By: Mala Mandal
Frizzy Hair Care Tips: क्या आपके बाल भी धोने के कुछ समय बाद रूखे, बेजान और उलझे हुए नजर आने लगते हैं? क्या बालों में कंघी करने के बाद भी उनका फूला हुआ और बिखरा हुआ लुक बना रहता है? अगर हां, तो संभव है कि आपके बाल फ्रिजीनेस यानी रूखेपन और अनियंत्रित बालों की समस्या से परेशान हों। खासकर बदलते मौसम, नमी, गर्म पानी से बाल धोने और गलत हेयर केयर रूटीन के कारण यह समस्या बढ़ सकती है। कई लोग फ्रिजी बालों को ठीक करने के लिए महंगे शैंपू, सीरम और हेयर मास्क का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मनचाहा परिणाम नहीं मिलता। इसकी एक वजह बालों की देखभाल के दौरान की जाने वाली कुछ आम गलतियां भी हो सकती हैं। बालों को बार-बार धोना, गीले बालों में जोर से कंघी करना, हीट स्टाइलिंग का अधिक इस्तेमाल करना और बालों को पर्याप्त कंडीशनिंग न देना उनकी नमी और बनावट को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, फ्रिजी बाल होना हमेशा गलत हेयर केयर का संकेत नहीं है। बालों की प्राकृतिक बनावट, मौसम में नमी, बालों को नुकसान पहुंचना और कुछ अन्य कारण भी इसकी वजह हो सकते हैं। सही देखभाल और नियमित रूटीन अपनाकर बालों को अधिक मुलायम, व्यवस्थित और चमकदार बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

आइए जानते हैं फ्रिजी हेयर क्या होते हैं, बालों के रूखे और बिखरे रहने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं और कौन सी 7 गलतियां आपको आज ही छोड़ देनी चाहिए।
फ्रिजी हेयर क्या होते हैं और क्यों बढ़ जाती है यह समस्या?
फ्रिजी हेयर ऐसे बालों को कहा जाता है जो रूखे, फूले हुए, उलझे हुए या बिखरे हुए दिखाई देते हैं। इनमें बालों की कुछ लटें बाकी बालों से अलग दिशा में खड़ी नजर आ सकती हैं। कई बार बालों को सुलझाने के बाद भी उनका स्मूद लुक बरकरार नहीं रहता। बालों की बाहरी परत को क्यूटिकल कहा जाता है। जब बालों की बाहरी परत को नुकसान पहुंचता है या बालों की नमी का संतुलन बिगड़ता है, तो बाल अधिक खुरदरे और उलझे हुए महसूस हो सकते हैं। हवा में नमी भी बालों की बनावट को प्रभावित कर सकती है, खासकर उन लोगों में जिनके बाल प्राकृतिक रूप से घुंघराले या वेवी होते हैं। बालों में फ्रिजीनेस बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे बार-बार हीट स्टाइलिंग करना, केमिकल ट्रीटमेंट लेना, कठोर शैंपू का इस्तेमाल करना, गीले बालों को जोर से रगड़ना और बालों की लंबाई के अनुसार कंडीशनिंग न करना। अगर आप भी फ्रिजी बालों से परेशान हैं, तो सबसे पहले अपने हेयर केयर रूटीन पर ध्यान दें। कई बार छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करने से बालों को संभालना आसान हो सकता है।

1. गीले बालों को तौलिए से जोर-जोर से रगड़ना छोड़ दें
बाल धोने के बाद उन्हें सुखाने के लिए तौलिए से जोर-जोर से रगड़ना एक आम गलती है। गीले बाल अपेक्षाकृत नाजुक होते हैं और इस दौरान अधिक खिंचाव या रगड़ से बालों की बाहरी परत को नुकसान पहुंच सकता है। इससे बाल उलझ सकते हैं और टूटने की समस्या भी बढ़ सकती है।अगर आप हर बार बाल धोने के बाद तौलिए से बालों को तेजी से रगड़ती हैं, तो इस आदत को बदलना बेहतर होगा। बालों से अतिरिक्त पानी निकालने के लिए मुलायम तौलिए या माइक्रोफाइबर टॉवल से धीरे-धीरे दबाकर पानी सोखें। बालों को प्राकृतिक रूप से सूखने का समय दें। यदि हेयर ड्रायर का इस्तेमाल करना जरूरी हो, तो कम तापमान या कम हीट सेटिंग चुनें और ड्रायर को बालों से उचित दूरी पर रखें। इस छोटे से बदलाव से बालों में अनावश्यक घर्षण कम करने और उन्हें संभालने में मदद मिल सकती है।

