जाती है। सोने और उठने का समय नियमित रखने से दिनचर्या को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

6. धूप में कम बैठना और मूड में बदलाव
सर्दियों में कई लोग घर के अंदर ज्यादा समय बिताते हैं और बाहर निकलना कम कर देते हैं। कुछ लोगों को ठंड के मौसम में सुस्ती, थकान या मूड में बदलाव भी महसूस हो सकता है। ऐसी स्थिति में शारीरिक गतिविधियां कम होने और आरामदायक भोजन की इच्छा बढ़ने से वजन पर असर पड़ सकता है।
सुबह या दिन के समय मौसम अनुकूल होने पर कुछ देर बाहर टहलना और प्राकृतिक रोशनी में समय बिताना उपयोगी हो सकता है। हालांकि, धूप में बैठने से सीधे वजन कम होने की गारंटी नहीं होती। इसका उद्देश्य सक्रिय दिनचर्या और सामान्य स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखना है।
अगर सर्दियों में लगातार उदासी, अत्यधिक थकान या रोजमर्रा के कामों में रुचि कम होने जैसी समस्याएं हों, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित रहेगा।
क्या सर्दियों में शरीर को ज्यादा कैलोरी की जरूरत होती है?
यह एक आम धारणा है कि सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए बहुत ज्यादा कैलोरी की जरूरत होती है। वास्तव में, कैलोरी की जरूरत व्यक्ति की उम्र, वजन, लंबाई, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है।
बहुत ठंडे वातावरण में शरीर को अपना तापमान बनाए रखने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा खर्च करनी पड़ सकती है। लेकिन सामान्य परिस्थितियों में केवल सर्दी शुरू होने के कारण हर व्यक्ति को ज्यादा खाना जरूरी नहीं होता।
अगर आप ठंड के मौसम में घर के अंदर रहते हैं और आपकी शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है, तो ज्यादा कैलोरी लेने से वजन बढ़ सकता है। इसलिए भोजन की मात्रा अपनी वास्तविक भूख और गतिविधि के अनुसार रखें। वजन नियंत्रित रखने के लिए संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि सबसे महत्वपूर्ण हैं।

डॉक्टर की सलाह के नाम पर इन बातों का रखें ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञ आमतौर पर वजन नियंत्रित रखने के लिए संतुलित खानपान, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और व्यवहार में छोटे-छोटे बदलावों पर जोर देते हैं। हालांकि, इस लेख के लिए किसी विशिष्ट डॉक्टर का बयान उपलब्ध नहीं है, इसलिए किसी डॉक्टर के नाम से कोई विशेष सलाह या दावा प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।
अगर सर्दियों में आपका वजन लगातार बढ़ रहा है, तो सबसे पहले अपनी दिनचर्या पर ध्यान दें। आप दिनभर क्या खाते हैं, कितनी देर चलते हैं, कितनी नींद लेते हैं और कितनी शारीरिक गतिविधि करते हैं, इन सभी बातों का वजन पर असर पड़ सकता है।
अगर वजन तेजी से बढ़ रहा है या इसके साथ अत्यधिक थकान, सूजन, ठंड असामान्य रूप से ज्यादा लगना या अन्य लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से जांच करवाएं। कुछ मामलों में थायरॉइड की समस्या, दवाओं के प्रभाव या अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी वजन में बदलाव से जुड़ी हो सकती हैं।
सर्दियों में वजन कंट्रोल करने के 7 आसान उपाय
1. रोजाना वॉक और एक्सरसाइज करें
ठंड के कारण अपनी शारीरिक गतिविधियां पूरी तरह बंद न करें। मौसम अनुकूल हो तो सुबह या दोपहर में टहलें। अगर बाहर जाना संभव न हो, तो घर में ही तेज कदमों से चलना, हल्के स्क्वैट्स, योग या अपनी क्षमता के अनुसार दूसरी एक्सरसाइज करें।
शुरुआत में 10 से 15 मिनट का समय निकालें और धीरे-धीरे अपनी गतिविधि बढ़ाएं। सामान्य स्वास्थ्य के लिए वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि करने का लक्ष्य रखना चाहिए। अपनी सेहत के अनुसार व्यायाम चुनें।

2. खाने में प्रोटीन और फाइबर शामिल करें
प्रोटीन और फाइबर वाले खाद्य पदार्थ पेट भरा महसूस कराने में मदद कर सकते हैं। इससे बार-बार भूख लगने और अनावश्यक स्नैक्स खाने की आदत को नियंत्रित करना आसान हो सकता है।
अपने भोजन में दाल, चना, राजमा, दही, अंडे, पनीर या अन्य उपयुक्त प्रोटीन स्रोत शामिल करें। इसके साथ हरी सब्जियां, गाजर, मूली, मटर, फल और साबुत अनाज भी खाएं। अपने भोजन का चुनाव स्वास्थ्य, पसंद और जरूरत के अनुसार करें।
3. सर्दियों के पसंदीदा खाने की मात्रा पर ध्यान दें
गाजर का हलवा, पराठे, पकौड़े और दूसरी पसंदीदा चीजें पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है। लेकिन इनकी मात्रा और खाने की आवृत्ति पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।
उदाहरण के लिए, रोज शाम को तले हुए स्नैक्स खाने के बजाय कुछ दिनों में भुने चने, फल या घर में बना हल्का नाश्ता चुन सकते हैं। चाय में चीनी की मात्रा भी धीरे-धीरे कम की जा सकती है।
4. पर्याप्त पानी पीते रहें
सर्दियों में प्यास कम लगने के बावजूद पानी पीना जरूरी है। पानी की बोतल पास रखने और दिनभर नियमित अंतराल पर पानी पीने से पर्याप्त मात्रा लेने में मदद मिल सकती है।
अगर आपको सादा पानी पीना पसंद नहीं है, तो हल्का गुनगुना पानी चुन सकते हैं। हालांकि, मीठे पेय पदार्थों को पानी का विकल्प न बनाएं, क्योंकि उनसे अतिरिक्त कैलोरी मिल सकती है।

