By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 14 August 2026: आज 14 अगस्त 2026, शुक्रवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। आज चंद्रमा सिंह राशि में रहेंगे और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। पंचांग के अनुसार सुबह परिघ योग के बाद शिव योग का निर्माण होगा। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है, इसलिए आज शिव पूजा के साथ शुक्रवार होने के कारण माता लक्ष्मी की आराधना का भी विशेष महत्व माना जाता है। आज के दिन पूजा-पाठ, मंत्र जाप और धार्मिक कार्यों के साथ पंचांग में दिए गए शुभ-अशुभ समय का ध्यान रखना उपयोगी माना जाता है।

आज की तिथि और पंचांग की मुख्य जानकारी
आज शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को श्रावण शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि शाम करीब 6:47 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी। आज पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो अगले दिन तड़के तक रहने के बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा। आज सुबह तक परिघ योग रहेगा और इसके बाद शिव योग प्रारंभ होगा। करणा की बात करें तो सुबह बालव के बाद कौलव करण रहेगा। चंद्रमा आज सिंह राशि में स्थित रहेंगे।

14 अगस्त 2026 का पूरा पंचांग
वार: शुक्रवार
तिथि: शुक्ल द्वितीया, शाम 6:47 बजे तक
इसके बाद: शुक्ल तृतीया
पक्ष: शुक्ल पक्ष
मास: श्रावण
नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी
नक्षत्र परिवर्तन: 15 अगस्त की सुबह के बाद उत्तराफाल्गुनी

योग: परिघ, इसके बाद शिव योग
करण: बालव, इसके बाद कौलव
चंद्र राशि: सिंह
सूर्य राशि: कर्क
ऋतु: वर्षा
विक्रम संवत: 2083
शक संवत: 1948
दिन: शुक्रवार
पंचांग के ये समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं, इसलिए स्थानीय शहर के पंचांग को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है।

आज का राहुकाल कब रहेगा?
शुक्रवार को राहुकाल का समय स्थान के अनुसार बदलता है। दिल्ली के लिए 14 अगस्त को राहुकाल लगभग सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:25 बजे तक बताया गया है। इस अवधि में नए और महत्वपूर्ण शुभ कार्य शुरू करने से बचने की धार्मिक परंपरा है। दूसरे शहरों में राहुकाल का समय अलग हो सकता है। उदाहरण के लिए कुछ स्थानों के पंचांग में यह समय कुछ मिनट आगे-पीछे दिया गया है। इसलिए किसी बड़े शुभ कार्य के लिए अपने शहर के अनुसार पंचांग देखना उचित रहेगा।

आज का शुभ मुहूर्त
दिल्ली के पंचांग के अनुसार आज अभिजीत मुहूर्त लगभग सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह करीब 4:23 बजे से 5:06 बजे तक बताया गया है। हालांकि शुभ मुहूर्त भी स्थान के अनुसार बदलता है। इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, खरीदारी या किसी बड़े मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग के समय को ही मानना चाहिए।

आज चंद्र दर्शन का भी महत्व
अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि चंद्रमा के बढ़ते चरण का हिस्सा होती है। आज चंद्र दर्शन से जुड़ा धार्मिक महत्व भी बताया जाता है। शुक्ल पक्ष में चंद्रमा धीरे-धीरे बढ़ता है और आने वाले दिनों में उसका आकार स्पष्ट रूप से बढ़ता दिखाई देता है। धार्मिक मान्यताओं में चंद्र दर्शन को शुभ माना जाता है। शाम को आकाश साफ होने पर चंद्रमा के दर्शन कर श्रद्धा के अनुसार प्रार्थना की जा सकती है।

शुक्रवार को करें माता लक्ष्मी की पूजा
आज शुक्रवार होने के कारण माता लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना जाता है। घर की साफ-सफाई करने के बाद शाम के समय मां लक्ष्मी के सामने दीपक जलाएं। अपनी श्रद्धा के अनुसार लक्ष्मी मंत्र का जाप करें और माता को खीर या किसी मीठे व्यंजन का भोग लगा सकते हैं। मान्यता है कि शुक्रवार का दिन धन और समृद्धि की देवी माता लक्ष्मी की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। हालांकि पूजा-पद्धति अलग-अलग परंपराओं और परिवारों में अलग हो सकती है।

सावन में करें भगवान शिव की आराधना
श्रावण मास भगवान शिव की भक्ति के लिए विशेष माना जाता है। आज शिवलिंग पर जल अर्पित कर भगवान शिव का ध्यान किया जा सकता है। श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार बेलपत्र, फूल और अन्य पूजा सामग्री अर्पित कर सकते हैं।
ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप भी किया जा सकता है। यदि किसी कारण मंदिर जाना संभव न हो तो घर पर भी श्रद्धापूर्वक भगवान शिव की पूजा की जा सकती है।

आज क्या करें?
सुबह स्नान के बाद भगवान शिव की पूजा करें।
शिवलिंग पर श्रद्धा के अनुसार जल अर्पित करें।
ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।
शुक्रवार होने के कारण माता लक्ष्मी की पूजा करें।
घर में साफ-सफाई रखें और शाम को दीपक जलाएं।
जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करें।
महत्वपूर्ण काम शुरू करने से पहले राहुकाल और अन्य अशुभ समय का ध्यान रखें।

आज किन बातों का रखें ध्यान?
राहुकाल में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की परंपरा है। किसी महत्वपूर्ण काम के लिए केवल सामान्य पंचांग पर निर्भर रहने के बजाय अपने शहर का स्थानीय पंचांग देखना बेहतर है। आज आर्थिक मामलों में भी सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार को माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए घर को साफ-सुथरा रखना और नकारात्मकता से बचना शुभ माना जाता है।
आज का पंचांग क्यों है खास?
14 अगस्त का दिन इसलिए भी खास है क्योंकि आज श्रावण शुक्ल द्वितीया तिथि है और दिन शुक्रवार है। सुबह परिघ योग के बाद शिव योग का निर्माण होना पंचांग की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। साथ ही चंद्रमा सिंह राशि में रहेंगे और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। सावन, शुक्रवार और शुक्ल पक्ष की तिथि का यह संयोग धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों के लिए पूजा-पाठ और आध्यात्मिक गतिविधियों का अच्छा अवसर माना जा सकता है।
यह लेख पंचांग और प्रचलित धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, राहुकाल और शुभ मुहूर्त के समय शहर और स्थान के अनुसार कुछ अंतर हो सकता है। यहां दी गई धार्मिक जानकारी को आस्था और परंपरा के संदर्भ में पढ़ें। किसी भी महत्वपूर्ण मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से सलाह लेना उचित रहेगा।