2. बालों को बार-बार गर्म पानी से धोना बंद करें
सर्दियों में गर्म पानी से नहाना अच्छा लगता है, लेकिन बहुत गर्म पानी से बाल धोने से बालों और सिर की त्वचा का प्राकृतिक तेल प्रभावित हो सकता है। इससे कुछ लोगों के बाल अधिक रूखे और खुरदरे महसूस हो सकते हैं। अगर आपके बाल पहले से ड्राई या फ्रिजी हैं, तो बहुत गर्म पानी से बाल धोने से बचें। इसके बजाय गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। बालों को धोते समय शैंपू को मुख्य रूप से स्कैल्प पर लगाएं और बालों की लंबाई को जोर से रगड़ने से बचें। बालों की लंबाई और सिर की त्वचा के अनुसार शैंपू करने की आवृत्ति तय करें। हर किसी के लिए रोज शैंपू करना जरूरी नहीं होता। यदि आपकी स्कैल्प ऑयली है या आपको अधिक पसीना आता है, तो बाल धोने की जरूरत अलग हो सकती है। ध्यान रखें कि केवल ठंडे पानी से बाल धोना फ्रिजीनेस का निश्चित इलाज नहीं है। सही शैंपू, कंडीशनर और बालों को संभालने का तरीका अधिक महत्वपूर्ण है।

3. हर बार शैंपू करने के बाद कंडीशनर लगाना न भूलें
फ्रिजी बालों की देखभाल में कंडीशनर की अहम भूमिका हो सकती है। शैंपू से स्कैल्प और बालों की सफाई होती है, जबकि कंडीशनर बालों की लंबाई को मुलायम बनाने, उलझन कम करने और कंघी करना आसान बनाने में मदद करता है। अगर आप बाल धोते समय केवल शैंपू लगाती हैं और कंडीशनर छोड़ देती हैं, तो आपके बाल अधिक रूखे और उलझे हुए महसूस हो सकते हैं। कंडीशनर को बालों की लंबाई और सिरों पर लगाएं। इसे सीधे स्कैल्प पर लगाने से बचें, खासकर अगर आपकी स्कैल्प ऑयली रहती है। उत्पाद पर दिए गए निर्देशों के अनुसार इसे कुछ समय तक बालों पर रहने दें और फिर अच्छी तरह धो लें। अगर आपके बाल बहुत ज्यादा रूखे हैं, तो अपनी जरूरत के अनुसार लीव-इन कंडीशनर भी इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे बालों को सुलझाने और फ्रिजीनेस को संभालने में मदद मिल सकती है। हालांकि, हर उत्पाद हर व्यक्ति के बालों पर एक जैसा असर नहीं करता। इसलिए अपने बालों की बनावट और जरूरत के अनुसार सही उत्पाद चुनना जरूरी है।

4. गीले बालों में जोर से कंघी करना छोड़ दें
बाल धोने के तुरंत बाद उनमें जोर-जोर से कंघी करना भी फ्रिजीनेस और बाल टूटने की समस्या को बढ़ा सकता है। गीले बालों में खिंचाव से नुकसान होने की आशंका रहती है, खासकर जब बाल बहुत उलझे हुए हों। अगर आपके बाल घुंघराले या वेवी हैं, तो सूखे बालों में बार-बार कंघी करने से भी उनका प्राकृतिक पैटर्न बिगड़ सकता है और बाल अधिक फूले हुए नजर आ सकते हैं। बालों को सुलझाने के लिए चौड़े दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करें। पहले बालों के सिरों को धीरे-धीरे सुलझाएं और फिर ऊपर की ओर बढ़ें। बालों को जड़ों से खींचकर सुलझाने की कोशिश न करें। घुंघराले बालों को कंडीशनर लगे होने पर या उपयुक्त लीव-इन उत्पाद के साथ सुलझाना अधिक सुविधाजनक हो सकता है। वहीं, सीधे बालों को भी धीरे-धीरे सुलझाना चाहिए। कंघी करते समय जल्दबाजी न करें। हल्के हाथों से बालों को संभालने से टूटने और अनावश्यक उलझन को कम करने में मदद मिल सकती है।

