By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 11 August 2026: आज 11 अगस्त 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है। सावन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि होने के कारण आज सावन शिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जा रहा है। भगवान शिव की आराधना, शिवलिंग पर जलाभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र के जाप के लिए आज का दिन विशेष माना जाता है। ऐसे में अगर आप कांवड़ यात्रा से लौटकर भगवान शिव को जल चढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं तो आज के पंचांग के अनुसार शुभ और अशुभ समय की जानकारी जरूर जान लें।

आज की तिथि, वार और नक्षत्र
हिंदू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार है और सावन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। यह चतुर्दशी तिथि 12 अगस्त की रात करीब 1:52 बजे तक रहने की जानकारी दी गई है, इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू होगी। आज पुनर्वसु नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। चंद्रमा कर्क राशि में स्थित रहेगा।
आज सावन शिवरात्रि का पावन संयोग
11 अगस्त को सावन शिवरात्रि होने के कारण शिव भक्तों के लिए आज का दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। कांवड़ यात्रा से लौटे श्रद्धालु भी अपनी श्रद्धा के अनुसार शिवलिंग पर गंगाजल और पवित्र जल अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

कांवड़ से लाया जल कब चढ़ाएं?
आज सावन शिवरात्रि होने के कारण कांवड़िए और शिव भक्त जलाभिषेक के लिए शुभ समय का ध्यान रख सकते हैं। पंचांग गणना के अनुसार आज अभिजीत मुहूर्त लगभग दोपहर 11:59 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा। इस दौरान किए गए शुभ कार्यों को धार्मिक मान्यताओं में विशेष महत्व दिया जाता है।
हालांकि शिवरात्रि पर शिवलिंग का जलाभिषेक केवल अभिजीत मुहूर्त तक सीमित नहीं माना जाता। पूजा की स्थानीय परंपरा, मंदिर के नियम और शिवरात्रि के प्रदोष या रात्रि पूजा समय के अनुसार भी जलाभिषेक किया जाता है। इसलिए कांवड़ से लाया गया जल चढ़ाने वाले श्रद्धालु अपने स्थानीय मंदिर की पूजा व्यवस्था का भी ध्यान रखें।

आज का अभिजीत मुहूर्त
11 अगस्त 2026 को अभिजीत मुहूर्त लगभग 11:59 AM से 12:53 PM तक रहेगा। यह समय दिन के प्रमुख शुभ मुहूर्तों में माना जाता है। जरूरी शुभ कार्य, पूजा-पाठ और धार्मिक संकल्प के लिए इस समय का उपयोग किया जा सकता है।
आज का राहुकाल कब से कब तक?
आज मंगलवार होने के कारण राहुकाल दोपहर के बाद रहेगा। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार 11 अगस्त 2026 को राहुकाल लगभग 3:45 PM से 5:25 PM तक रहेगा। इस अवधि में नए शुभ कार्य, महत्वपूर्ण शुरुआत या अन्य मांगलिक कार्य करने से बचने की धार्मिक परंपरा है।

आज का यमगंड और गुलिक काल
पंचांग के अनुसार आज यमगंड का समय लगभग सुबह 9:07 बजे से 10:46 बजे तक रहेगा। वहीं गुलिक काल दोपहर 12:26 बजे से 2:06 बजे तक रहने की जानकारी है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में भी नए शुभ कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है।
आज का विजय मुहूर्त
11 अगस्त को विजय मुहूर्त लगभग दोपहर 2:39 बजे से 3:32 बजे तक रहेगा। धार्मिक ज्योतिषीय मान्यताओं में विजय मुहूर्त को ऐसे कार्यों के लिए शुभ माना जाता है जिनमें सफलता और विजय की कामना की जाती है।

आज का सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग गणना के अनुसार 11 अगस्त को सूर्योदय लगभग सुबह 5:48 बजे और सूर्यास्त करीब शाम 7:04 बजे होगा। स्थान के अनुसार सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।
आज का योग और करण
आज सिद्धि योग शाम करीब 6:52 बजे तक रहने की जानकारी है। इसके बाद व्यतीपात योग शुरू होगा। वहीं विष्टि करण दोपहर करीब 3:22 बजे तक रहेगा और उसके बाद शकुनि करण का प्रभाव रहेगा।

सावन शिवरात्रि पर कैसे करें भगवान शिव की पूजा?
सावन शिवरात्रि के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान शिव का ध्यान करें। इसके बाद शिवलिंग पर श्रद्धापूर्वक जल या गंगाजल अर्पित करें। अपनी परंपरा के अनुसार दूध, बेलपत्र, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की जा सकती है। भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करना भी शुभ माना जाता है।
कांवड़ से लाए गए जल को शिवलिंग पर अर्पित करते समय मन में श्रद्धा और सकारात्मक भावना रखें। यदि मंदिर में जल चढ़ाने के लिए कोई निर्धारित व्यवस्था या समय है, तो उसका पालन करना सबसे उचित रहेगा।

आज के पंचांग में क्यों खास है 11 अगस्त?
11 अगस्त 2026 को सावन शिवरात्रि, कृष्ण पक्ष चतुर्दशी और भगवान शिव की पूजा का विशेष संयोग होने के कारण यह दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। शिव भक्तों के लिए आज का दिन व्रत, जलाभिषेक, मंत्र जाप और रात्रि पूजा के लिए विशेष माना जा रहा है।
आज के दिन क्या ध्यान रखें?
आज पूजा-पाठ के दौरान मन को शांत रखें और भगवान शिव का श्रद्धापूर्वक स्मरण करें। राहुकाल और अन्य अशुभ काल में नए महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है। वहीं जलाभिषेक के लिए अपने स्थानीय मंदिर की व्यवस्था और क्षेत्रीय पंचांग को प्राथमिकता दें, क्योंकि अलग-अलग शहरों में मुहूर्त के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।

आज का पंचांग एक नजर में
दिन: मंगलवार
तारीख: 11 अगस्त 2026
मास: सावन
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: चतुर्दशी
नक्षत्र: पुनर्वसु
चंद्र राशि: कर्क
सावन शिवरात्रि: आज

अभिजीत मुहूर्त: लगभग 11:59 AM से 12:53 PM
विजय मुहूर्त: लगभग 2:39 PM से 3:32 PM
राहुकाल: लगभग 3:45 PM से 5:25 PM
यमगंड: लगभग 9:07 AM से 10:46 AM
गुलिक काल: लगभग 12:26 PM से 2:06 PM
सूर्योदय: लगभग 5:48 AM
सूर्यास्त: लगभग 7:04 PM
यह लेख पंचांग और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। शुभ-अशुभ समय की गणना स्थान, सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकती है। पूजा, व्रत और धार्मिक अनुष्ठान से संबंधित किसी विशेष निर्णय के लिए अपने स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य की सलाह लेना उचित है।