5. नींद पूरी करें
रोजाना पर्याप्त नींद लेने से भूख, ऊर्जा और दिनचर्या को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। देर रात तक जागने और सुबह देर तक सोने की आदत के कारण व्यायाम और भोजन का समय बिगड़ सकता है।
सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल कम करने, नियमित समय पर बिस्तर पर जाने और आरामदायक वातावरण बनाने की कोशिश करें। वयस्कों के लिए सामान्यतः 7 से 9 घंटे की नींद उपयोगी मानी जाती है।
6. भोजन की मात्रा और समय पर ध्यान दें
वजन नियंत्रित करने के लिए भूखे रहना या भोजन छोड़ना जरूरी नहीं है। इसके बजाय नियमित समय पर संतुलित भोजन करें और भूख तथा पेट भरने के संकेतों को समझने की कोशिश करें।
थाली में सब्जियां, प्रोटीन और साबुत अनाज का संतुलन रखें। टीवी या मोबाइल देखते हुए लगातार खाने से बचें, क्योंकि ऐसा करने पर कई बार जरूरत से ज्यादा भोजन हो सकता है।
7. वजन के साथ कमर के माप पर भी नजर रखें
वजन में रोजाना थोड़ा उतार-चढ़ाव होना सामान्य है। इसलिए हर दिन के आंकड़े को देखकर परेशान होने के बजाय सप्ताह में एक बार समान परिस्थितियों में वजन देख सकते हैं।
कमर का माप भी समय-समय पर नोट करें। इससे शरीर में होने वाले बदलावों को समझने में मदद मिल सकती है। याद रखें कि वजन नियंत्रित करने का लक्ष्य केवल मशीन पर दिखने वाला आंकड़ा कम करना नहीं, बल्कि बेहतर स्वास्थ्य और ऐसी दिनचर्या बनाना है जिसे लंबे समय तक अपनाया जा सके।

सर्दियों में क्या खाएं, जिससे वजन कंट्रोल करने में मिले मदद?
सर्दियों में मिलने वाली कई मौसमी सब्जियां और फल संतुलित आहार का हिस्सा बन सकते हैं। गाजर, मूली, पालक, मेथी, फूलगोभी, मटर और अन्य सब्जियों को भोजन में शामिल करें। इनके साथ दाल, चना, अंडे, दही या अन्य प्रोटीन स्रोत लेना उपयोगी हो सकता है।
नाश्ते में दलिया, ओट्स, सब्जियों वाला पोहा या संतुलित मात्रा में घर का बना पराठा लिया जा सकता है। दोपहर और रात के भोजन में सब्जियां, दाल और रोटी या चावल की उचित मात्रा शामिल करें।
भोजन के बीच भूख लगने पर फल, बिना ज्यादा तेल के बने स्नैक्स या थोड़ी मात्रा में मेवे चुन सकते हैं। हालांकि, मेवों में भी कैलोरी अधिक होती है, इसलिए उनकी मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी एक खाद्य पदार्थ को वजन घटाने का चमत्कारी उपाय न समझें। वजन नियंत्रित करने में संपूर्ण आहार, शारीरिक गतिविधि, नींद और नियमित दिनचर्या की संयुक्त भूमिका होती है।

सर्दियों में वजन बढ़ने की समस्या कई लोगों को परेशान कर सकती है, लेकिन इसका कारण केवल ठंड का मौसम नहीं है। ज्यादा कैलोरी वाला भोजन, शारीरिक गतिविधियों में कमी, नींद की गड़बड़ी और दिनचर्या में बदलाव भी इसके पीछे जिम्मेदार हो सकते हैं।
अगर आप सर्दियों में भी संतुलित आहार लेते हैं, नियमित रूप से चलते-फिरते हैं, पर्याप्त पानी पीते हैं और अच्छी नींद लेते हैं, तो वजन को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। जरूरत से ज्यादा सख्त डाइट या अचानक बहुत कठिन एक्सरसाइज शुरू करने के बजाय छोटे और टिकाऊ बदलाव अपनाएं।
अगर आपका वजन बिना किसी स्पष्ट कारण के तेजी से बढ़ रहा है, तो इसे केवल सर्दियों का असर मानकर नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होगा।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता और जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह किसी डॉक्टर की व्यक्तिगत सलाह, जांच या उपचार का विकल्प नहीं है। वजन बढ़ने के कारण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। यदि आपको लगातार वजन बढ़ने, थकान, सूजन या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या का अनुभव हो, तो योग्य डॉक्टर से परामर्श लें।