5. हेयर स्ट्रेटनर और कर्लर का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करें
बालों को सीधा करने, कर्ल बनाने या जल्दी सुखाने के लिए हेयर स्ट्रेटनर, कर्लर और ब्लो ड्रायर का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, बार-बार अधिक तापमान पर हीट स्टाइलिंग करने से बालों को नुकसान पहुंच सकता है। जब बालों को लगातार तेज गर्मी मिलती है, तो उनकी बाहरी संरचना प्रभावित हो सकती है। इससे बाल रूखे, कमजोर और अधिक फ्रिजी नजर आ सकते हैं। पहले से केमिकल ट्रीटमेंट किए गए बालों में अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। अगर आप रोजाना स्ट्रेटनर का इस्तेमाल करती हैं, तो इसकी आवृत्ति कम करने की कोशिश करें। बालों को प्राकृतिक रूप से सूखने का समय दें और जरूरत पड़ने पर हीट स्टाइलिंग करें। हीट स्टाइलिंग से पहले उपयुक्त हीट प्रोटेक्टेंट उत्पाद का इस्तेमाल करें। ध्यान रखें कि हीट प्रोटेक्टेंट बालों को पूरी तरह नुकसान से सुरक्षित नहीं करता, इसलिए तापमान और इस्तेमाल की आवृत्ति नियंत्रित रखना जरूरी है। बालों को सुंदर दिखाने के लिए रोजाना हीट देना जरूरी नहीं है। सही कटिंग, कंडीशनिंग और बालों की प्राकृतिक बनावट के अनुसार स्टाइल चुनकर भी उन्हें अच्छा लुक दिया जा सकता है।

6. बालों में जरूरत से ज्यादा शैंपू और केमिकल उत्पाद लगाना बंद करें
कई लोग फ्रिजी बालों को ठीक करने के लिए एक साथ कई उत्पाद इस्तेमाल करने लगते हैं। कभी नया शैंपू, कभी हेयर मास्क, तो कभी अलग-अलग सीरम और घरेलू नुस्खे आजमाए जाते हैं। लेकिन अधिक उत्पाद इस्तेमाल करने से जरूरी नहीं कि बाल बेहतर हो जाएं। कुछ शैंपू बालों की लंबाई को अधिक रूखा महसूस करा सकते हैं। वहीं, बार-बार हेयर कलर, ब्लीचिंग या केमिकल स्ट्रेटनिंग कराने से बालों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए ऐसा शैंपू चुनें जो आपकी स्कैल्प और बालों की जरूरत के अनुकूल हो। यदि बाल रूखे हैं, तो मॉइस्चराइजिंग या ड्राई हेयर के लिए बने उत्पाद उपयोगी हो सकते हैं। कंडीशनर और जरूरत के अनुसार लीव-इन उत्पाद को रूटीन में शामिल करें। एक साथ कई नए उत्पाद शुरू करने के बजाय एक समय में एक उत्पाद आजमाएं। इससे यह समझने में आसानी होगी कि कौन सा उत्पाद आपके बालों के लिए उपयुक्त है। यदि किसी उत्पाद से स्कैल्प में खुजली, जलन या लालिमा होती है, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें। लगातार परेशानी होने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।

7. बालों के सिरों की देखभाल को नजरअंदाज न करें
बालों की लंबाई बढ़ाने की इच्छा में कई लोग लंबे समय तक ट्रिमिंग नहीं करवाते। लेकिन यदि बालों के सिरे दोमुंहे, खुरदरे या बुरी तरह उलझे हुए हैं, तो उन्हें संभालना मुश्किल हो सकता है। दोमुंहे बालों को तेल या सीरम लगाकर स्थायी रूप से जोड़ा नहीं जा सकता। ऐसे उत्पाद बालों को अस्थायी रूप से मुलायम और व्यवस्थित दिखा सकते हैं, लेकिन क्षतिग्रस्त हिस्से को स्थायी रूप से ठीक नहीं करते। अगर बालों के सिरे बहुत ज्यादा खराब हो गए हैं, तो जरूरत के अनुसार थोड़ी ट्रिमिंग करवाना उपयोगी हो सकता है। इससे क्षतिग्रस्त सिरों को हटाने और बालों को संभालने में मदद मिल सकती है। बालों की लंबाई के अनुसार कंडीशनर लगाएं और जरूरत पड़ने पर थोड़ी मात्रा में उपयुक्त हेयर सीरम का इस्तेमाल करें। रात में बालों को बहुत कसकर बांधने से बचें और सोते समय बालों में अत्यधिक खिंचाव न होने दें। ध्यान रखें कि बाल कटवाने से उनकी जड़ों से बढ़ने की गति नहीं बढ़ती, लेकिन दोमुंहे सिरों को हटाने से बालों का लुक और उन्हें संभालना बेहतर हो सकता है।

