By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 1 June 2026: आज 1 जून 2026, सोमवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है और इसी के साथ कृष्ण पक्ष की शुरुआत भी हो रही है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल के अनुसार आज ज्येष्ठा नक्षत्र और सिद्ध योग का विशेष संयोग बन रहा है, जो कई शुभ कार्यों के लिए लाभकारी माना जाता है। सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है, इसलिए आज शिव पूजा और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है।

आज सूर्य उत्तरायण में रहेंगे और ग्रीष्म ऋतु का प्रभाव जारी रहेगा। पंचांग के अनुसार आज राहुकाल सुबह 07:30 बजे से 09:00 बजे तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। वहीं अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल जैसे शुभ समय में पूजा-पाठ, खरीदारी, निवेश और नए कार्यों की शुरुआत करना शुभ माना गया है।
आज का पंचांग 1 जून 2026
अंग्रेजी तारीख: 1 जून 2026
दिन: सोमवार
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: कृष्ण प्रतिपदा सायं 04 बजकर 37 मिनट तक, इसके बाद द्वितीया तिथि प्रारंभ
नक्षत्र: ज्येष्ठा नक्षत्र सायं 07 बजकर 08 मिनट तक, इसके बाद मूल नक्षत्र
योग: सिद्ध योग प्रातः 06 बजकर 19 मिनट तक, इसके बाद साध्य योग
करण: कौलव करण सायं 04 बजकर 37 मिनट तक, इसके बाद तैतिल करण

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 05:24 बजे
सूर्यास्त का समय: सायं 07:14 बजे
चंद्रोदय का समय: रात्रि 08:30 बजे
चंद्रास्त का समय: प्रातः 05:35 बजे (2 जून 2026)
आज चंद्रमा पहले वृश्चिक राशि में रहेंगे और सायं 07:08 बजे के बाद धनु राशि में प्रवेश करेंगे। चंद्रमा की यह स्थिति कई राशियों के जीवन में मानसिक और भावनात्मक बदलाव ला सकती है।
आज का शुभ मुहूर्त 1 जून 2026
अभिजीत मुहूर्त:
दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक
अमृत काल:
प्रातः 09 बजकर 16 मिनट से 11 बजकर 03 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त:
सुबह 03 बजकर 52 मिनट से 04 बजकर 38 मिनट तक
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन शुभ मुहूर्तों में पूजा-पाठ, मांगलिक कार्य, खरीदारी, निवेश और नई योजनाओं की शुरुआत करना बेहद शुभ माना जाता है।

आज का अशुभ मुहूर्त 1 जून 2026
राहुकाल:
सुबह 07:30 बजे से 09:00 बजे तक
गुलिक काल:
दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक
यमगंड काल:
सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
इन समयों में नए और शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है।

आज का नक्षत्र: ज्येष्ठा नक्षत्र
आज चंद्रदेव ज्येष्ठा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। ज्येष्ठा नक्षत्र वृश्चिक राशि के अंतर्गत आता है और इसका स्वामी बुधदेव को माना जाता है। इस नक्षत्र के देवता इंद्र हैं, जिन्हें देवताओं का राजा कहा जाता है।
ज्येष्ठा नक्षत्र का स्थान:
16°40’ वृश्चिक राशि से 30°00’ वृश्चिक राशि तक
नक्षत्र स्वामी: बुधदेव
राशि स्वामी: मंगलदेव
देवता: इंद्र
प्रतीक चिन्ह: कुंडल, छाता और ताबीज
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठा नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग बुद्धिमान, साहसी और कुशल योजनाकार होते हैं। ऐसे लोग कठिन परिस्थितियों में भी बेहतर निर्णय लेने की क्षमता रखते हैं। ये आत्मसम्मानी, तार्किक और अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित माने जाते हैं।

सोमवार का महत्व
सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करने और जलाभिषेक करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। अविवाहित लोगों के लिए भी सोमवार का व्रत और शिव पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।
आज का उपाय
आज भगवान शिव का जल से अभिषेक करें और सफेद चंदन का तिलक लगाएं। सोमवार के दिन जरूरतमंद लोगों को दूध, मिश्री या सफेद वस्त्र का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और कार्यों में सफलता मिलने लगती है।

आज का व्रत और त्योहार
आज से कृष्ण पक्ष की शुरुआत हो रही है। धार्मिक दृष्टि से यह समय साधना, पूजा और आत्मचिंतन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
आज का पंचांग ग्रहों और नक्षत्रों की चाल के आधार पर दिनभर के शुभ और अशुभ समय की जानकारी देता है। यदि आप आज किसी महत्वपूर्ण कार्य की योजना बना रहे हैं तो शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
यह पंचांग और ज्योतिषीय जानकारी धार्मिक मान्यताओं एवं सामान्य गणनाओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

