By: Vikash Kumar (Vicky)
Aaj Ka Panchang 21 September 2026: आज 21 सितंबर 2026, सोमवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। दशमी तिथि आज रात करीब 8 बजे तक रहेगी, इसके बाद एकादशी तिथि शुरू हो जाएगी। ऐसे में आज के दिन पूजा-पाठ, धार्मिक कार्य और शुभ काम करने से पहले तिथि, नक्षत्र, अभिजित मुहूर्त और राहुकाल की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा। आज उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। पंचांग के अनुसार सूर्य कन्या राशि में स्थित हैं, जबकि चंद्रमा दिन के दौरान धनु से मकर राशि की ओर प्रवेश करेंगे। आज के पंचांग में शुभ और अशुभ समय को ध्यान में रखकर दिन की शुरुआत करने की परंपरा है।

आज की तिथि और वार
आज सोमवार है और भाद्रपद शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। दशमी तिथि रात करीब 8:01 बजे तक रहने के बाद एकादशी तिथि आरंभ होगी। धार्मिक मान्यताओं में दशमी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है और इस दिन पूजा-पाठ तथा धार्मिक गतिविधियां की जाती हैं।
वार: सोमवार
तिथि: भाद्रपद शुक्ल दशमी
दशमी तिथि समाप्त: रात करीब 8:01 बजे
इसके बाद: शुक्ल एकादशी
नक्षत्र: उत्तराषाढ़ा
सूर्य राशि: कन्या
चंद्र राशि: धनु से मकर

आज का अभिजित मुहूर्त कब है?
21 सितंबर 2026 को अभिजित मुहूर्त दोपहर के समय रहेगा। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार आज अभिजित मुहूर्त लगभग सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक रहेगा। इस अवधि को परंपरागत रूप से शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि आप कोई शुभ कार्य शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो स्थानीय सूर्योदय के अनुसार समय में मामूली अंतर संभव है। इसलिए किसी विशेष धार्मिक संस्कार या बड़े मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग से समय मिलान करना उचित रहेगा।

आज का राहुकाल कब है?
पंचांग में राहुकाल को शुभ कार्यों के लिए सामान्यतः टालने की सलाह दी जाती है। 21 सितंबर 2026 को राहुकाल का समय लगभग सुबह 7:43 बजे से 9:13 बजे तक बताया गया है। इस दौरान नया शुभ कार्य शुरू करने से बचने की धार्मिक मान्यता है। हालांकि राहुकाल की गणना सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर निर्भर करती है, इसलिए अलग-अलग शहरों में इसके समय में कुछ अंतर हो सकता है।

आज का सूर्योदय और सूर्यास्त
21 सितंबर 2026 को उपलब्ध पंचांग के अनुसार सूर्य उदय लगभग सुबह 6:12 बजे और सूर्यास्त लगभग शाम 6:15 बजे बताया गया है। चंद्रमा का उदय लगभग दोपहर 3:10 बजे और अस्त अगले दिन रात करीब 1:43 बजे बताया गया है।
आज का ब्रह्म मुहूर्त
दिन की शुरुआत पूजा, ध्यान और आध्यात्मिक साधना से करने वालों के लिए ब्रह्म मुहूर्त को विशेष माना जाता है। आज ब्रह्म मुहूर्त लगभग सुबह 4:37 बजे से 5:25 बजे तक रहेगा। इस समय ध्यान, मंत्र जाप और पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है।

आज का नक्षत्र
आज उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रहेगा। पंचांग के अनुसार उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का समय सुबह से अगले दिन तक रहने वाला है। ज्योतिषीय परंपरा में नक्षत्रों के आधार पर दिन के शुभ-अशुभ समय का आकलन किया जाता है।
आज कौन सा योग है?
21 सितंबर को पंचांग में विभिन्न योगों का उल्लेख मिलता है। आज के दिन रवि योग और अन्य योगों का भी उल्लेख पंचांग स्रोतों में किया गया है। शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त तय करते समय तिथि, नक्षत्र, योग और करण सभी को ध्यान में रखने की परंपरा है।

आज पूजा-पाठ के लिए क्या खास है?
सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता के अनुसार सोमवार को शिवलिंग पर जल अर्पित करना, भगवान शिव का ध्यान करना और शिव मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार पूजा कर सकते हैं। आज भाद्रपद शुक्ल दशमी होने के कारण धार्मिक गतिविधियों के लिए भी दिन महत्वपूर्ण माना जा सकता है। हालांकि किसी विशेष व्रत या धार्मिक अनुष्ठान के नियम अलग-अलग परंपराओं और पंचांगों के अनुसार अलग हो सकते हैं।
आज के शुभ मुहूर्त पर एक नजर
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:37 बजे से 5:25 बजे तक
सूर्योदय: सुबह 6:12 बजे के आसपास
राहुकाल: सुबह 7:43 बजे से 9:13 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक
सूर्यास्त: शाम 6:15 बजे के आसपास
ये समय उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार हैं और स्थान के अनुसार इनमें अंतर हो सकता है।

आज क्या करें और किन बातों का रखें ध्यान?
आज सुबह स्नान के बाद भगवान की पूजा और ध्यान से दिन की शुरुआत कर सकते हैं। सोमवार होने के कारण भगवान शिव की आराधना करना शुभ माना जाता है। यदि आप कोई नया काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो राहुकाल से बचते हुए शुभ मुहूर्त का चयन कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार किसी भी शुभ कार्य के लिए केवल एक मुहूर्त ही नहीं, बल्कि अपनी जन्मकुंडली, स्थान और कार्य की प्रकृति को भी ध्यान में रखना चाहिए। बड़े मांगलिक कार्यों के लिए योग्य पंडित या ज्योतिष विशेषज्ञ से व्यक्तिगत मुहूर्त लेना बेहतर माना जाता है।

21 सितंबर 2026 पंचांग का महत्व
आज का दिन इसलिए भी खास है क्योंकि शुक्ल पक्ष की दशमी के बाद एकादशी तिथि शुरू होगी। 22 सितंबर को परिवर्तिनी एकादशी मनाई जाएगी, इसलिए आज एकादशी से पहले की तैयारियों और धार्मिक नियमों को जानने वाले लोगों के लिए भी पंचांग महत्वपूर्ण हो सकता है।
यह जानकारी पंचांग और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त और अन्य समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। किसी विशेष पूजा, व्रत, विवाह, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग और योग्य पंडित से समय की पुष्टि करें। धार्मिक मान्यताओं को व्यक्तिगत आस्था के रूप में समझें।