फ्रिजी बालों को मुलायम बनाने के लिए कैसा होना चाहिए आपका हेयर केयर रूटीन?
अगर आपके बाल बार-बार रूखे और उलझे हुए हो जाते हैं, तो एक आसान और नियमित हेयर केयर रूटीन अपनाना मददगार हो सकता है। बाल धोने से पहले यदि आपको तेल लगाना पसंद है, तो अपनी स्कैल्प और बालों की जरूरत के अनुसार थोड़ी मात्रा में तेल इस्तेमाल कर सकती हैं। तेल लगाना हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है और इससे बालों के बढ़ने या फ्रिजीनेस ठीक होने की गारंटी भी नहीं होती। बाल धोते समय शैंपू मुख्य रूप से स्कैल्प पर लगाएं। इसके बाद बालों की लंबाई और सिरों पर कंडीशनर लगाएं। बालों को तौलिए से रगड़ने के बजाय हल्के हाथों से सुखाएं और उलझन दूर करने के लिए चौड़े दांतों वाली कंघी इस्तेमाल करें। बालों के सूखने के बाद जरूरत के अनुसार थोड़ी मात्रा में लीव-इन कंडीशनर या हेयर सीरम लगा सकती हैं। उत्पाद को बालों की लंबाई पर लगाएं और उसकी मात्रा बालों की मोटाई तथा लंबाई के अनुसार रखें। इसके अलावा, संतुलित आहार लें। भोजन में पर्याप्त प्रोटीन, फल, सब्जियां और अन्य पोषक तत्व शामिल करें। यदि बालों का झड़ना बहुत ज्यादा है या बालों की गुणवत्ता में अचानक बदलाव आया है, तो केवल हेयर ऑयल पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।

क्या नारियल तेल लगाने से फ्रिजी बाल ठीक हो सकते हैं?
नारियल तेल का इस्तेमाल बालों की देखभाल में लंबे समय से किया जाता रहा है। कुछ शोधों के अनुसार, नारियल तेल बालों की प्रोटीन संबंधी क्षति को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, इससे हर प्रकार की फ्रिजीनेस पूरी तरह खत्म हो जाएगी, ऐसा कहना सही नहीं है। अगर आपके बाल नारियल तेल लगाने से मुलायम महसूस होते हैं, तो आप अपनी जरूरत के अनुसार इसका इस्तेमाल कर सकती हैं। बालों की लंबाई पर थोड़ी मात्रा में तेल लगाना कुछ लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है। लेकिन यदि आपकी स्कैल्प ऑयली है, रूसी की समस्या है या तेल लगाने से खुजली बढ़ती है, तो सावधानी बरतें। हर व्यक्ति के बालों और स्कैल्प की जरूरत अलग होती है। बालों में तेल लगाने के साथ-साथ सही शैंपू, कंडीशनर और कम हीट स्टाइलिंग पर ध्यान देना भी जरूरी है।

फ्रिजी हेयर की समस्या से परेशान होने की जरूरत नहीं है। बालों की प्राकृतिक बनावट, मौसम में नमी और हेयर केयर की कुछ आदतें बालों के रूखे और बिखरे हुए दिखने की वजह बन सकती हैं। बहुत गर्म पानी से बाल धोना, गीले बालों को जोर से रगड़ना, कंडीशनर न लगाना, बार-बार हीट स्टाइलिंग करना और बालों को गलत तरीके से सुलझाना ऐसी आदतें हैं जिन्हें बदला जा सकता है। अगर आप अपने बालों को मुलायम, व्यवस्थित और चमकदार बनाए रखना चाहती हैं, तो नियमित देखभाल के साथ सही उत्पादों का इस्तेमाल करें। बालों की जरूरत के अनुसार शैंपू और कंडीशनर चुनें, हीट स्टाइलिंग कम करें और बालों को धीरे-धीरे सुलझाएं।
याद रखें कि हर व्यक्ति के बाल अलग होते हैं। इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति का हेयर केयर रूटीन अपनाने के बजाय अपने बालों की बनावट और जरूरत के अनुसार देखभाल करना अधिक उपयोगी होगा।
लेख सामान्य जानकारी और हेयर केयर जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। बालों की समस्या के कारण व्यक्ति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। यदि बालों में लगातार टूटने, अत्यधिक झड़ने, स्कैल्प में खुजली या अन्य परेशानी का अनुभव हो, तो योग्य त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।
